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भव्य सम्मान समारोह: SC के न्यायमूर्ति पंकज मित्थल बोले- बरगद के पेड़ की तरह होते हैं बुजुर्ग, ये हुए सम्मानित

Sun, 19 May 2024 12:11 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Sun, 19 May 2024 12:11 AM IST
सार

Meerut News : सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति पंकज मित्थल ने कहा कि बुजुर्ग बरगद के पेड़ की तरह होते हैं। इनका सम्मान, आदर और सत्कार करते रहना चाहिए, इनकी पूजा करनी चाहिए।

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Supreme Court judge Pankaj Mitthal said elders are like banyan trees, they should be worshipped
मेरठ बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित भव्य समारोह। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वकालत के पेशे में पांच दशक पूरा करने वाले दर्जनों वकीलों को मेरठ बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित भव्य समारोह में सम्मानित किया गया। बतौर मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति पंकज मित्थल ने सभी अधिवक्ताओं को यह सम्मान प्रदान किया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली, इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक चौधरी और प्रशासनिक जज ललित कुमार राय, जिला जज मेरठ रजत सिंह जैन, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ मंच पर मौजूद रहे।

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सम्मान समारोह में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति पंकज मित्थल ने कहा कि बुजुर्ग बरगद के पेड़ की तरह होते हैं। इनका सम्मान, आदर और सत्कार करते रहना चाहिए, इनकी पूजा करनी चाहिए। अनुभव, ज्ञान, बुद्धि और विवेक उम्र के साथ-साथ बढ़ता जाता है। जिन अधिवक्ताओं ने 50-60 साल की वकालत की है आज हम उनकी पूजा कर रहे हैं। उनका अनुभव कोष बहुत बड़ा है। यह बुजुर्ग बरगद की छाव की तरह हैं। आज के वकीलों को ऐसे बरगद के नीचे बैठना चाहिए और उनके अनुभवों का लाभ लेना चाहिए। 

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उन्होंने कहा कि मेरठ से मेरा आत्मीय का रिश्ता है। मेरठ घर आने जैसा है। उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की एक कविता भी पढ़ी। जिसका मर्म यह था कि 50 साल के अनुभव के बाद जीवन का अनुभव बदल जाता है। उन्होंने इस मौके पर न्यायमूर्ति प्रेम शंकर गुप्ता को याद किया और उनके द्वारा दी गई सीख को साझा किया। 

Supreme Court judge Pankaj Mitthal said elders are like banyan trees, they should be worshipped
अधिवक्ता। - फोटो : अमर उजाला

कार्यक्रम की अध्यक्षता मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहिताश्व अग्रवाल एवं संचालन महामंत्री अमित कुमार दीक्षित द्वारा किया गया। समारोह में बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चेयरमैन शिव किशोर गौड़, सदस्य हरि सिंह, मधुसूदन त्रिपाठी, श्रीश मल्हौत्रा, अवनेंद्र सिंह, उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र मोहन शर्मा, निखिल जैन, विवेक सिंह, पूर्व अर्टानी ऑफ जनरल रीना सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे।

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क्लाइंट के प्रति ईमानदार होना चाहिए: मुख्य न्यायाधीश
इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली ने कहा कि आज हम लोगों ने ऐसे अधिवक्ताओं का सम्मान किया जो हमारे जन्म से पहले से वकालत कर रहे हैं। यह सम्मान बुजुर्गो का नहीं, न्याय व्यवस्था का सम्मान है। कुछ ऐसे वकील हैं जो 70 साल से इस प्रोफेशन में हैं। उन्होंने कहा कि युवा वकील को समझने की जरूरत है कि इन वकीलों ने 60-70 साल एक प्रोफेशन में दिया है। आज बिजनेस में आपको बोर्ड लगे हुए मिल जाएंगे कि कितने साल से उनका बिजनेस चल रहा है, जबकि इस प्रोफेशन में आपको खुद को हर दिन परफार्म करना पड़ता है। आप यह नहीं कर सकते कि पांच साल अच्छी वकालत कर ली और जीवन भर का काम हो गया। प्रोफेशन में सफल होने के लिए जब इस पेशे में आप आते हैं तो वापस जाने के रास्तों को आपको बंद करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि क्लाइंट के प्रति ईमानदार होना चाहिए। क्लाइंट का पैसा मंदिर के पैसे के समान होता है। 

जस्टिस भंसाली ने कहा कि आज आपके पास बहुत सुविधाएं उपलब्ध हैं। 1989 में एक जजमेंट ढूंढने का काम मिल जाता था तो उसके लिए 50 से अधिक किताबों का सहारा लेना पड़ता था। अब सबकुछ एक क्लिक पर उपलब्ध है। उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा कि कड़ी मेहनत करें, अनुशासन में रहें, संयम रखें। आपका समय जरूर आएगा। जस्टिस विवेक चौधरी ने अधिवक्ताओं को अपने परिवार का सदस्य बताया। वहीं, सलिल कुमार राय ने कहा कि आज इतने बड़े कार्यक्रम से मेरठ बार एसोसिएशन ने अपनी ताकत का एहसास करा दिया।

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इन्हें किया गया सम्मानित
चौधरी नरेंद्र पाल सिंह, चौ. जगदीश सिंह सिरोही, कुलवंत सिंह, सत्य प्रकाश रस्तोगी, ब्रह्मपाल सिंह, प्रकाश चंद शर्मा, नरेंद्र सिंह वर्मा, सत्येंद्र कुमार जैन, केके पाहवा, कुंवर मोहम्मद अब्बास, प्रेमचंद जैन, हरिओम जी, सुभाष चंद गुप्ता, महेन्द्रपाल शर्मा, चौ. धीर सिंह, अजय त्यागी, गजेन्द्रपाल सिंह धामा, सतीश चंद गुप्ता, अशोक कुमार शर्मा, धीरेन्द्र शर्मा, विजयपाल सिंह तोमर, ब्रहम सिंह, जगदीश सिंह पहल, रामेश्वर दयाल कौशिक, दिव्येश गुप्ता, धर्मपाल सिंह, विजय सिंह गहलौत, रउफुल हसन अंसारी, आनन्द प्रकाश शर्मा, र्स्वण सिंह, रविन्द्र कुमार जैन, जितेन्द्रपाल आर्य, जगत सिंह चिकारा, लालचंद गोयल, जफरअली खां, रघुनन्दन शर्मा, राजपाल रजपुरा, अनिल कुमार भटनागर, चरण सिंह यादव, अब्दुल आहद, दिनेश चंद गुप्ता, गुलाम हसन चौहान, विजय कुमार शर्मा, महेश चंद शर्मा, जमील अहमद खान, ओनकार नाथ गुलशन, धर्मराज सिंह त्यागी, बाबूराम चौधरी, ओमप्रकाश बलीवाला, सैय्यद मोमीन हसन, शरदचन्द्र शर्मा, महेन्द्र सिंह ठाकुर, फजलहसनैन जैदी, इस्लामुद्दीन विनोद कुमार जैन, इस्तियाक अहमद खान, छोटे लाल बंसल, सुरेन्द्रपाल सिंह, चन्द्रमोहन शर्मा, जौहरी मल, जगबीर शर्मा, रणवीर सिंह, अनिल कुमार गुप्ता आदि वरिष्ठ अधिवक्ताओं को सम्मानित किया।

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