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Meerut News: वंदे मातरम् पर कानूनी संरक्षण के फैसले का सुनील भराला ने किया स्वागत
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री पंडित सुनील भराला ने शुक्रवार को जारी बयान में संसद द्वारा वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गान के समान कानूनी संरक्षण देने संबंधी विधेयक पारित होने का स्वागत किया। उन्होंने इसे देश के लिए गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा संसद के सभी सदस्यों का अभिनंदन किया।
कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा है। इसकी रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। इसने स्वतंत्रता सेनानियों में राष्ट्र भक्ति का संचार करते हुए अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक बनने का कार्य किया। सुनील भराला ने कहा- यह अवसर विशेष रूप से बंगाल की उस ऐतिहासिक विरासत को नमन करने का है, जहां से वंदे मातरम् की अमर गूंज पूरे देश में फैली। उनके अनुसार यह निर्णय भारत की सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय अस्मिता और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। भराला ने देशवासियों से आह्वान किया कि वे राष्ट्र के सम्मान, राष्ट्रीय प्रतीकों और भारत की गौरवशाली विरासत का सदैव सम्मान करने का संकल्प लें।
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मोदीपुरम। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री पंडित सुनील भराला ने शुक्रवार को जारी बयान में संसद द्वारा वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गान के समान कानूनी संरक्षण देने संबंधी विधेयक पारित होने का स्वागत किया। उन्होंने इसे देश के लिए गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा संसद के सभी सदस्यों का अभिनंदन किया।
कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा है। इसकी रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। इसने स्वतंत्रता सेनानियों में राष्ट्र भक्ति का संचार करते हुए अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक बनने का कार्य किया। सुनील भराला ने कहा- यह अवसर विशेष रूप से बंगाल की उस ऐतिहासिक विरासत को नमन करने का है, जहां से वंदे मातरम् की अमर गूंज पूरे देश में फैली। उनके अनुसार यह निर्णय भारत की सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय अस्मिता और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। भराला ने देशवासियों से आह्वान किया कि वे राष्ट्र के सम्मान, राष्ट्रीय प्रतीकों और भारत की गौरवशाली विरासत का सदैव सम्मान करने का संकल्प लें।
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