फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   sugar cane agenda

नहीं सुन रहे मिल मालिक, 27 को सुनवाई

Tue, 25 Aug 2015 01:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Tue, 25 Aug 2015 01:05 AM IST
विज्ञापन
हाईकोर्ट के आदेश पर भी गन्ना किसानों को बकाया भुगतान नहीं हो पा रहा है। आदेश के बाद भी मिलों ने बकाए का भुगतान नहीं किया है। भुगतान नहीं मिलने से किसानों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। इस मामले में कोर्ट अब 27 अगस्त को सुनवाई करेगी।
विज्ञापन


पेराई सत्र 2014-15 का गन्ना मूल्य बकाया भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है। प्रदेश की शुगर मिलों पर करीब आठ हजार करोड़ रुपये बकाया है। मेरठ मंडल की 14 शुगर मिलों पर  करीब 1100 करोड़ रुपये बकाया है। अभी तक सकौती और मोहिउद्दीनपुर मिल ही किसानों का पूरा भुगतान कर पाई है।
विज्ञापन


इससे पहले हाईकोर्ट ने 15 जुलाई तक बकाये का 75 फीसदी भुगतान कराने में असफल रहे शासन को कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने सहकारी शुगर मिलों को दो सप्ताह के अंदर और निजी शुगर मिलों को तीन सप्ताह का समय दिया था। आगामी 27 अगस्त को कोर्ट में मामले की सुनवाई होनी है। लेकिन अभी तक आदेश के मुताबिक सहकारी और निजी क्षेत्र की बकाएदार मिलों ने भुगतान नहीं किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या कहते हैं किसान नेता
कोर्ट का आदेश भी शुगर मिलों से भुगतान नहीं करा पा रहा है। शासन मिल मालिकों के पक्ष में खड़ा दिखाई दे रहा है।
विनोद कलंजरी, प्रदेश उपाध्यक्ष भाकियू

भुगतान नहीं होने से किसान खून के आंसू रो रहे हैं। न तो बच्चों की फीस जा पा रही है और न ही बच्चों की शादी कर पा रहे हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियां किसान विरोधी है।
डॉ. राजकुमार सांगवान, संगठन प्रभारी, पश्चिमी यूपी रालोद

क्या कहते हैं अधिकारी
शुगर मिल लगातार भुगतान कर रही हैं। चीनी के रेट कम होने से भुगतान की स्पीड कम है। भुगतान में तेजी लाने के लिए विभागीय स्तर से दबाव बनाया जा रहा है।
विश्वेश कनौजिया, संयुक्त गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed