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सूडान घास बनेगी गोवंशीय पशुओं का चारा
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सरधना। सरधना के फरीदपुर गांव में एसडीएम व ब्लॉक के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को ग्रामीणों के साथ बैठक की गई। जिसमें वृद्ध गो संरक्षण केंद्र के संचालन, पशुचर भूमि को कब्जामुक्त कराने की बात कही। ग्राम प्रधानों की मांग पर एसडीएम ने पशुचर भूमिको कब्जा मुक्त कराने के लिए समिति बनाई। वहीं बीडीओ ने कब्जामुक्त भूमि पर पशुओं के चारे के लिए सूडान घास की बुआई सहित भूमि को ठेके पर देने की बात कही।
गांव मोमन फरीदपुर के जंगल में करीब एक एकड़ भूमि में एक करोड़ से अधिक रुपये की लागत से बने वृद्ध गो संरक्षण केंद्र में पशुओं की देखभाल, चारे की व्यवस्था के लिए बनी गो वृद्ध संरक्षण समिति व प्रशासन के बीच तालमेल नहीं बैठ रहा है। पिछले दिनों इसके निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग करने की बात सामने आई। प्रशासन ने 23 फरवरी को केंद्र का उद्घाटन कर दिया। समिति के मुताबि सरकार प्रत्येक गोवंश के लिए 30 रुपये दे रही है जो नाकाफी है। केंद्र की छमता 250 है वर्तमान में 92 गोवंश हैं। इन सभी विवादों को सुलझाने के लिए बृहस्पतिवार को एसडीएम अमित कुमार भारतीय, बीडीओ सुनीत कुमार भाटी, पशु चिकित्साधिकारी जयप्रकाश व ग्रामीणों के साथ बैठक की। बैठक में ग्राम प्रधान फरीदपुर शिवकुमार द्वारा एक मांग पत्र दिया गया। जिसमें पशुओं की देखभाल के लिए चार लोगों की नियुक्ति की मांग की। वहीं, रार्धना ग्राम प्रधान पुत्र अमित कुमार, भामौरी ग्राम प्रधान अजय कुमार आदि ने खेड़ा न्याय पंचायत क्षेत्र में आने वाली पशुचर भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग रखी। एसडीएम ने भूमि को कब्जामुक्त कराने पर मोहर लगा दी और ठीम गठित करने की बात कही। वहीं, बची भूमि को ठेके पद दे दिया जाएगा। जिससे गो वृद्ध संरक्षण केंद्र को मुनाफा होगा। बैठक में कानूनगो नरेश कुमार, फरीदपुर प्रधान शिवकुमार, एडीओ सुनील कुमार व तरसेमपाल पुंडीर आदि मौजूद रहे।
सूडान घास बनेगा चारा
बैठक में बीडीओ सुनीत कुमार भाटी ने कहा कि मोदीपुरम में कृषि वैज्ञानिकों से संपर्क कर पशुओं के चारे के लिए सूडान घास का बीज मंगवाया जा रहा है। कब्जामुक्त भूमि पर सूडान घास की बुआई की जाएगी। जिससे केंद्र के पशुओं को भरपूर चारा मिल सकेगा।
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सैकड़ों भूमि पर है कब्जा
आंकड़ों के मुताबिक खेड़ा में करीब ढाई से तीन सौ बीघा भूमि है, जिसमें से आधी भूमि से ज्यादा पर अवैध कब्जा है। भामौरी में 25 बीघा भूमि में से 16 बीघा भूमि अब तक कब्जा मुक्त कराई जा चुकी हैं। अधिकारियों के मुताबिक रार्धना व अकलपुरा में पशुचर भूमि सहित अटेरना में करीब 90 बीघा से अधिक भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाना हैं।
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गांव मोमन फरीदपुर के जंगल में करीब एक एकड़ भूमि में एक करोड़ से अधिक रुपये की लागत से बने वृद्ध गो संरक्षण केंद्र में पशुओं की देखभाल, चारे की व्यवस्था के लिए बनी गो वृद्ध संरक्षण समिति व प्रशासन के बीच तालमेल नहीं बैठ रहा है। पिछले दिनों इसके निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग करने की बात सामने आई। प्रशासन ने 23 फरवरी को केंद्र का उद्घाटन कर दिया। समिति के मुताबि सरकार प्रत्येक गोवंश के लिए 30 रुपये दे रही है जो नाकाफी है। केंद्र की छमता 250 है वर्तमान में 92 गोवंश हैं। इन सभी विवादों को सुलझाने के लिए बृहस्पतिवार को एसडीएम अमित कुमार भारतीय, बीडीओ सुनीत कुमार भाटी, पशु चिकित्साधिकारी जयप्रकाश व ग्रामीणों के साथ बैठक की। बैठक में ग्राम प्रधान फरीदपुर शिवकुमार द्वारा एक मांग पत्र दिया गया। जिसमें पशुओं की देखभाल के लिए चार लोगों की नियुक्ति की मांग की। वहीं, रार्धना ग्राम प्रधान पुत्र अमित कुमार, भामौरी ग्राम प्रधान अजय कुमार आदि ने खेड़ा न्याय पंचायत क्षेत्र में आने वाली पशुचर भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग रखी। एसडीएम ने भूमि को कब्जामुक्त कराने पर मोहर लगा दी और ठीम गठित करने की बात कही। वहीं, बची भूमि को ठेके पद दे दिया जाएगा। जिससे गो वृद्ध संरक्षण केंद्र को मुनाफा होगा। बैठक में कानूनगो नरेश कुमार, फरीदपुर प्रधान शिवकुमार, एडीओ सुनील कुमार व तरसेमपाल पुंडीर आदि मौजूद रहे।
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सूडान घास बनेगा चारा
बैठक में बीडीओ सुनीत कुमार भाटी ने कहा कि मोदीपुरम में कृषि वैज्ञानिकों से संपर्क कर पशुओं के चारे के लिए सूडान घास का बीज मंगवाया जा रहा है। कब्जामुक्त भूमि पर सूडान घास की बुआई की जाएगी। जिससे केंद्र के पशुओं को भरपूर चारा मिल सकेगा।
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सैकड़ों भूमि पर है कब्जा
आंकड़ों के मुताबिक खेड़ा में करीब ढाई से तीन सौ बीघा भूमि है, जिसमें से आधी भूमि से ज्यादा पर अवैध कब्जा है। भामौरी में 25 बीघा भूमि में से 16 बीघा भूमि अब तक कब्जा मुक्त कराई जा चुकी हैं। अधिकारियों के मुताबिक रार्धना व अकलपुरा में पशुचर भूमि सहित अटेरना में करीब 90 बीघा से अधिक भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाना हैं।