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सफल हृदय प्रत्यारोपण, नवीन के दिल को मिली नई जिंदगी
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मेरठ। हृदय के गंभीर रूप से बीमार मरीज को सही समय पर सही इलाज मिल जाए तो नई जिंदगी दी जा सकती है। यह बात जसवंत राय हॉस्पिटल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव अग्रवाल ने शनिवार को किठौर निवासी नवीन बंसल के सफल हृदय प्रत्यारोपण की जानकारी देते हुए कही। नवीन स्वस्थ हैं और इस दौरान वह भी मौजूद रहे।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि 45 वर्षीय नवीन का हृदय 20 प्रतिशत ही कार्य कर रहा था। वे व्हील चेयर पर जीवन बिताने को मजबूर थे। जून में नवीन जसवंत राय हॉस्पिटल में इलाज कराने पहुंचे थे। उन्होंने नवीन को हृदय प्रत्यारोपण की सलाह दी। 11 नवंबर में दिल्ली के साकेत मैक्स हॉस्पिटल के हृदय प्रत्यारोपण विभाग के निदेशक डॉ. केवल कृष्ण व उनकी टीम ने नवीन को नया जीवन दिया। नवीन को 23 नवंबर को डिस्चार्ज कर दिया गया।
डॉ. अग्रवाल के अनुसार जयपुर में 16 वर्षीय एथलीट सड़क हादसे में जख्मी हो गया था और एमएमएस हॉस्पिटल में भर्ती था। डॉक्टरों ने एथलीट का ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। किशोर के परिजनों ने अंगदान की इजाजत दी तो मैक्स अस्पताल के डॉक्टरों ने संपर्क साधा। जयपुर से हवाई रास्ते से हृदय सीमित समय में दिल्ली लाया गया। डॉ. अग्रवाल के अनुसार 60 साल से कम उम्र के लोगों का हृदय प्रत्यारोपण हो सकता है। वार्ता में डॉ. राकेश मौर्या, डॉ. एससी अग्रवाल, शैलेंद्र कुमार, अशोक राजवंशी भी मौजूद रहे।
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गुर्दे की तरह ही हृदय प्रत्यारोपण सफल
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर मैक्स हॉस्पिटल के डॉ. केवल कृष्ण ने मीडिया को संबोधित करते कहा कि गुर्दे की तरह ही हृदय प्रत्यारोपण भी सफल है। नवीन बंसल के रूप में इसका उदाहरण सामने है। उनके अस्पताल में 25 हृदय प्रत्यारोपण हो चुके हैं, जिसमें सभी सफल रहे हैं। हृदय प्रत्यारोपण से पहले खून के मिलान से लेकर बहुत सी जांच होती हैं। हृदय प्रत्यारोपण के बाद नवीन व उनके परिवार में खुशी का माहौल है।
दुख की घड़ी में करें विवेक का प्रयोग
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि स्वस्थ इंसान के मृत शरीर का दिल ही प्रत्यारोपण में काम आ सकता है। ऐसे में दुर्घटना में जीवन गंवाने वाले इंसान के परिजनों को दुख की घड़ी में विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए। दूसरों को जीवन देने का महान काम करना चाहिए।
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डॉ. अग्रवाल ने बताया कि 45 वर्षीय नवीन का हृदय 20 प्रतिशत ही कार्य कर रहा था। वे व्हील चेयर पर जीवन बिताने को मजबूर थे। जून में नवीन जसवंत राय हॉस्पिटल में इलाज कराने पहुंचे थे। उन्होंने नवीन को हृदय प्रत्यारोपण की सलाह दी। 11 नवंबर में दिल्ली के साकेत मैक्स हॉस्पिटल के हृदय प्रत्यारोपण विभाग के निदेशक डॉ. केवल कृष्ण व उनकी टीम ने नवीन को नया जीवन दिया। नवीन को 23 नवंबर को डिस्चार्ज कर दिया गया।
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डॉ. अग्रवाल के अनुसार जयपुर में 16 वर्षीय एथलीट सड़क हादसे में जख्मी हो गया था और एमएमएस हॉस्पिटल में भर्ती था। डॉक्टरों ने एथलीट का ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। किशोर के परिजनों ने अंगदान की इजाजत दी तो मैक्स अस्पताल के डॉक्टरों ने संपर्क साधा। जयपुर से हवाई रास्ते से हृदय सीमित समय में दिल्ली लाया गया। डॉ. अग्रवाल के अनुसार 60 साल से कम उम्र के लोगों का हृदय प्रत्यारोपण हो सकता है। वार्ता में डॉ. राकेश मौर्या, डॉ. एससी अग्रवाल, शैलेंद्र कुमार, अशोक राजवंशी भी मौजूद रहे।
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गुर्दे की तरह ही हृदय प्रत्यारोपण सफल
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर मैक्स हॉस्पिटल के डॉ. केवल कृष्ण ने मीडिया को संबोधित करते कहा कि गुर्दे की तरह ही हृदय प्रत्यारोपण भी सफल है। नवीन बंसल के रूप में इसका उदाहरण सामने है। उनके अस्पताल में 25 हृदय प्रत्यारोपण हो चुके हैं, जिसमें सभी सफल रहे हैं। हृदय प्रत्यारोपण से पहले खून के मिलान से लेकर बहुत सी जांच होती हैं। हृदय प्रत्यारोपण के बाद नवीन व उनके परिवार में खुशी का माहौल है।
दुख की घड़ी में करें विवेक का प्रयोग
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि स्वस्थ इंसान के मृत शरीर का दिल ही प्रत्यारोपण में काम आ सकता है। ऐसे में दुर्घटना में जीवन गंवाने वाले इंसान के परिजनों को दुख की घड़ी में विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए। दूसरों को जीवन देने का महान काम करना चाहिए।