छात्रा के आत्मदाह मामले की लखनऊ तक गूंज, स्वास्थ्य मंत्री ने दिया ये बयान
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गैंगरेप की कोशिश से आहत छात्रा द्वारा आत्मदाह करने का मामला अब लखनऊ तक पहुंच गया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बयान कि जांच के बाद कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि योगी सरकार क्राइम पर जीरो टालरेंस पर काम कर रही है। सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि योगी सरकार ने चार हजार आरोपियों को जेल भेजा है।
जानिए पूरा मामला
आठवीं कक्षा की छात्रा का दरिंदे दो महीने से पीछा कर रहे थे। मोबाइल फोन पर अश्लील मेसेज तो कभी फोटो भेजकर धमकी दी जाती थी। छात्रा का ट्यूशन पढ़ने जाने के लिए घर से निकलना तक दुश्वार हो गया था। शनिवार को दरिंदों ने उसके साथ ऐसा घिनौना काम किया कि वह बर्दाश्त नहीं कर सकी। छात्रा ने परिवार को भी नहीं बताया और आत्मघाती कदम उठा लिया। लेकिन मौत से पहले छात्रा ने परिजनों को आपबीती बताकर इन आरोपियों की करतूत उजागर कर दी थी।
छात्रा ने शनिवार को खुद को कमरे में बंद कर केरोसिन उड़ेलकर आग लगाई थी। वो 80 फीसदी तक झुलस गई थी। परिजन असमंजस में थे कि आखिर उसने ऐसा कदम क्यों उठाया। उसकी मां बार-बार पूछती थी। लेकिन छात्रा की हालत इतनी खराब थी कि वो कुछ बोल नहीं सकी। छात्रा का मोबाइल फोन घर में मिला था। लेकिन उसमें लॉक लगा था, जिसके चलते कुछ ज्यादा पता नहीं चल सका।
24 घंटे पहले सामने आया सच
बुधवार को छात्रा को होश आया तो परिजनों ने उससे एक ही सवाल पूछा कि बेटी, बताओ तुमने ऐसा क्यों किया। छात्रा ने मां को बताया कि उनके गांव के बगल में दूसरे गांव का एक लड़का शोभित है। जिसने उसकी जिंदगी बर्बाद की है। दो माह पहले छात्रा ने शोभित के गांव में एक शिक्षक के पास ट्यूशन लगाया था। छात्रा रोजाना पढ़ने जाती थी, तो शोभित उसका पीछा करता था। शोभित अपने तीनों दोस्त अंकित, मोहित और रवि के साथ उस पर कमेंट करता था तो कभी उसका हाथ पकड़ लेता था। दो महीने से वह बर्दाश्त कर रही थी। लेकिन शनिवार को चारों युवकों ने उसे खेत में खींच लिया।
बस मम्मी, अब बोला नहीं जाता
छात्रा चारों दरिंदों की करतूत बताकर बोली बस मम्मी, अब बोला नहीं जाता। तभी उसके चाचा ने मोबाइल का पासवर्ड पूछा। छात्रा ने पासवर्ड बताया। जिसमें दरिंदों के मेसेज, फोटो और अश्लील बातें देखकर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने आरोपियों के परिजनों से विरोध दर्ज कराया तो वह भी धमकी देने लगे। शनिवार को परिजनों ने यह बात पुलिस को बताई, तब जाकर इस मामले में कार्रवाई हुई।
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अंकल! इन दरिंदों को मत छोड़ना
मेडिकल में भर्ती छात्रा के बयान लेने एसओ भावनपुर एक महिला कांस्टेबल को लेकर पहुंच गए। एसओ ने छात्रा से उसका हाल पूछा और कहा कि बताओ तुम्हारे साथ क्या हुआ। जिस पर छात्रा बोली अंकल! मम्मी को बता दिया है, वहीं बता देगी। उसको बोलने में दर्द होता है। मरने से पहले छात्रा ने कहा कि इन दरिंदों को मत छोड़ना। इन दरिंदों ने ही उसकी यह हालत की है।
कब तक सहन करेंगी बेटियां
देहात इलाके में अभी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। इसका सनसनीखेज खुलासा छात्रा के आत्मदाह जैसा बड़ा कदम उठाने पर हुआ है। छात्रा पढ़ना चाहती थी। उसने गांव से आधा किलोमीटर दूर ट्यूशन भी लगाया। लेकिन दरिंदों ने उसको पढ़ने नहीं दिया और उसकी आजादी छीन ली। यही नहीं, उसे इस कदर टॉर्चर किया गया कि उसने घुट घुटकर जीने के बजाय मौत चुनना बेहतर समझा। कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में भी एक छात्रा ने इसकी तरह आत्मदाह किया था। इंचौली के लावड़ कस्बा स्थित राष्ट्रीय इंटर कॉलेज की छात्राओं ने भी बुधवार को एसएसपी तक मनचलों की शिकायत पहुंचाई थी। इन मनचलों के खौफ से कई छात्राओं ने कॉलेज जाना तक छोड़ दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि देहात में अभी भी बेटियों का शोषण होता है। समाज के ये दरिंदे उनको आगे नहीं बढ़ने देते।
चार दिन से खामोश थी पुलिस
छात्रा 80 प्रतिशत झुलसी। इसकी मीमो भी अस्पताल से थाने में गया होगा। लेकिन पुलिस ने मेडिकल अस्पताल में जाकर मामले को जानना भी उचित नहीं समझा। छात्रा मौत की दहलीज पर थी और पीड़ित परिवार को भी इसके बारे में कुछ नहीं पता था। मरने से 24 घंटे पहले छात्रा को होश आया तो परिजनों को दरिंदों के बारे में पता चला। सवाल तो पुलिस की कार्यशैली पर भी उठते हैं। जिसकी लापरवाही से एक छात्रा असमय मौत का शिकार हो गई।
कहां है एंटी रोमियो स्क्वाएड
बड़े-बड़े दावों के बीच एंटी रोमियो स्क्वाएड दम तोड़ चुका है। शहर में जहां मनचले स्कूल-कॉलेज के बाहर मंडराते रहते हैं, तो देहात में दूरदराज के स्कूलों या ट्यूशन पढ़ने जाने वालीं छात्राओं को रोजाना जहर का घूंट पीना पड़ता है। देहात में एंटी रोमियो अभियान तक नहीं चलता। बेटियों को खुद अपनी हिफाजत करनी होती है। सरकार के लंबे-चौड़े दावे देहात में दम तोड़ते नजर आ रहे है। घटनाएं होती हैं तो पुलिस को भनक तक नहीं लगती। बेटियां जान दे देती हैं तो पुलिस ठोस कार्रवाई नहीं करती।
सख्त कार्रवाई होगी
एसएसपी मंजिल सैनी दहल का कहना है कि छात्रा के परिजनों ने चार युवकों के नाम पुलिस को बताए। मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपी गिरफ्तार कर लिए है। चौथा आरोपी भी जल्द गिरफ्तार होगा। आरोपियों पर सख्त और मजबूत कार्रवाई होगी।
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