मतदान प्रतिशत बढ़ाने की जद्दोजहद: मेरठ समेत आठ सीटों पर मतदान कल, संभ्रांत लोगों से अपील कर रहा आयोग
विक्टोरिया पार्क से मेरठ-हापुड़ लोकसभा चुनाव में पांच विधानसभा में 756 मतदान केंद्रों पर पोलिंग पार्टियां पहुंच जाएंगी। इस बार लोकसभा चुनाव के पहले चरण की बात करें तो मतदान प्रतिशत काफी कम रहा। ऐसे में मत प्रतिशत को बढ़ाने की जद्दोजहद में प्रत्याशी जुटे हुए हैं।
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विस्तार
दूसरे चरण के मतदान के लिए बुधवार को प्रचार थम गया। इस चरण में आठ लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में मतदान होगा। इसमें अमरोहा, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़ और मथुरा की सीटों पर 26 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।
बात 2019 की करें तो इस चुनाव में सबसे अधिक मतदान अमरोहा और सबसे कम मतदान गाजियाबाद में हुआ था। इन दोनों जिलों के निर्वाचन से जुड़े अफसरों के लिए चुनौती रहेगी। अमरोहा जो अपना अधिकतम मत प्रतिशत के रिकाॅर्ड को बरकरार रखना चाहेगा वहीं गाजियाबाद अपना रिकार्ड बेहतर करने की जद्दोजहद करेगा।
पिछले चरण में मतदान के प्रतिशत में आई गिरावट को लेकर निर्वाचन आयोग की चिंता बढ़ना वाजिब है। ऐसे में मतदान का प्रतिशत किस तरह बढ़ाया जाए इसके लिए आयोग संभ्रांत लोगों से अपील करा रहा है।
पहले चरण के चुनाव के मुकाबले दूसरे चरण में भाजपा का प्रदर्शन पिछले दो चुनाव में काफी अच्छा रहा था। भाजपा ने 2014 में दूसरे चरण की सभी सीटों पर और 2019 में दूसरे चरण की अमरोहा सीट छोड़ बाकी सात सीटों पर जीत का परचम लहराया था। इस बार भाजपा सात सीटों पर चुनाव लड़ रही है। बागपत में भाजपा की सहयोगी रालोद के प्रत्याशी राजकुमार सांगवान मैदान में हैं।
जयंत चौधरी के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव
यह चुनाव जयंत चौधरी के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव है। इस चरण में रालोद बागपत में लड़ रही है। पिछले दो चुनावों को छोड़ दें तो यह सीट परंपरागत तरीके से जयंत चौधरी के परिवार की रही है।
| सीट | 2019 | 2014 | 2009 |
| अमरोहा | 71.01 | 70.97 | 60.20 |
| मेरठ | 64.26 | 63.11 | 48.23 |
| बागपत | 64.64 | 66.72 | 47.90 |
| गाजियाबाद | 55.86 | 68.01 | 45.29 |
| गौतमबुद्धनगर | 60.49 | 60.38 | 58.45 |
| बुलंदशहर | 62.49 | 58.15 | 45.07 |
| अलीगढ़ | 61.64 | 64.02 | 51.40 |
| मथुरा | 61 | 59.36 | 54.13 |
64 प्रतिशत पोलिंग हुई थी 2019 में
मेरठ लोकसभा क्षेत्र में पिछले चुनाव में 64.26 प्रतिशत पोलिंग हुई थी जबकि 2014 में 63.11 प्रतिशत मतदान हुआ था। यहां से भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल लगातार तीन बार सांसद चुने जा चुके हैं। इस बार भाजपा से अरुण गोविल प्रत्याशी हैं। देखना दिलचस्प होगा कि अरुण गोविल लगातार तीन बार की तर्ज पर इस सीट को एक बार फिर भाजपा की झोली में डालने में कामयाब होते हैं कि नहीं। मेरठ में 2019 में 2014 से भी अधिक मतदान हुआ था। इसकी मुख्य वजह सपा-बसपा गठबंधन और भाजपा के बीच सीधी लड़ाई को बताई गई थी।
सपा-कांग्रेस चार-चार सीटों पर एनडीए से करेंगी दो-दो हाथ
इस चरण में चार सीटों पर समाजवादी पार्टी और चार सीटों पर कांग्रेस पार्टी चुनाव लड़ रही है। इसमें अमरोहा, गाजियाबाद, बुलंदशहर और मथुरा कांग्रेस के हिस्से में आई है जबकि मेरठ, बागपत, गौतमबुद्धनगर और अलीगढ़ समाजवादी पार्टी चुनाव लड़ रही है।
पिछले तीन चुनाव में इन सभी आठ सीटों पर कांग्रेस एक बार भी नहीं जीती है जबकि समाजवादी पार्टी ने 2009 में बुलंदशहर की सीट पर जीत हासिल की थी। 2009 में मतों का प्रतिशत काफी कम था। देश में कांग्रेस की सरकार बनी थी।
हालांकि जिन सीटों पर 26 अप्रैल को मतदान होना है, उसमें से एक भी सीट कांग्रेस नहीं जीत सकी थी। इन आठ सीटों पर तीन सीटों पर रालोद, दो-दो पर भाजपा व बसपा और एक सीट सपा के हिस्से में आई थी।
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