जिम जाते हैं तो रहें सावधान: दिल-गुर्दे पर भारी पड़ सकता है स्टेराॅयड, बिना सलाह के न लें फूड सप्लीमेंट्स
डॉ. संदीप जैन ने बताया कि एनाबोलिक स्टेरॉयड का असर जितनी जल्दी दिखाई देता है, उतनी ही जल्दी इसका साइड इफेक्ट भी होता है।
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बॉडी बनाइए, फिट रहिए, मगर सेहत को लेकर सावधानी भी जरूरी है, वरना अच्छे शरीर की ख्वाहिश सेहत खराब कर सकती है। जिम में बॉडी बनाने के लिए अधिकांश युवा इंजेक्शन लेते हैं, जिसे स्टेरॉयड कहते हैं। मेरठ में स्टेरॉयड का करोड़ों का कारोबार है। मंगलवार को खैरनगर में स्टेरॉयड वाली दवाइयां और फूड सप्लीमेंट्स आदि पकड़े गए, जो सेहत के लिए खतरनाक माने जा रहे हैं।
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री रजनीश कौशल ने बताया कि स्टेरॉयड में से एक एनाबोलिक स्टेरॉयड एक तरह की ड्रग होती है जो इंजेक्शन और कैप्सूल के तौर पर ली जाती है। फूड सप्लीमेंट्स के नाम पर स्टेरॉयड ही बेचा जा रहा है।
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डॉ. संदीप जैन ने बताया कि एनाबोलिक स्टेरॉयड का असर जितनी जल्दी दिखाई देता है, उतनी ही जल्दी इसका साइड इफेक्ट भी होता है। इसके लगातार प्रयोग से मेल हार्मोंस पर भी विपरीत असर पड़ता है। शरीर में ज्यादा मात्रा में पहुंचने पर फैट में बदल जाता है और कोलेस्ट्रोल के रूप में हमारे शरीर में जमा हो जाता है, इससे स्ट्रेस लेवल बढ़ता है और दिल की बीमारियां हो सकती हैं।
फूड सप्लीमेंट्स लेने में बरतें सावधानी
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिव कुमार ने बताया कि फूड सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल सिर्फ विशेषज्ञ की सलाह पर ही करना चाहिए। डॉ. विश्वजीत बैंबी का कहना है कि स्टेरॉयड से बनाई गई बॉडी सिर्फ बाहर से देखने में ही सुदृढ़ लगती है जबकि अंदर से खोखली हो जाती है।
शरीर को अगर विटामिन, मिनरल्स, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर सही मात्रा में मिल जाए तो शरीर तंदुरुस्त रह सकता है। मेरठ में 800 से ज्यादा छोटे-बड़े जिम हैं, जिनमें से कुछ जिम में ही एक्सपर्ट हैं जिन्हें फूड सप्लीमेंट्स और स्टेरॉयड की सही जानकारी है।