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श्रीमद्भगवद्गीता वास्तव में मानव धर्मशास्त्र : आचार्य राधाकृष्ण
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शास्त्रीनगर के बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज में विश्व गीता संस्थान की ओर से श्रीगणपति होमार्चन और श्रीहरि भजन संध्या हुई। पंडित रमेश रतूड़ी ने विधिवत पूजन किया। कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय अधिकारी आचार्य राधाकृष्ण मनोडी ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता ही वास्तव में मानव धर्मशास्त्र है।
आचार्य ने कहा कि सभी अपने अपने मत पंथों को अपनाने का आग्रह करते हैं। अपने धर्म को श्रेष्ठतम मानकर धर्मांतरण की प्रेरणा देते हैं जबकि श्रीमद्भगवद्गीता एकमात्र ऐसा ग्रंथ है जो केवल मनुष्य बनने की प्रेरणा देता है। इस ग्रंथ में भगवान कृष्ण ने अर्जुन संपूर्ण ज्ञान प्रदान किया है। यह उपदेश मानव धर्म के लिए हैं। इसकी किसी भी धर्म शास्त्र से तुलना नहीं की जा सकती है। उन्होंने बताया कि विश्व गीता संस्थान का उद्देश्य पर्यावरण को सुरक्षित रखना है।
कार्यक्रम में कवयित्री और विश्व गीता संस्थान की महासचिव तुषा शर्मा ने भजनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। संस्थान के कार्याध्यक्ष डॉक्टर जितेंद्र त्यागी ने विषय प्रवर्तन किया। संस्थान के अध्यक्ष डॉक्टर सुधांशु अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। आगामी 31 जनवरी एवं एक फरवरी 2026 को होने वाले श्रीमद्भगवद्गीता पारायण महायज्ञ की तैयारी के संबंध में कार्य समिति की बैठक की गई। अध्यक्षता डॉक्टर सुशील कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर जगमोहन लाल, डॉक्टर सम्यक जैन, हरेंद्र मोरल, राकेश गुप्ता, विवेक शर्मा, नरेंद्र राष्ट्रवादी आदि रहे।
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मेरठ। शास्त्रीनगर के बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज में विश्व गीता संस्थान की ओर से श्रीगणपति होमार्चन और श्रीहरि भजन संध्या हुई। पंडित रमेश रतूड़ी ने विधिवत पूजन किया। कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय अधिकारी आचार्य राधाकृष्ण मनोडी ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता ही वास्तव में मानव धर्मशास्त्र है।
आचार्य ने कहा कि सभी अपने अपने मत पंथों को अपनाने का आग्रह करते हैं। अपने धर्म को श्रेष्ठतम मानकर धर्मांतरण की प्रेरणा देते हैं जबकि श्रीमद्भगवद्गीता एकमात्र ऐसा ग्रंथ है जो केवल मनुष्य बनने की प्रेरणा देता है। इस ग्रंथ में भगवान कृष्ण ने अर्जुन संपूर्ण ज्ञान प्रदान किया है। यह उपदेश मानव धर्म के लिए हैं। इसकी किसी भी धर्म शास्त्र से तुलना नहीं की जा सकती है। उन्होंने बताया कि विश्व गीता संस्थान का उद्देश्य पर्यावरण को सुरक्षित रखना है।
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कार्यक्रम में कवयित्री और विश्व गीता संस्थान की महासचिव तुषा शर्मा ने भजनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। संस्थान के कार्याध्यक्ष डॉक्टर जितेंद्र त्यागी ने विषय प्रवर्तन किया। संस्थान के अध्यक्ष डॉक्टर सुधांशु अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। आगामी 31 जनवरी एवं एक फरवरी 2026 को होने वाले श्रीमद्भगवद्गीता पारायण महायज्ञ की तैयारी के संबंध में कार्य समिति की बैठक की गई। अध्यक्षता डॉक्टर सुशील कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर जगमोहन लाल, डॉक्टर सम्यक जैन, हरेंद्र मोरल, राकेश गुप्ता, विवेक शर्मा, नरेंद्र राष्ट्रवादी आदि रहे।
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