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Meerut News: सपा ने अतुल की पत्नी पर खेला दांव, सीमा बनीं महापौर प्रत्याशी
Thu, 13 Apr 2023 02:50 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Thu, 13 Apr 2023 02:50 AM IST
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मेरठ। समाजवादी पार्टी ने सरधना विधायक अतुल प्रधान की पत्नी और जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष सीमा प्रधान को महापौर प्रत्याशी बनाया है। लखनऊ में बुधवार को सपाइयों की राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ बैठक हुई, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा रात करीब 11 बजे की गई। प्रत्याशी बनाए जाने की रेस में शहर विधायक रफीक अंसारी की पत्नी खुर्शीदा भी थीं।
जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह ने बताया कि लखनऊ में सपा मुख्यालय पर पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने मेरठ से गए सपाइयों के साथ महापौर प्रत्याशी को लेकर चर्चा की। मेरठ से उनके अलावा पूर्व जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, शहर विधायक रफीक अंसारी, सरधना विधायक अतुल प्रधान, किठौर विधायक शाहिद मंजूर, राष्ट्रीय सचिव आकिल मुर्तजा, पूर्व मंत्री अब्बास, अयूब अंसारी, बाबर चौहान और आदिल चौधरी आदि थे। शहर विधायक रफीक अंसारी भी अपनी पत्नी के लिए टिकट मांग रहे थे, जबकि अतुल प्रधान अपनी पत्नी के लिए। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सबकी बात सुनी और इसके बाद निर्णय लिया। अतुल और सीमा प्रधान का कहना है कि मजबूती के साथ सबको साथ लेकर चुनाव लड़ा जाएगा। जब से आरक्षण जारी हुआ था, तभी से चुनाव की तैयारी शुरू कर दी गई थी। जनता उनके साथ है। वहीं, विधायक रफीक अंसारी का कहना है कि उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष से यही कहा है कि जिस भी प्रत्याशी को वह चुनेंगे, उसे मजबूती से चुनाव लड़ाया जाएगा।
मेरठ में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए यह सीट आरक्षित है। इसके लिए विधायक अतुल प्रधान और विधायक रफीक अंसारी के बीच टिकट को लेकर जोर आजमाइश चल रही थी। दोनों ने इसके लिए आवेदन किए हुए थे। शहर में चार लाख से ज्यादा मुस्लिम मतदाता हैं, जबकि गुर्जर मतदाता 20 हजार से भी कम हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि रफीक अंसारी की पत्नी का भी टिकट हो सकता है। इनके अलावा सपा से गूमी गांव के कर्मवीर गूमी, जितेंद्र गुर्जर और जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक अपनी अपनी माता के लिए भी ताल ठोक रहे थे, लेकिन बाजी अतुल प्रधान के हाथ लगी।
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आसान नहीं जीत की डगर
निगम चुनाव में समाजवादी पार्टी की कठिन परीक्षा होगी। अभी तक सपा अपने बूते पर मेयर का चुनाव नहीं जीत सकी है। पिछली महापौर सुनीता वर्मा भी जब चुनाव जीती थीं तो वह बसपा में थीं। इसके बाद सपा में शामिल हुई थीं। साल 2006 में महापौर पद पर सपा समर्थित लीलावती की जमानत जब्त हुई थी और 10 पार्षद बने थे। नगर पंचायत लावड़ पर जीत हुई थी। साल 2012 में सपा समर्थित महापौर प्रत्याशी रफीक अंसारी हारे थे और चार पार्षद जीते थे। साल 2017 में महापौर प्रत्याशी दीपू मनोठिया हारीं और चार पार्षद जीते थे। नगर पालिका सरधना पर जीत हुई थी।
सीमा प्रधान : प्रोफाइल
माध्यमिक शिक्षा- नवजीवन किसान इंटर कॉलेज कॉलेज, कस्तला शमशेरनगर, मेरठ से की।
उच्च शिक्षा-(स्नातक एवं परास्नातक) चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ
2012 से सक्रिय सदस्य समाजवादी पार्टी
2015 जिला पंचायत अध्यक्ष
2018 से राष्ट्रीय सचिव समाजवादी पार्टी महिला सभा
शाहिद मंजूर और अयूब अंसारी में नोकझोंक
सपाइयों ने बताया कि लखनऊ में महापौर प्रत्याशी पर चर्चा के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री और किठौर विधायक शाहिद मंजूर की मंत्री (दर्जा प्राप्त) अयूब अंसारी की नोकझोंक हो गई। हालांकि बाद में अखिलेश यादव ने दोनों को समझाकर शांत किया। इस संबंध में शाहिद मंजूर और अयूब अंसारी का कहना है कि मामूली कहासुनी हुई थी।
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सपाइयों के 59 आवेदन और आए
नगर निकाय चुनाव में समाजवादी पार्टी में आवेदन प्रक्रिया के तीसरे दिन बुधवार को सपा कार्यालय में 59 आवेदन और आए। मंगलवार को 104 लोगों ने आवेदन किए थे, जबकि पहले दिन सोमवार को 67 आवेदन आए थे। इस तरह आवेदनों की संख्या 230 हो गई है। यह प्रक्रिया 15 अप्रैल तक चलेगी। जिलाध्यक्ष ने बताया कि महापौर के लिए बुधवार को कोई आवेदन नहीं आया। नगर पालिका के लिए दो और नगर पंचायतों के लिए चार आवेदन आए।
लखनऊ से वंदना मिश्रा सपा की महापौर उम्मीदवार
लखनऊ। सपा में बुधवार देर शाम लखनऊ सहित आठ नगर निगमों के महापौर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। लखनऊ से वंदना मिश्रा को उम्मीदवार बनाया गया है। महापौर, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत अध्यक्षों के नाम को लेकर पार्टी के नेताओं ने दिन भर बैठकें कीं। इस दौरान महापौर को लेकर अलग-अलग नामों पर चर्चा हुई। इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में महापौर के उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई। इनमें से लखनऊ से उम्मीदवार बनाई गईं वंदना मिश्रा प्रो. रमेश दीक्षित की पत्नी हैं। इसी तरह मेरठ से विधायक अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान, गोरखपुर से काजल निषाद, प्रयागराज से अजय श्रीवास्तव, झांसी से रघुवीर चौधरी, शाहजहांपुर से अर्चना वर्मा, फिरोजाबाद से मशरूर फातिमा और अयोध्या से आशीष पांडेय को प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं, तिलहर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद के लिए लाल बाबू और कुंदरकी नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए शमीना खातून को उम्मीदवार बनाया गया है।
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जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह ने बताया कि लखनऊ में सपा मुख्यालय पर पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने मेरठ से गए सपाइयों के साथ महापौर प्रत्याशी को लेकर चर्चा की। मेरठ से उनके अलावा पूर्व जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, शहर विधायक रफीक अंसारी, सरधना विधायक अतुल प्रधान, किठौर विधायक शाहिद मंजूर, राष्ट्रीय सचिव आकिल मुर्तजा, पूर्व मंत्री अब्बास, अयूब अंसारी, बाबर चौहान और आदिल चौधरी आदि थे। शहर विधायक रफीक अंसारी भी अपनी पत्नी के लिए टिकट मांग रहे थे, जबकि अतुल प्रधान अपनी पत्नी के लिए। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सबकी बात सुनी और इसके बाद निर्णय लिया। अतुल और सीमा प्रधान का कहना है कि मजबूती के साथ सबको साथ लेकर चुनाव लड़ा जाएगा। जब से आरक्षण जारी हुआ था, तभी से चुनाव की तैयारी शुरू कर दी गई थी। जनता उनके साथ है। वहीं, विधायक रफीक अंसारी का कहना है कि उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष से यही कहा है कि जिस भी प्रत्याशी को वह चुनेंगे, उसे मजबूती से चुनाव लड़ाया जाएगा।
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मेरठ में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए यह सीट आरक्षित है। इसके लिए विधायक अतुल प्रधान और विधायक रफीक अंसारी के बीच टिकट को लेकर जोर आजमाइश चल रही थी। दोनों ने इसके लिए आवेदन किए हुए थे। शहर में चार लाख से ज्यादा मुस्लिम मतदाता हैं, जबकि गुर्जर मतदाता 20 हजार से भी कम हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि रफीक अंसारी की पत्नी का भी टिकट हो सकता है। इनके अलावा सपा से गूमी गांव के कर्मवीर गूमी, जितेंद्र गुर्जर और जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक अपनी अपनी माता के लिए भी ताल ठोक रहे थे, लेकिन बाजी अतुल प्रधान के हाथ लगी।
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आसान नहीं जीत की डगर
निगम चुनाव में समाजवादी पार्टी की कठिन परीक्षा होगी। अभी तक सपा अपने बूते पर मेयर का चुनाव नहीं जीत सकी है। पिछली महापौर सुनीता वर्मा भी जब चुनाव जीती थीं तो वह बसपा में थीं। इसके बाद सपा में शामिल हुई थीं। साल 2006 में महापौर पद पर सपा समर्थित लीलावती की जमानत जब्त हुई थी और 10 पार्षद बने थे। नगर पंचायत लावड़ पर जीत हुई थी। साल 2012 में सपा समर्थित महापौर प्रत्याशी रफीक अंसारी हारे थे और चार पार्षद जीते थे। साल 2017 में महापौर प्रत्याशी दीपू मनोठिया हारीं और चार पार्षद जीते थे। नगर पालिका सरधना पर जीत हुई थी।
सीमा प्रधान : प्रोफाइल
माध्यमिक शिक्षा- नवजीवन किसान इंटर कॉलेज कॉलेज, कस्तला शमशेरनगर, मेरठ से की।
उच्च शिक्षा-(स्नातक एवं परास्नातक) चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ
2012 से सक्रिय सदस्य समाजवादी पार्टी
2015 जिला पंचायत अध्यक्ष
2018 से राष्ट्रीय सचिव समाजवादी पार्टी महिला सभा
शाहिद मंजूर और अयूब अंसारी में नोकझोंक
सपाइयों ने बताया कि लखनऊ में महापौर प्रत्याशी पर चर्चा के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री और किठौर विधायक शाहिद मंजूर की मंत्री (दर्जा प्राप्त) अयूब अंसारी की नोकझोंक हो गई। हालांकि बाद में अखिलेश यादव ने दोनों को समझाकर शांत किया। इस संबंध में शाहिद मंजूर और अयूब अंसारी का कहना है कि मामूली कहासुनी हुई थी।
सपाइयों के 59 आवेदन और आए
नगर निकाय चुनाव में समाजवादी पार्टी में आवेदन प्रक्रिया के तीसरे दिन बुधवार को सपा कार्यालय में 59 आवेदन और आए। मंगलवार को 104 लोगों ने आवेदन किए थे, जबकि पहले दिन सोमवार को 67 आवेदन आए थे। इस तरह आवेदनों की संख्या 230 हो गई है। यह प्रक्रिया 15 अप्रैल तक चलेगी। जिलाध्यक्ष ने बताया कि महापौर के लिए बुधवार को कोई आवेदन नहीं आया। नगर पालिका के लिए दो और नगर पंचायतों के लिए चार आवेदन आए।
लखनऊ से वंदना मिश्रा सपा की महापौर उम्मीदवार
लखनऊ। सपा में बुधवार देर शाम लखनऊ सहित आठ नगर निगमों के महापौर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। लखनऊ से वंदना मिश्रा को उम्मीदवार बनाया गया है। महापौर, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत अध्यक्षों के नाम को लेकर पार्टी के नेताओं ने दिन भर बैठकें कीं। इस दौरान महापौर को लेकर अलग-अलग नामों पर चर्चा हुई। इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में महापौर के उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई। इनमें से लखनऊ से उम्मीदवार बनाई गईं वंदना मिश्रा प्रो. रमेश दीक्षित की पत्नी हैं। इसी तरह मेरठ से विधायक अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान, गोरखपुर से काजल निषाद, प्रयागराज से अजय श्रीवास्तव, झांसी से रघुवीर चौधरी, शाहजहांपुर से अर्चना वर्मा, फिरोजाबाद से मशरूर फातिमा और अयोध्या से आशीष पांडेय को प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं, तिलहर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद के लिए लाल बाबू और कुंदरकी नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए शमीना खातून को उम्मीदवार बनाया गया है।