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स्मॉग का कहर, सांसों में घुल रहा जहर
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Thu, 09 Nov 2017 02:21 AM IST
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जिला अस्पताल में लगी मरीजों की लाइन।
- फोटो : अमर उजाला
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धुएं, धुंध के स्मॉग और कोहरे का कहर लोगों के सांसों में जहर घोल रहा है। बुधवार को भी धुंध की चादर रही। सांस के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सांस, अस्थमा और साइनस के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। इनमें महिलाओं और बच्चों की तादाद भी काफी है.
यहां पिछले कुछ दिनों से ओपीडी साढ़े चार से पांच हजार के पार जा रही है। अब पिछले तीन दिनों से दोनों सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में सांस के मरीजों की संख्या आठ सौ से एक हजार केकरीब पहुंच रही है। निजी अस्पतालों और चिकित्सकों केपास भी मरीजों की भरमार है। सांस और छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर ने बताया कि उनकेपास पिछले दिनों के मुकाबले अब सांस के दोगुने मरीज आ रहे हैं।
करें गुनगुने पानी केगरारे
डॉ. वीरोत्तम तोमर ने बताया कि धुंध में घुले कण खतरनाक हैं, यह सांस की नलियों में सिकुड़न और फेफड़ों में पहुंचकर उन्हें क्षति पहुंचाते हैं। यह इतनी महीन होते हैं कि आसानी से फेपड़ों तक पहुंच जाते हैं। ऐसा मौसम हो गुनगुने पानी से गरारे करने चाहिए।
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यहां पिछले कुछ दिनों से ओपीडी साढ़े चार से पांच हजार के पार जा रही है। अब पिछले तीन दिनों से दोनों सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में सांस के मरीजों की संख्या आठ सौ से एक हजार केकरीब पहुंच रही है। निजी अस्पतालों और चिकित्सकों केपास भी मरीजों की भरमार है। सांस और छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर ने बताया कि उनकेपास पिछले दिनों के मुकाबले अब सांस के दोगुने मरीज आ रहे हैं।
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करें गुनगुने पानी केगरारे
डॉ. वीरोत्तम तोमर ने बताया कि धुंध में घुले कण खतरनाक हैं, यह सांस की नलियों में सिकुड़न और फेफड़ों में पहुंचकर उन्हें क्षति पहुंचाते हैं। यह इतनी महीन होते हैं कि आसानी से फेपड़ों तक पहुंच जाते हैं। ऐसा मौसम हो गुनगुने पानी से गरारे करने चाहिए।
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