{"_id":"46d7211074015b5fd2d2c9183b034ceb","slug":"smart-city-meerut-hindi-news-5","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब जेएनएनयूआरएम ने भी स्मार्ट सिटी को दिया झटका ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब जेएनएनयूआरएम ने भी स्मार्ट सिटी को दिया झटका
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Tue, 08 Sep 2015 02:21 AM IST
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स्मार्ट सिटी में बदनुमा दाग साबित हो रहे जेएनएनयूआरएम की योजना के अधूरे कार्यों के लिए भी राज्य और केंद्र सरकार जिम्मेदार है। जहां गंगाजल और कूड़ा निस्तारण योजना उप्र सरकार की अनदेखी के कारण पूरी नहीं हो पाई है वहीं सीवर लाइन के लिए अभी केंद्र से पैसा नहीं मिला है।
राज्य और केंद्र सरकार मेरठ के साथ धोखा कर रही हैं। धन के अभाव में योजनाएं पूरी नहीं हुई हैं। इसका ठीकरा नगर निगम प्रशासन पर फोड़ा जा रहा है। यानी प्रजेंटेशन के दौरान मेरठ को जेएनएनयूआरएम योजना के अधूरे पड़े कार्यों के कारण ही पांच नंबर गंवाने पड़े।
दोनों ही सरकार अपने करनी पर पर्दा डाल रही है। भारत सरकार की जेएनएनयूआरएम योजना के तहत मेरठ में गंगाजल, सीवर सिस्टम, कूड़ा निस्तारण, ट्रांसपोर्ट योजना संचालित की गई थी। महानगर बस सेवा को छोड़कर बाकी तीनों योजनाएं अभी गर्भ में ही दम तोड़ रही हैं। इसके पीछे निगम सिस्टम नहीं बल्कि नगर विकास विभाग उप्र, और केंद्र सरकार है। क्योंकि समय पर धन न मिलने के कारण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है।
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राज्य और केंद्र सरकार मेरठ के साथ धोखा कर रही हैं। धन के अभाव में योजनाएं पूरी नहीं हुई हैं। इसका ठीकरा नगर निगम प्रशासन पर फोड़ा जा रहा है। यानी प्रजेंटेशन के दौरान मेरठ को जेएनएनयूआरएम योजना के अधूरे पड़े कार्यों के कारण ही पांच नंबर गंवाने पड़े।
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दोनों ही सरकार अपने करनी पर पर्दा डाल रही है। भारत सरकार की जेएनएनयूआरएम योजना के तहत मेरठ में गंगाजल, सीवर सिस्टम, कूड़ा निस्तारण, ट्रांसपोर्ट योजना संचालित की गई थी। महानगर बस सेवा को छोड़कर बाकी तीनों योजनाएं अभी गर्भ में ही दम तोड़ रही हैं। इसके पीछे निगम सिस्टम नहीं बल्कि नगर विकास विभाग उप्र, और केंद्र सरकार है। क्योंकि समय पर धन न मिलने के कारण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है।
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