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स्मार्ट सिटी पर अपना दावा मजबूत
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Thu, 24 Sep 2015 02:08 AM IST
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स्मार्ट सिटी पर मेरठ का दावा मजबूत हो गया है। बुधवार को मेरठ की आवाज लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दरबार में भी गूंजी। एक तरफ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और शहर विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने सीएम के सामने मेरठ के पक्ष में तमाम तर्क पेश करते हुए स्मार्ट सिटी का हक मांगा।
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वहीं, दूसरी तरफ संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने व्यापारियों के साथ सीएम से मुलाकात कर मेरठ को स्मार्ट सिटी बनाने की मांग की। अलग-अलग हुई मुलाकातों के बाद डॉ. वाजपेयी और नवीन गुप्ता ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने मेरठ को उसका हक देने का आश्वासन दिया है। साथ ही कहा कि स्मार्ट सिटी के बिना मेरठ में मेट्रो अधूरी रहेगी।
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मुलाकात के दौरान डॉ. वाजपेयी ने 29 जुलाई को स्मार्ट सिटी को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय समिति की बैठक में हुए फैसलों की विसंगतियों को रेखांकित करते हुए सीएम को पत्र सौंपा। साथ ही मेरठ को स्मार्ट सिटी का दर्जा देने संबंधी तमाम तर्क पेश किए। कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय से 29 जुलाई को जो प्रेस रिलीज जारी हुई थी, उसमें रायबरेली का नाम तक नहीं था।
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पहली सूची में मेरठ 13वें और रायबरेली 14वें स्थान पर था। लेकिन, दूसरी सूची में रायबरेली को 13ए करते हुए मेरठ को 13बी दर्शा दिया गया। उन्होंने कहा कि कैटेगरी ही देनी थी तो ए पर मेरठ और बी पर रायबरेली को होना था। सवाल उठाया कि बिना कोई वजह बताये इसे उल्टा क्यों किया गया। साथ ही यह तर्क भी रखा कि लिपिकीय त्रुटि के चलते शून्य अंक आकलन संबंधी प्रपत्र दो के पृष्ठ तीन (बिंदु 12) की वास्तविक स्थिति 40.36 है। इससे भी मेरठ को पांच अंक मिल सकते हैं।
मजबूती से रखे तर्क:
वाजपेयी ने कहा कि गंगाजल योजना नहीं शुरू होने के कारण वर्ष-2013 में 50 करोड़ रुपये नगर विकास विभाग से सिंचाई विभाग ने मांगे थे, जो नहीं दिए गए। इससे योजना पूरी नहीं हो पाई। ऐसा होता तो इस कैटेगरी में मेरठ को 97 के स्थान पर 100 अंक मिलते। यानी तीन अंक का नुकसान रहा। इसका जिम्मेदार नगर निगम नहीं है। मेरठ को कुल 75 अंक मिले, जबकि मिलने चाहिए थे 83। उन्हाेंने तर्क पेश किया कि मेरठ में स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत हुई। यह एनसीआर का केंद्र है। नगर निगम है। मंडल मुख्यालय है। सर्वाधिक टैक्स देने वाला शहर है।
रायबरेली की भी लड़ाई लड़ेंगे
वाजपेयी ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते वे रायबरेली की भी लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि वर्ष-1952 से अब तक रायबरेली में ज्यादातर सांसद कांग्रेस से ही रहे और सत्ता में रहे, फिर क्यों उसका विकास नहीं हो पाया। वाजपेयी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनके तर्कों पर सहमति जताते हुए केंद्र सरकार को इसकी अनुशंसा करने की बात कही है।
शहर विधानसभा को दो करोड़
डॉ. वाजपेयी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने शहर विधानसभा में विभिन्न विकास कार्यों के लिये दो करोड़ रुपये अवमुक्त करने की मांग स्वीकृत की। साथ ही एक तीन साल की जरूरतमंद बच्ची के ऑपरेशन के लिए सात लाख रुपये की आर्थिक मदद आश्वासन दिया। उन्होंने मेट्रो की डीपीआर भी जल्द फाइनल कराने का आश्वासन दिया।
व्यापारी नेताओं ने भी रखा पक्ष
बुधवार को संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता की अगुवाई में मेरठ के व्यापारियों का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास पर मिला। इस दौरान कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी और समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष अतुल प्रधान भी मौजूद रहे। करीब 40 मिनट की मुलाकात में व्यापारी नेताओं ने मेरठ को स्मार्ट सिटी का दर्जा देने संबंधी तर्क रखे। बताया कि किस तरह यह मुद्दा जनांदोलन बन गया है। व्यापारियों के साथ वकील, डॉक्टर समेत समाज का हर वर्ग इस मुद्दे पर मुखर है।
स्मार्ट सिटी बिन अधूरी रहेगी मेट्रो
सीएम ने कहा कि सरकार अधिक से अधिक शहरों को स्मार्ट सिटी बनाना चाहती है, ताकि लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मेरठ का अहम स्थान है, इसलिए इसे स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल करना उचित रहेगा। यह भी कहा, स्मार्ट सिटी के बिना मेरठ में मेट्रो अधूरी रहेगी। साथ ही केंद्र सरकार को 13वें शहर के लिए मेरठ का नाम भेजने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री से वार्ता में संयुक्त व्यापार संघ के कोषाध्यक्ष सतीश चंद जैन, मंत्री विपुल सिंघल व गौरव शर्मा के अलावा संजीव मित्तल, अंकुश चौधरी, विपिन चौधरी, सुनील वर्मा, दीपक गांधी, अशोक शर्मा और विपिन अग्रवाल शामिल थे।
‘हमारे तर्कों पर मिला आश्वासन’
नवीन गुप्ता ने कहा कि सीएम से मुलाकात के दौरान हमने उन्हें शहर में चल रहे जनता और ढाई लाख व्यापारियों के आंदोलन के संबंध में जानकारी दी। इस पर उन्होंने मुझसे मेरठ को स्मार्ट सिटी का हक देने का आश्वासन दिया, न कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को।
आज केंद्र को भेजी जा सकती है सूची
सोमवार को लखनऊ में स्मार्ट सिटी के चयन के लिए हुई बैठक के मिनिट्स बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार को भेजे जा सकते हैं। बुधवार को सीएम से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और व्यापारी नेताओं की मुलाकात के बाद मेरठ का दावा मजबूत माना जा रहा है।