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बिना एसआईटी के कैसे होगी नकली किताबों की विवेचना

Sat, 29 Aug 2020 01:57 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2020 01:57 AM IST
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SIT not yet constituted for investigation
मेरठ। एनसीईआरटी की पकड़ी गई नकली किताबों के प्रकरण के एक सप्ताह बाद भी एसटीएफ और परतापुर पुलिस ही मामले की जांच कर रही है। विवेचना भी आगे नहीं बढ़ पाई है। इसके बावजूद मामले में अभी तक एसआईटी का गठन नहीं किया गया है। जबकि गरोह ने वेस्ट यूपी समेत अन्य राज्यों में भी अपना जाल फैला रखा था। मुख्य आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। 2018 में मेरठ में करोड़ों रुपये के राशन घोटाले में अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज हुए थे। मामले में एसएसपी ने एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम) गठित की गई। एसपी क्राइम के नेतृत्व में आठ इंस्पेक्टर घोटाले की विवेचना कर रहे हैं। चौधरी चरण सिंह विवि कैंपस में एमबीबीएस व अन्य परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के बदलने के मामले में सीओ के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई थी। अगस्त 2019 में नकली और मिलावटी तेल मामले में एसपी देहात अविनाश पांडे के निर्देशन में एसआईटी जांच कर रही है। लेकिन नकली किताबों के मामले में अभी तक उच्च अधिकारियों ने कोई निर्णय नहीं लिया है। परतापुर इंस्पेक्टर आनंद प्रकाश मिश्रा खुद विवेचना करने की बात कर रहे थे। हाल ही में विवेचना में एक अन्य दरोगा को शामिल किया गया है।
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