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Meerut News: सर फेल मत करना...मम्मी रील बनाना छुड़वा देंगी
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- यूपी बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन में परीक्षकों से की जा रही अजब तरह की अपीलें
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन जारी है। इस दौरान परीक्षकों को छात्रों की कॉपियों में न केवल उत्तर, बल्कि तरह-तरह की भावुक और मजेदार अपीलें भी देखने को मिल रही हैं। एक परीक्षार्थी ने उत्तर पुस्तिका में लिखा है- सर, फेल मत करना, वरना मम्मी रील बनाना छुड़वा देंगी। जाहिर है कि छात्र की मां पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए उसे रील बनाने से रोकती होंगी।
फेल होने के डर से छात्र की ओर से यह अपील की गई ताकि उसके रील्स बनाने पर रोक न लगे। यह अपील परीक्षकों के बीच चर्चा का विषय रही। इसी तरह अन्य उत्तर पुस्तिकाओं में भी छात्र पास होने के लिए अलग-अलग तरह से मनुहार लगा रहे हैं। एक छात्रा ने लिखा- गुरुजी, मुझे पास नहीं किया तो मम्मी-पापा मेरी शादी कर देंगे। मैं आगे पढ़ना चाहती हूं। कुछ छात्रों ने पारिवारिक कलह का हवाला देकर तैयारी न होने की बात कही और पास करने की गुहार लगाई है।
जिले में पांच मूल्यांकन केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की जा रही है। परीक्षकों का कहना है कि पास करने की अपीलें तो हर साल मिलती हैं लेकिन इस बार रील्स और शादी जैसे मुद्दे ज्यादा चर्चित हैं। नाम न छापने के अनुरोध पर एक परीक्षक ने बताया कि ये भावुक अपीलें पढ़कर मन उदास भी होता है और हंसी भी आती है। उन्होंने दावा किया कि इन अपीलों के बावजूद मूल्यांकन निष्पक्षता से किया जा रहा है।
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कम हुआ नोट निकलने का चलन
गत वर्षों में उत्तर पुस्तिकाओं में परीक्षार्थी रुपये रखकर पास करने की गुहार लगाते थे। समय के साथ उत्तर पुस्तिकाओं में रुपये रखने का चलन कम हुआ है। गत वर्षों से मूल्यांकन करने वाले परीक्षक ने बताया कि पहले 20, 50 और 100 रुपये के नोट उत्तर पुस्तिकाओं से निकलते थे। इसके बाद 500 और 1000 रुपये तक भी उत्तर पुस्तिकाओं से निकलने लगे। अब दो-तीन वर्षों में उत्तर पुस्तिकाओं से रुपये निकलने कम हो गए हैं। हालांकि मजबूरी जताकर पास करने की गुहार लगाने वालों की संख्या नहीं घटी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन जारी है। इस दौरान परीक्षकों को छात्रों की कॉपियों में न केवल उत्तर, बल्कि तरह-तरह की भावुक और मजेदार अपीलें भी देखने को मिल रही हैं। एक परीक्षार्थी ने उत्तर पुस्तिका में लिखा है- सर, फेल मत करना, वरना मम्मी रील बनाना छुड़वा देंगी। जाहिर है कि छात्र की मां पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए उसे रील बनाने से रोकती होंगी।
फेल होने के डर से छात्र की ओर से यह अपील की गई ताकि उसके रील्स बनाने पर रोक न लगे। यह अपील परीक्षकों के बीच चर्चा का विषय रही। इसी तरह अन्य उत्तर पुस्तिकाओं में भी छात्र पास होने के लिए अलग-अलग तरह से मनुहार लगा रहे हैं। एक छात्रा ने लिखा- गुरुजी, मुझे पास नहीं किया तो मम्मी-पापा मेरी शादी कर देंगे। मैं आगे पढ़ना चाहती हूं। कुछ छात्रों ने पारिवारिक कलह का हवाला देकर तैयारी न होने की बात कही और पास करने की गुहार लगाई है।
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जिले में पांच मूल्यांकन केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की जा रही है। परीक्षकों का कहना है कि पास करने की अपीलें तो हर साल मिलती हैं लेकिन इस बार रील्स और शादी जैसे मुद्दे ज्यादा चर्चित हैं। नाम न छापने के अनुरोध पर एक परीक्षक ने बताया कि ये भावुक अपीलें पढ़कर मन उदास भी होता है और हंसी भी आती है। उन्होंने दावा किया कि इन अपीलों के बावजूद मूल्यांकन निष्पक्षता से किया जा रहा है।
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कम हुआ नोट निकलने का चलन
गत वर्षों में उत्तर पुस्तिकाओं में परीक्षार्थी रुपये रखकर पास करने की गुहार लगाते थे। समय के साथ उत्तर पुस्तिकाओं में रुपये रखने का चलन कम हुआ है। गत वर्षों से मूल्यांकन करने वाले परीक्षक ने बताया कि पहले 20, 50 और 100 रुपये के नोट उत्तर पुस्तिकाओं से निकलते थे। इसके बाद 500 और 1000 रुपये तक भी उत्तर पुस्तिकाओं से निकलने लगे। अब दो-तीन वर्षों में उत्तर पुस्तिकाओं से रुपये निकलने कम हो गए हैं। हालांकि मजबूरी जताकर पास करने की गुहार लगाने वालों की संख्या नहीं घटी है।