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क्वारंटीन में गुजरी कोरोना योद्धा की शादी की सिल्वर जुबली
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क्वारंटीन में गुजरी कोरोना योद्धा की शादी की सिल्वर जुबली
मेरठ। शादी की 25वीं सालगिरह, यानी सिल्वर जुबली। सभी के लिए बेहद खास होती है। लोग इसे धूमधाम से सेलिब्रेट भी करते हैं। मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी नानूराम भी ऐसा करना चाह रहे थे। इसे धूमधाम से मनाने की तैयारी भी कर रहे थे। लेकिन कोरोना महामारी की आमद और लॉकडाउन ने इस पर पानी फेर दिया। शनिवार को उनकी शादी को 25 साल पूरे हो गए। लेकिन क्वारंटीन होने के कारण उन्हें पत्नी और बच्चों से दूर रहना पड़ा। ऐसे में नानूराम ने वीडियो कॉल पर शादी के खुशनुमा पलों को याद किया। मुस्कुराए, उदास भी हुए। फिर एक-दूसरे का हौसला बढ़ाया।
दरअसल, नानूराम, इस वक्त एक होटल में 14 दिन के लिए क्वारंटीन हैं। वह मेडिकल कॉलेज के उन कोरोना योद्धाओं की उस दूसरी टीम का हिस्सा थे, जिसने कोरोना के मरीजों का इलाज और देखभाल की। सात दिन इलाज के बाद 14 दिन के लिए पूरी टीम को क्वारंटीन में भेज दिया गया है। अभी कुछ दिन उन्हें वहीं रहना है। जबकि कोरोना योद्धा नानूराम की पत्नी और बच्चे मेडिकल कॉलेज में हैं। नानूराम अपनी शादी की बातें बताते हुए भावुक भी हुए। कहा कि पत्नी ने सुख-दुख की हर घड़ी में साथ दिया। कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। 25 साल का साथ है। उन्होंने कहा कि हालांकि खुशी है कि मुझे इस महामारी में कोरोना योद्धा बनकर सेवा करने का मौका मिला। बाद में सालगिरह जरूर मनाएंगे।
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मेरठ। शादी की 25वीं सालगिरह, यानी सिल्वर जुबली। सभी के लिए बेहद खास होती है। लोग इसे धूमधाम से सेलिब्रेट भी करते हैं। मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी नानूराम भी ऐसा करना चाह रहे थे। इसे धूमधाम से मनाने की तैयारी भी कर रहे थे। लेकिन कोरोना महामारी की आमद और लॉकडाउन ने इस पर पानी फेर दिया। शनिवार को उनकी शादी को 25 साल पूरे हो गए। लेकिन क्वारंटीन होने के कारण उन्हें पत्नी और बच्चों से दूर रहना पड़ा। ऐसे में नानूराम ने वीडियो कॉल पर शादी के खुशनुमा पलों को याद किया। मुस्कुराए, उदास भी हुए। फिर एक-दूसरे का हौसला बढ़ाया।
दरअसल, नानूराम, इस वक्त एक होटल में 14 दिन के लिए क्वारंटीन हैं। वह मेडिकल कॉलेज के उन कोरोना योद्धाओं की उस दूसरी टीम का हिस्सा थे, जिसने कोरोना के मरीजों का इलाज और देखभाल की। सात दिन इलाज के बाद 14 दिन के लिए पूरी टीम को क्वारंटीन में भेज दिया गया है। अभी कुछ दिन उन्हें वहीं रहना है। जबकि कोरोना योद्धा नानूराम की पत्नी और बच्चे मेडिकल कॉलेज में हैं। नानूराम अपनी शादी की बातें बताते हुए भावुक भी हुए। कहा कि पत्नी ने सुख-दुख की हर घड़ी में साथ दिया। कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। 25 साल का साथ है। उन्होंने कहा कि हालांकि खुशी है कि मुझे इस महामारी में कोरोना योद्धा बनकर सेवा करने का मौका मिला। बाद में सालगिरह जरूर मनाएंगे।
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