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सरकारी अस्पताल में भी अपनी सेवाएं दें निजी चिकित्सक : सिद्धार्थनाथ सिंह

Sun, 28 Oct 2018 07:56 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Sun, 28 Oct 2018 07:56 PM IST
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Siddharthnath Singh says Private doctor should give serve to the government hospital
चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह - फोटो : amar ujala

प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री तथा मेरठ के प्रभारी मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने आईएमए भवन में कहा कि प्राइवेट हॉस्पिटल और नर्सिंग होम संचालक अब सीएचसी पर भी अपना अस्पताल खोल सकेंगे। हर जिले में दो सीएचसी और प्रदेश भर में 150 सीएससी पर उनके लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। 

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इसके अलावा उन्होंने कहा कि लखनऊ में हुए खून की धांधली के मामले में बड़ा घोटाला है जिसकी गंभीरता से जांच कराई जा रही है और उसकी जड़ तक पहुंचने में अभी समय लग रहा है। निजी चिकित्सकों से उन्होंने आग्रह किया है कि वह सरकारी अस्पताल में भी अपनी सेवाएं दे ताकि वहां चल रही स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की किल्लत को दूर किया जा सके।
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उन्होंने कहा कि पार्षद और दरोगा के बीच हुए मामले में पुलिस ने जो एक तरफा कार्रवाई की है, वह अब नहीं होगी। इस मामले में सोमवार को ही कंकरखेड़ा थाने में दरोगा और उसके साथ मौजूद महिला के खिलाफ पार्षद द्वारा दी गयी तहरीर पर मुकदमा दर्ज होगा। वहीं होटल के भीतर के जो भी वीडियो वायरल हुए हैं, उन पर संज्ञान लेते हुए विभागीय कार्रवाई भी तय करेंगे। 

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सर्किट हाउस में जिला और महानगर समन्वय समितियों तथा पुलिस प्रशासन व अन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि पार्षद और दरोगा के बीच मामला दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मामले में जनप्रतिनिधियों और संगठन के लोगों ने जो उन्हें जानकारी दी, उसके बाद डीएम व एसएसपी से पूरे मामले पर चर्चा की गयी।

 एसएसपी को निर्देश दिया गया है कि दरोगा के खिलाफ भी पार्षद की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की जाये। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि उनकी संयुक्त व्यापार संघ के प्रतिनिधि मंडल से भी इस मुद्दे पर वार्ता हुई और उन्हें भी आश्वस्त किया गया है कि किसी व्यापारी का उत्पीड़न नहीं होगा। इस आश्वासन पर उन्होंने भी अपना सोमवार का बंद वापस ले लिया है।

नगर स्वास्थ्य अधिकारी न हटने पर जताया खेद 
पिछले माह मेरठ दौरे के दौरान नगर स्वास्थ्य अधिकारी को तीन दिन में हटाने के आदेश हवाई होने पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि यह मेरी कमी है और मैं इस पर खेद व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों को कार्रवाई करनी थी, वह लखनऊ में बैठे हैं। लेकिन अब इस पर कार्रवाई तो होगी ही उन अधिकारियों से भी जवाब मांगा जायेगा कि अब तक क्यों कार्रवाई नहीं हुई।

क सवाल के जवाब में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हैं, जिसका पता अब चल रहा है। इसी भ्रष्टाचार से पता चल रहा है कि एनआरएचएम घोटाला कैसे हुआ होगा। लेकिन हम इस भ्रष्टाचार की कमर तोड़ने में लगे हुए हैं और जल्दी ही इस संगठित भ्रष्टाचार को समाप्त कर देंगे। 

पिछली बैठक की हुई समीक्षा
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि 13 सितंबर को समन्वय समितियों की बैठक में जो विषय रखे गये थे, उन पर आज समीक्षा हुई। जिसमें पाया गया कि सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली में जो धांधली हो रही थी, उसमें काफी कमी आयी है। सितंबर माह के अंत तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन बारिश होने से यह काम पूरा नहीं हो पाया और कुछ धन की भी कमी है। ऐसे में जल्दी ही विभाग मुझे बजट बनाकर भेजेंगे, जिसकी तत्काल स्वीकृति कराकर जनपद की सड़कों को गड्ढामुक्त कराया जायेगा।

इसके साथ ही विद्युत विभाग किसानों के खिलाफ बिना नोटिस एफआईआर करा रहा था, जिस पर रोक के निर्देश दिये गये थे। लेकिन अभी भी कुछ मामले ऐसे सामने आये हैं। ऐसे में विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह निचले स्तर के जेई आदि अधिकारियोें पर नजर रखें कि कहीं भ्रष्ट आचरण के चलते वह दबाव बनाने को तो ऐसा नहीं कर रहे हैं।

इसके अलावा शहर की सफाई और स्वास्थ्य आदि समस्याओं पर भी चर्चा हुई। इनर रिंग रोड केंद्र सरकार का मामला है, जिस पर सांसद राजेंद्र अग्रवाल बेहतर पैरवी कर रहे हैं। जबकि एयरपोर्ट का रूट प्लान भेज दिया गया है, जिसके तहत लखनऊ और इलाहाबाद के लिए उड़ान होगी। लेकिन बिड को लेकर समस्या है। उम्मीद है कि इस बार की बिड में मेरठ शामिल हो जायेगा। 

ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ डीएम एसएसपी मारेंगे छापा 
प्रभारी मंत्री ने कहा कि बैठक में एक शिकायत सामने आयी है कि ट्रैफिक पुलिस बिना हेलमेट आदि वाहनों के खिलाफ चौराहों पर अभियान चलाते हुए उनसे अवैध उगाही कर रही है। इस पर उन्होंने डीएम और एसएसपी को निर्देश दिया है कि वह बिना वर्दी के आम जनता की तरह इसके खिलाफ छापामारी कर कार्रवाई करें। इस दौरान जिलाध्यक्ष रविंद्र भड़ाना, महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल मौजूद रहे। 

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