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शहर में एक माह के लिए गंगनहर से आपूर्ति बंद
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Tue, 11 Oct 2016 01:58 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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पानी की बर्बादी करने पर शहरवासियों को इसकी किल्लत झेलनी पड़ सकती है। क्योंकि एक माह के लिए गंगनहर को बंद कर दिया गया है। शहर की जनता को मिल रहे 40 एमएलडी गंगाजल की जगह अब नगर निगम अपनी ट्यूबवेलों से ही जलापूर्ति करेगा। जिसके चलते जहां कम प्रेशर के साथ पानी मिलेगा तो वहीं कुछ इलाकों में पानी की दिक्कत होगी। शहर की करीब छह लाख जनसंख्या इससे प्रभावित होगी।
चार माह से शहर में भोले की झाल से गंगाजल की सप्लाई हो रही है। शहर के घंटाघर टाउन हॉल, शर्मा स्मारक, विकासपुरी और सर्किट हाउस स्थित जलाशयों से शहर के बड़े इलाकों में घर-घर गंगाजल पहुंच रहा है। जिससे लोगों को कम प्रेशर के साथ ही गंदे पानी की समस्या से भी छुटकारा मिला। लेकिन अब सफाई के चलते एक माह नहर बंद होने के चलते लोगों को फिर समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। नहर से रोजाना छह घंटे जलापूर्ति हो रही थी जबकि अब ट्यूबवेल से दो घंटा सुबह और दो घंटा शाम ही आपूर्ति होगी।
हरिद्वार से हुआ गंगनहर का पानी बंद
प्रतिवर्ष अक्तूबर माह में नहरों की सफाई होती है। इस बार शासन के आदेश से पूरे एक माह यानी 10-11 अक्तूबर की मध्य रात्रि से 9-10 नवंबर की मध्य रात्रि तक हरिद्वार से गंगनहर में पानी नहीं छोड़ा जाएगा। सोमवार मध्य रात्रि हरिद्वार के भीमगौड़ा से पानी बंद कर दिया गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक नहर बंद होने का असर मेरठ में तीन से चार दिन बाद दिखाई देगा। नहर सूखने के बाद ही सफाई का काम शुरू होगा।
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निगम का यह दावा
नगर निगम प्रशासन का दावा है कि घंटाघर इलाके को छोड़कर बाकी किसी भी इलाके में पानी की कोई दिक्कत नहीं होगी। घंटाघर इलाके में जनता ने पानी की बर्बादी नहीं की और पानी स्टोर किया तो कोई दिक्कत नहीं होगी। जरूरत पड़ी तो निगम टैंकर से पानी की सप्लाई करेगा।
शहर में जलापूर्ति की स्थिति :
सर्किट हाउस जलाशय
शहर के साकेत, सिविल लाइन क्षेत्र, सूर्य नगर, प्रगति नगर, ऑफिसर कॉलोनी, वेस्टर्न कचहरी रोड, शिवाजी रोड, नंगला बट्टू, अशोक वाटिका, प्रभातनगर, मोहनपुरी, मंगलपांडे नगर आदि सहित 17 कॉलोनियों और मोहल्लों में एक माह गंगाजल के बजाय निगम की ट्यूबवेलों से पानी मिलेगा।
घंटाघर एरिया
घंटाघर टाउन हॉल परिसर स्थित जलाशय से घंटाघर, पत्थरवालान, सरायलाल दास, लाला का बाजार, नील गली, शीशमहल, डालमपाड़ा, होली चौक, कागजी बजार, जलीकोठी, केसरगंज, छतरीवाला पीर, खैरनगर, शहर सराफा आदि इलाकों में लोगों को पानी का सही उपयोग करना होगा। यहां ज्यादा समस्या रहेगी।
शर्मा स्मारक जलाशय
शर्मा स्मारक जलाशय से बच्चा पार्क, ईव्ज चौराहा, छीपी टैंक, शिव चौक, बुढ़ाना गेट सहित आसपास के बड़े इलाकों में जलापूर्ति होती है। दो दिन बाद यहां पानी का प्रेशर कम हो जाएगा। निगम ट्यूबवेल से पानी मिलेगा।
विकासपुरी जलाशय
विकास पुरी में छोटा जलाशय है। इस इलाके से लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र, कांच का पुल, विकासपुरी आदि क्षेत्रों से जुड़े मोहल्लों में जलापूर्ति होती है। यहां भी एक माह गंगनहर से आपूर्ति बंद रहेगी।
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चार माह से शहर में भोले की झाल से गंगाजल की सप्लाई हो रही है। शहर के घंटाघर टाउन हॉल, शर्मा स्मारक, विकासपुरी और सर्किट हाउस स्थित जलाशयों से शहर के बड़े इलाकों में घर-घर गंगाजल पहुंच रहा है। जिससे लोगों को कम प्रेशर के साथ ही गंदे पानी की समस्या से भी छुटकारा मिला। लेकिन अब सफाई के चलते एक माह नहर बंद होने के चलते लोगों को फिर समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। नहर से रोजाना छह घंटे जलापूर्ति हो रही थी जबकि अब ट्यूबवेल से दो घंटा सुबह और दो घंटा शाम ही आपूर्ति होगी।
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हरिद्वार से हुआ गंगनहर का पानी बंद
प्रतिवर्ष अक्तूबर माह में नहरों की सफाई होती है। इस बार शासन के आदेश से पूरे एक माह यानी 10-11 अक्तूबर की मध्य रात्रि से 9-10 नवंबर की मध्य रात्रि तक हरिद्वार से गंगनहर में पानी नहीं छोड़ा जाएगा। सोमवार मध्य रात्रि हरिद्वार के भीमगौड़ा से पानी बंद कर दिया गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक नहर बंद होने का असर मेरठ में तीन से चार दिन बाद दिखाई देगा। नहर सूखने के बाद ही सफाई का काम शुरू होगा।
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निगम का यह दावा
नगर निगम प्रशासन का दावा है कि घंटाघर इलाके को छोड़कर बाकी किसी भी इलाके में पानी की कोई दिक्कत नहीं होगी। घंटाघर इलाके में जनता ने पानी की बर्बादी नहीं की और पानी स्टोर किया तो कोई दिक्कत नहीं होगी। जरूरत पड़ी तो निगम टैंकर से पानी की सप्लाई करेगा।
शहर में जलापूर्ति की स्थिति :
सर्किट हाउस जलाशय
शहर के साकेत, सिविल लाइन क्षेत्र, सूर्य नगर, प्रगति नगर, ऑफिसर कॉलोनी, वेस्टर्न कचहरी रोड, शिवाजी रोड, नंगला बट्टू, अशोक वाटिका, प्रभातनगर, मोहनपुरी, मंगलपांडे नगर आदि सहित 17 कॉलोनियों और मोहल्लों में एक माह गंगाजल के बजाय निगम की ट्यूबवेलों से पानी मिलेगा।
घंटाघर एरिया
घंटाघर टाउन हॉल परिसर स्थित जलाशय से घंटाघर, पत्थरवालान, सरायलाल दास, लाला का बाजार, नील गली, शीशमहल, डालमपाड़ा, होली चौक, कागजी बजार, जलीकोठी, केसरगंज, छतरीवाला पीर, खैरनगर, शहर सराफा आदि इलाकों में लोगों को पानी का सही उपयोग करना होगा। यहां ज्यादा समस्या रहेगी।
शर्मा स्मारक जलाशय
शर्मा स्मारक जलाशय से बच्चा पार्क, ईव्ज चौराहा, छीपी टैंक, शिव चौक, बुढ़ाना गेट सहित आसपास के बड़े इलाकों में जलापूर्ति होती है। दो दिन बाद यहां पानी का प्रेशर कम हो जाएगा। निगम ट्यूबवेल से पानी मिलेगा।
विकासपुरी जलाशय
विकास पुरी में छोटा जलाशय है। इस इलाके से लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र, कांच का पुल, विकासपुरी आदि क्षेत्रों से जुड़े मोहल्लों में जलापूर्ति होती है। यहां भी एक माह गंगनहर से आपूर्ति बंद रहेगी।