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शहर में दौड़ रहीं नकली रोडवेज बसें होंगी सीज
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jan 2018 01:14 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दिल्ली रोड पर दौड़ रहीं नकली रोडवेज बसों का मामला एसएसपी मंजिल सैनी तक पहुंच गया है। उन्होंने एसपी ट्रैफिक को निर्देश दिए हैं कि शहर में जहां भी नकली रोडवेज बस मिलें, उन्हें सीज कर पुलिस लाइन भेज दिया जाए।
दिल्ली रोड पर सोतीगंज, केसरगंज, रेलवे रोड चौराहे के आसपास व अन्य स्थानों से ये नकली रोडवेज बसें संचालित होती हैं। इन्हें देखकर यात्रियों को बस देखकर यह नहीं चल पाता कि यह बस रोडवेज की हैं या फिर डग्गामार। इन बसों पर उत्तर प्रदेश परिवहन की जगह कौशांबी मेट्रो, उत्तर प्रदेश परिवार, वैशाली मेट्रो जैसे मिलते जुलते शब्द लिखे हुए हैं, जिससे यात्री भ्रमित हो रहे हैं।
सुरक्षा की नहीं कोई गारंटी
इन बसों में यात्रियों के बैठते ही टिकट बना दिया जाता हैं, जिससे यात्री कुछ दूरी के बाद उतर भी न सकें। इसके बाद ये जहां तहां बसों को रोकते हुए चलते हैं। यदि कोई यात्री विरोध कर दे तो उससे मारपीट तक की जाती है। बसों के चालक भी अनट्रेंड हैं। बीच सड़क पर ही बस को रोककर यात्रियों को बैठाया व उतारा जाता है। सबसे खास बात यह है कि यदि इन नकली बसों में सफर करने पर न तो कोई सुरक्षा है और न सहूलियत। यदि बस दुर्घटनाग्रस्त हो जाए तो कोई मुआवजा भी नहीं मिलेगा। जबकि रोडवेज बसों में टिकट लेने पर यह सुविधा है।
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आरटीओ से ली जानकारी
एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई का कहना है रोडवेज जैसी दिखने वाली डग्गामार बसों के मामले में आरटीओ विभाग के अधिकारियों से भी जानकारी ली गई है। जांच में सामने आया कि इन बसों का कांट्रेक्ट परमिट है। लेकिन बसों को स्टेज कैरिज परमिट पर चलाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन कर यह बसें दिल्ली रोड पर दौड़ रही हैं। एसपी ट्रैफिक का कहना है कि अभियान के दौरान यदि कहीं भी नकली रोडवेज बस दिखेगी तो इन्हें सीज किया जाएगा।
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दिल्ली रोड पर सोतीगंज, केसरगंज, रेलवे रोड चौराहे के आसपास व अन्य स्थानों से ये नकली रोडवेज बसें संचालित होती हैं। इन्हें देखकर यात्रियों को बस देखकर यह नहीं चल पाता कि यह बस रोडवेज की हैं या फिर डग्गामार। इन बसों पर उत्तर प्रदेश परिवहन की जगह कौशांबी मेट्रो, उत्तर प्रदेश परिवार, वैशाली मेट्रो जैसे मिलते जुलते शब्द लिखे हुए हैं, जिससे यात्री भ्रमित हो रहे हैं।
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सुरक्षा की नहीं कोई गारंटी
इन बसों में यात्रियों के बैठते ही टिकट बना दिया जाता हैं, जिससे यात्री कुछ दूरी के बाद उतर भी न सकें। इसके बाद ये जहां तहां बसों को रोकते हुए चलते हैं। यदि कोई यात्री विरोध कर दे तो उससे मारपीट तक की जाती है। बसों के चालक भी अनट्रेंड हैं। बीच सड़क पर ही बस को रोककर यात्रियों को बैठाया व उतारा जाता है। सबसे खास बात यह है कि यदि इन नकली बसों में सफर करने पर न तो कोई सुरक्षा है और न सहूलियत। यदि बस दुर्घटनाग्रस्त हो जाए तो कोई मुआवजा भी नहीं मिलेगा। जबकि रोडवेज बसों में टिकट लेने पर यह सुविधा है।
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आरटीओ से ली जानकारी
एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई का कहना है रोडवेज जैसी दिखने वाली डग्गामार बसों के मामले में आरटीओ विभाग के अधिकारियों से भी जानकारी ली गई है। जांच में सामने आया कि इन बसों का कांट्रेक्ट परमिट है। लेकिन बसों को स्टेज कैरिज परमिट पर चलाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन कर यह बसें दिल्ली रोड पर दौड़ रही हैं। एसपी ट्रैफिक का कहना है कि अभियान के दौरान यदि कहीं भी नकली रोडवेज बस दिखेगी तो इन्हें सीज किया जाएगा।