रायफल लूट प्रकरण: एनआईए की टीम ने मौके पर पहुंचकर जुटाए तथ्य
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शामली में खालिस्तान समर्थकों के पुलिस पर हमला कर रायफल लूटने के मामले की जांच करने गुरुवार को एनआईए की टीम शामली पहुंची। टीम ने पूरे प्रकरण की जानकारी ली और घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटना से जुड़े पुलिस कर्मियों से भी पूछताछ की।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) टीम के एसपी सत्यानंद पांडेय, एनआईए इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ गुरुवार सुबह दिल्ली से शामली पहुंचे और एसपी शामली अजय कुमार से मिले। इसके बाद टीम ने चौसाना जाकर घटनास्थल का मुआयना किया। टीम ने गोली लगने से घायल होमगार्ड संजय वर्मा, सिपाही संसार सिंह से घटना की जानकारी ली। इस केस से जुड़े थानाभवन थानाध्यक्ष धर्मेंद्र पंवार, झिंझाना थाने के इंस्पेक्टर रफी परवेज से भी जानकारी ली। उन्होंने केस डायरी का निरीक्षण किया और तथ्यों को जुटाया। एसपी अजय कुमार एनआईए ही इस केस की जांच कर रही है। जांच के बाद शाम को टीम वापस लौट गई।
झिंझाना थाना क्षेत्र में चौसाना-बिड़ौली मार्ग पर गत दो अक्तूबर को एक सिपाही और होमगार्ड पर हमला कर इंसास रायफल लूट ली थी। इस दौरान हमलावरों ने विरोध करने पर होमगार्ड संजय वर्मा को गोली मारकर घायल कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने 14 अक्तूबर को झिंझाना के रंगाना फार्म निवासी ग्रंथी करम सिंह, गुरुजेंट सिंह निवासी धलावली गंगेरू सहारनपुर और अमरीश उर्फ अमृत सिंह निवासी करनाल गिरफ्तार किया था। इनसे लूटी गई रायफल और अन्य असलहा बरामद हुआ था। फरार जर्मन सिंह को बाद में बीकानेर राजस्थान से गिरफ्तार किया था। इनके संबंध खालिस्तान समर्थकों से निकले थे और इनका इरादा लूटे गए हथियारों से पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल की रैली में हमला करने का था। पहले इसकी जांच एटीएस कर रही थी, 26 नवंबर को जांच एटीएस से लेकर एनआईए को सौंप दी गई है।
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