शामली: चार तालाबों में मिली प्रतिबंधित मांगुर मछली, नष्ट करने के लिए दिए नोटिस
सोमवार शाम को हरियाणा से मंगुरा मछलियों के खाने के लिए पशु पक्षियों के अवशेष लेकर आ रही पिकअप गाड़ी को गांव खुरगान में ग्रामीणों ने रोक कर हंगामा किया था।
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सोमवार शाम गांव खुरगान में ग्रामीणों ने एक पिकअप गाड़ी पकड़ कर हंगामा किया था। ग्रामीणों का आरोप था कि उसमें प्रतिबंधित मंगुरा मछली के लिए सड़ा-गला पशु, मुर्गे का अवशेष जा रहा है। मंगुरा मछली के कारण बीमारियां फैलने का खतरा रहता है।
मामला संज्ञान लेते हुए मंगलवार को मत्स्य विभाग मुजफ्फरनगर की टीम ने गांव दभेड़ी खुर्द में छापा मारा। जहां पर चार तालाबों में मंगुरा मछली पालन हो रहा था।
मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने मंगुरा मछली पालन को गैर कानूनी बताते हुए चार दिन के अंदर सभी मछलियों को तालाब से निकलवा कर गड्ढे में दबवा देने के निर्देश दिए। चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर पुलिस बल को साथ लेकर कार्रवाई की जाएगी।
मत्स्य विभाग के निरीक्षक पवन कुमार ने बताया कि मंगुरा मछली पालन गैर कानूनी है। पहली बार दभेड़ी खुर्द में मछलियां मिलने पर मछली पालक को चार दिन में नष्ट करने के लिए नोटिस दिया गया है।
एक दिन पहले विडियो हुआ था वायरल
सोमवार शाम को हरियाणा से मंगुरा मछलियों के खाने के लिए पशु पक्षियों के अवशेष लेकर आ रही पिकअप गाड़ी को गांव खुरगान में ग्रामीणों ने रोक कर हंगामा किया था। हंगामे की वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। हंगामे की सूचना पर पुलिस ने मौके पर जाकर मामला शांत करा दिया था।
दो साल पहले हुई थी बड़ी कार्रवाई
दो साल पहले तत्कालीन एसडीएम डा. अमित पाल शर्मा ने मंगुरा मछली के मामले में कई स्थानों पर लगातार छापा मार कार्रवाई करके हुए कई टन मछलियों को नष्ट कराया था। इस दौरान कई मछली पालकों के विरुद्घ मुकदमे भी दर्ज कराए गए थे।