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शादी से पहले ही शहजाद ने दुनिया को कहा अलविदा

Sun, 13 Jul 2025 02:13 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 13 Jul 2025 02:13 AM IST
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Shahzad said goodbye to the world before marriage
रोहटा। मेरठ-बड़ौत मार्ग पर सड़क हादसे में गांव के तीन युवकों की मौत ने कैथवाड़ी के ग्रामीणों का दिल दहला दिया। हादसे में मारे गए शहजाद की एक माह बाद शादी होने वाली थी। कुछ दिन पहले ही उसकी सगाई हुई थी और घर में खुशी का माहौल था। परिजन शादी की तैयारी में जुटे थे। अरशद और रोजू के परिवार की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं है। हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां एकसाथ छीन ली।
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शहजाद तीन बहन-भाइयों में सबसे छोटा था। बहन सोनी और भाई आदिल की शादी हो चुकी है। परिवार का गुजारा खेतीबाड़ी और मजदूरी से होता है। शहजाद के पिता अलाउद्दीन गांव में ही ठेके पर भूमि लेकर खेती करते हैं। दोनों बेटे मजदूरी कर घर चलाने में उनका साथ दे रहे थे। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले ही बेहतर नहीं थी। शादी से पहले शहजाद की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इसी हादसे में जान गंवाने वाले रोजू और अरशद के परिवार के हालात भी कुछ ऐसे ही हैं। रोजू दो बहन इकरा और शाजिया व भाई जुबैर से बड़ा था। पिता अब्दुल राजमिस्त्री का काम करते हैं।
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अरशद तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। बड़े भाई मोईन की शादी हो चुकी है। पिता रईस भी गांव में मजदूरी करके परिवार का खर्च उठाते हैं। शनिवार की सुबह तीनों परिवारों के लिए मनहूस खबर लाई। शहजाद, अरशद और राेजू प्रतिदिन मजदूरी के लिए एकसाथ परतापुर मजदूरी के लिए जाते थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि रोजी-रोटी के लिए गए तीनों युवक अब वापस नहीं लौटेंगे। सुबह सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके की ओर दौड़ पड़े। घटनास्थल के मंजर ने हर किसी को झकझोर दिया। परिजनों को अपनों के लिए तड़पते देख हर किसी की आंख नम हो गई।
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गांव में कई घरों में नहीं जले चूल्हे
तीन युवाओं की एक साथ मौत ने पूरे गांव को गमजदा कर दिया। गांव के अधिकांश घरों में दिनभर चूल्हे नहीं जले। हादसे की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण शोकाकुल परिजनों को सांत्वना देने मृतकों के घर पहुंचे। यह हादसा सिर्फ तीन परिवारों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे गांव का दुख बन गया। शाम को तीनों शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे तो परिजनों के रोते हुए बुरा हाल हो गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण तीनों के जनाजे में शामिल हुए। हर किसी का कहना था कि ऊपर वाला किसी को ऐसा मनहूस दिन न दिखाए।
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