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शौर्य गाथा सुन जवानों में भरा जोश
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sun, 20 Nov 2016 01:46 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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जवानों के युद्ध कौशल, धैर्य, शौर्य और जांबाजी की वीर गाथा सुनकर युवा जवानों का सीना फख्र से चौड़ा हो गया। उन्होंने वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और देश की सेवा का प्रण लिया। सेना के अधिकारियों ने अपने जांबाजों का उत्साह बढ़ाया। मौका था टिथवाल बटालियन के शताब्दी समारोह का। जवानों के बूटों की आवाज से भगत लाइंस का मैदान गूंज उठा। तीन दिवसीय समारोह के दूसरे दिन सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया गया।
गढ़वाल राइफल्स और गढ़वाल स्काउट्स के कर्नल ऑफ द रेजीमेंट लेफ्टिनेंट जनरल सरथ चंद ने गार्ड ऑफ ऑनर लिया। शहीदों को पहले पूर्व सैनिकों ने श्रद्धांजलि दी। इसके बाद लेफ्टिनेंट जनरल ने श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सैनिकों को संबोधित किया। बटालियन की वीर गाथा बताई। लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा सबसे ज्यादा बटालियन का पराक्रम 1948 में सामने आया। युद्ध में उल्लेखनीय योगदान रहा। दूसरे विश्व युद्ध में भी बटालियन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बटालियन ने अपनी जिम्मेदारी का शौर्य के साथ बखूबी निभाया है। कर्नल ऑफ द रेजीमेंट ने सैनिकों को जानकारी दी कि गढ़वाल रेजीमेंट के रीजनल सेंटर लैंसडाउन में बच्चों के लिए स्कूल तैयार हो रहा है। वह जल्द ही शुरू होगा। उन्होंने कहा पूर्व सैनिकों से मेलजोल बढ़ाने के लिए एक नया कार्यक्रम सतत मिलाप शुरू किया जाएगा। तीन दिवसीय कार्यक्रम में हार्स शो और डॉग शो हुआ। सैनिकों के परिवार के मनोरंजन के लिए कई कार्यक्रम हुए।
स्थापना पर डाक टिकट जारी
टिथवाल बटालियन की स्थापना के 100 साल पूरे होने के अवसर पर कर्नल ऑफ द रेजीमेंट ने डाक टिकट जारी किया। इस अवसर पर जानकारी दी कि 2017 तक नई बटालियन गठित होने जा रही है। अभी तक गढ़वाल की 20 बटालियन है। अगले साल 21वीं बटालियन गठित हो जाएगी।
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तीन गढ़वाल की टीम चैंपियन
शताब्दी समारोह के अवसर पर क्रॉस कंट्री दौड़ का आयोजन किया गया। 22 डिविजन की क्रास कंट्री में तीन गढ़वाल की टीम विजेता बनी। मुख्यातिथि ने विजेता टीम को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। विजेता टीम ने बाइक पर ट्रॉफी का प्रदर्शन किया और उत्साह के साथ जश्न मनाया।
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गढ़वाल राइफल्स और गढ़वाल स्काउट्स के कर्नल ऑफ द रेजीमेंट लेफ्टिनेंट जनरल सरथ चंद ने गार्ड ऑफ ऑनर लिया। शहीदों को पहले पूर्व सैनिकों ने श्रद्धांजलि दी। इसके बाद लेफ्टिनेंट जनरल ने श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सैनिकों को संबोधित किया। बटालियन की वीर गाथा बताई। लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा सबसे ज्यादा बटालियन का पराक्रम 1948 में सामने आया। युद्ध में उल्लेखनीय योगदान रहा। दूसरे विश्व युद्ध में भी बटालियन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बटालियन ने अपनी जिम्मेदारी का शौर्य के साथ बखूबी निभाया है। कर्नल ऑफ द रेजीमेंट ने सैनिकों को जानकारी दी कि गढ़वाल रेजीमेंट के रीजनल सेंटर लैंसडाउन में बच्चों के लिए स्कूल तैयार हो रहा है। वह जल्द ही शुरू होगा। उन्होंने कहा पूर्व सैनिकों से मेलजोल बढ़ाने के लिए एक नया कार्यक्रम सतत मिलाप शुरू किया जाएगा। तीन दिवसीय कार्यक्रम में हार्स शो और डॉग शो हुआ। सैनिकों के परिवार के मनोरंजन के लिए कई कार्यक्रम हुए।
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स्थापना पर डाक टिकट जारी
टिथवाल बटालियन की स्थापना के 100 साल पूरे होने के अवसर पर कर्नल ऑफ द रेजीमेंट ने डाक टिकट जारी किया। इस अवसर पर जानकारी दी कि 2017 तक नई बटालियन गठित होने जा रही है। अभी तक गढ़वाल की 20 बटालियन है। अगले साल 21वीं बटालियन गठित हो जाएगी।
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तीन गढ़वाल की टीम चैंपियन
शताब्दी समारोह के अवसर पर क्रॉस कंट्री दौड़ का आयोजन किया गया। 22 डिविजन की क्रास कंट्री में तीन गढ़वाल की टीम विजेता बनी। मुख्यातिथि ने विजेता टीम को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। विजेता टीम ने बाइक पर ट्रॉफी का प्रदर्शन किया और उत्साह के साथ जश्न मनाया।