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सात हजार लीटर लहन और भट्टियां नष्ट की
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सात हजार लीटर लहन और भट्टियां नष्ट की
हस्तिनापुर। जब देश प्रदेश में कहीं पर भी अवैध कच्ची शराब से बड़ा हादसा होता है तो आबकारी विभाग की नींद टूटती है। बुधवार को आबकारी विभाग ने क्षेत्र में सात हजार लीटर लहन और दो भट्ठियों को नष्ट किया।
बुधवार को खादर क्षेत्र में भी आबकारी निरीक्षक ज्योति अग्रवाल और थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। जिसमें लतीफपुर और रठोरा खुर्द के जंगल में धधक रही अवैध शराब माफियाओं की दो भट्ठियां और मौके पर बरामद लगभग सात हजार लीटर लहन नष्ट किया गया। आबकारी निरीक्षक ने बताया कि खादर क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब बनाने वाले लोगों के खिलाफ लगातार अभियान चलता रहेगा। किसी भी कीमत पर अवैध कच्ची शराब का कारोबार नहीं करने दिया जाएगा। माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस भनक लगते ही छिप जाते हैं
क्षेत्र में बनने वाली अवैध कच्ची शराब पर विभाग अंकुश नहीं लगा सका। वन आरक्षित क्षेत्र में मौजूद बूढ़ी गंगा और गंगा का मैदानी क्षेत्र शराब माफियाओं के लिए मुफीद क्षेत्र माना जाता है, जिसकी आड़ लेकर शराब माफिया धड़ल्ले से कारोबार करते हैं। इनके सूत्र इन्हें आबकारी और थाना पुलिस के आने की सूचना पहले ही दे देते हैं, जिस कारण यह मौके से पहले ही फरार हो जाते हैं। जंगलों में खड़े झाड़ और गंगा का टापू इनके लिए सुरक्षित स्थान माना जाता है।
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हस्तिनापुर। जब देश प्रदेश में कहीं पर भी अवैध कच्ची शराब से बड़ा हादसा होता है तो आबकारी विभाग की नींद टूटती है। बुधवार को आबकारी विभाग ने क्षेत्र में सात हजार लीटर लहन और दो भट्ठियों को नष्ट किया।
बुधवार को खादर क्षेत्र में भी आबकारी निरीक्षक ज्योति अग्रवाल और थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। जिसमें लतीफपुर और रठोरा खुर्द के जंगल में धधक रही अवैध शराब माफियाओं की दो भट्ठियां और मौके पर बरामद लगभग सात हजार लीटर लहन नष्ट किया गया। आबकारी निरीक्षक ने बताया कि खादर क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब बनाने वाले लोगों के खिलाफ लगातार अभियान चलता रहेगा। किसी भी कीमत पर अवैध कच्ची शराब का कारोबार नहीं करने दिया जाएगा। माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस भनक लगते ही छिप जाते हैं
क्षेत्र में बनने वाली अवैध कच्ची शराब पर विभाग अंकुश नहीं लगा सका। वन आरक्षित क्षेत्र में मौजूद बूढ़ी गंगा और गंगा का मैदानी क्षेत्र शराब माफियाओं के लिए मुफीद क्षेत्र माना जाता है, जिसकी आड़ लेकर शराब माफिया धड़ल्ले से कारोबार करते हैं। इनके सूत्र इन्हें आबकारी और थाना पुलिस के आने की सूचना पहले ही दे देते हैं, जिस कारण यह मौके से पहले ही फरार हो जाते हैं। जंगलों में खड़े झाड़ और गंगा का टापू इनके लिए सुरक्षित स्थान माना जाता है।
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