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‘एक सप्ताह में निपटाएं भूमि प्रकरण’
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मेरठ। केंद्र सरकार की प्राथमिकता में शामिल दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे, रैपिड रेल, मेरठ-बुलंदशहर हाईवे प्रोजेक्ट की हर माह समीक्षा की जा रही है। जिससे इन प्रोजेक्टों पर चल रहा कार्य समय पर पूरा किया जा सके। इसके लिए तेज गति से कार्य करने का दावा किया जा रहा है। शनिवार को कमिश्नरी सभागार में कमिश्नर अनीता सी. मेश्राम ने इन प्रोजेक्टों की समीक्षा की। जिससे तय समय के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए। कमिश्नर ने कहा कि वह फरवरी के अंत में अधिकारियों के साथ दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे व मेरठ-बुलंदशहर एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करेंगी।
रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कमिश्नर ने कहा कि प्रत्येक कार्य की समयसीमा निर्धारित की जाए। आरआरटीएस का कार्य आठ पैकेज में किया जा रहा है। इसमें वर्ष 2023 तक साहिबाबाद से दुहाई तक कार्य पूरा करने का दावा एनसीआरटीसी अधिकारी कर रहे हैं। वहीं, वर्ष 2025 तक 82 किमी का प्रोजेक्ट पूरा कर लिया जाएगा। सराय काले खां तक कुल 82 किमी में से 14 किमी अंडरग्राउंड ट्रैक होगा। आरआरटीएस में नौ कोच का डिजाइन किया गया है। वहीं, हाईकोर्ट द्वारा दिसंबर 2019 से केवल एनसीआरटीसी को 24 घंटे कार्य करने की अनुमति दी गयी है।
रैपिड रेल के लिए गाजियाबाद सीमा में साहिबाबाद, गुलधर, दुहाई में आ रही भूमि की अड़चनों पर कमिश्नर ने कहा कि एक सप्ताह में इसे निस्तारित करें। उन्होंने दुहाई में डिपो और स्टेशन के साथ-साथ अन्य स्टेशनों के लिए भूमि की उपलब्धता जल्द कराने के निर्देश दिए। वहीं, रैपिड रेल के लिए 3986 पेड़ों का कटान किया जाना है, जिसमें से 500 पेड़ काटने शेष हैं। इसके अलावा मेरठ क्षेत्र में एमडीए द्वारा एनसीआरटीसी को कास्टिंग यार्ड के लिए अस्थायी रूप से शताब्दी नगर में 28 हेक्टेयर जमीन दी जा रही है। रिठानी में स्टेशन के लिए 2250 वर्ग मीटर तथा शताब्दी नगर में इलेक्ट्रिक सब स्टेशन के लिए 4000 वर्ग मीटर तथा एक अन्य स्टेशन के लिए 1250 वर्ग मीटर जगह दी जा रही है।
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मई 2020 तक निपटाने का दावा
समीक्षा बैठक में एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के 82.1 किमी का कार्य अप्रैल-मई 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए हर पैकेज का वीडियो भी दिखाया गया। जिसमें कमिश्नर ने पूछा कि जमीन अधिग्रहण अभी कहां-कहां नहीं हुआ है। इस पर एनएचएआई अधिकारियों ने कहा कि अब कहीं भी जमीन अधिग्रहण की समस्या नहीं है। इसमें पैकेज दो में गाजीपुर से लेकर डासना तक का 19 किमी का निर्माण अप्रैल-मई 2020 तक निपटा लिया जाएगा। वहीं, डासना से मेरठ तक का कार्य निपटाने का अप्रैल-2020 तक दावा किया गया है।
अप्रैल 2020 तक मेरठ-बुलंदशहर हाइवे पूरा
मेरठ से बुलंदशहर तक हाइवे निर्माण के लिए अप्रैल 2020 का लक्ष्य तय किया गया है। अधिकारियों ने इसे भी समय पर पूरा करने का दावा किया है। इसकी कुल लंबाई 61 किमी है। एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि इस हाइवे पर भी गुलावठी से पहले एक टोल होगा। बैठक में डीएम अनिल ढींगरा, डीएफओ अदिति शर्मा, एमडीए वीसी राजेश कुमार पांडेय, मुख्य अभियंता जीडीए वीएन सिंह, मुख्य अभियंता एनसीआरटीसी वीरेंद्र कुुमार, एनएचएआई के सुधीर कुमार, सीपीएम गाजियाबाद आरके हस्टन आदि मौजूद रहे।
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रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कमिश्नर ने कहा कि प्रत्येक कार्य की समयसीमा निर्धारित की जाए। आरआरटीएस का कार्य आठ पैकेज में किया जा रहा है। इसमें वर्ष 2023 तक साहिबाबाद से दुहाई तक कार्य पूरा करने का दावा एनसीआरटीसी अधिकारी कर रहे हैं। वहीं, वर्ष 2025 तक 82 किमी का प्रोजेक्ट पूरा कर लिया जाएगा। सराय काले खां तक कुल 82 किमी में से 14 किमी अंडरग्राउंड ट्रैक होगा। आरआरटीएस में नौ कोच का डिजाइन किया गया है। वहीं, हाईकोर्ट द्वारा दिसंबर 2019 से केवल एनसीआरटीसी को 24 घंटे कार्य करने की अनुमति दी गयी है।
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रैपिड रेल के लिए गाजियाबाद सीमा में साहिबाबाद, गुलधर, दुहाई में आ रही भूमि की अड़चनों पर कमिश्नर ने कहा कि एक सप्ताह में इसे निस्तारित करें। उन्होंने दुहाई में डिपो और स्टेशन के साथ-साथ अन्य स्टेशनों के लिए भूमि की उपलब्धता जल्द कराने के निर्देश दिए। वहीं, रैपिड रेल के लिए 3986 पेड़ों का कटान किया जाना है, जिसमें से 500 पेड़ काटने शेष हैं। इसके अलावा मेरठ क्षेत्र में एमडीए द्वारा एनसीआरटीसी को कास्टिंग यार्ड के लिए अस्थायी रूप से शताब्दी नगर में 28 हेक्टेयर जमीन दी जा रही है। रिठानी में स्टेशन के लिए 2250 वर्ग मीटर तथा शताब्दी नगर में इलेक्ट्रिक सब स्टेशन के लिए 4000 वर्ग मीटर तथा एक अन्य स्टेशन के लिए 1250 वर्ग मीटर जगह दी जा रही है।
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मई 2020 तक निपटाने का दावा
समीक्षा बैठक में एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के 82.1 किमी का कार्य अप्रैल-मई 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए हर पैकेज का वीडियो भी दिखाया गया। जिसमें कमिश्नर ने पूछा कि जमीन अधिग्रहण अभी कहां-कहां नहीं हुआ है। इस पर एनएचएआई अधिकारियों ने कहा कि अब कहीं भी जमीन अधिग्रहण की समस्या नहीं है। इसमें पैकेज दो में गाजीपुर से लेकर डासना तक का 19 किमी का निर्माण अप्रैल-मई 2020 तक निपटा लिया जाएगा। वहीं, डासना से मेरठ तक का कार्य निपटाने का अप्रैल-2020 तक दावा किया गया है।
अप्रैल 2020 तक मेरठ-बुलंदशहर हाइवे पूरा
मेरठ से बुलंदशहर तक हाइवे निर्माण के लिए अप्रैल 2020 का लक्ष्य तय किया गया है। अधिकारियों ने इसे भी समय पर पूरा करने का दावा किया है। इसकी कुल लंबाई 61 किमी है। एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि इस हाइवे पर भी गुलावठी से पहले एक टोल होगा। बैठक में डीएम अनिल ढींगरा, डीएफओ अदिति शर्मा, एमडीए वीसी राजेश कुमार पांडेय, मुख्य अभियंता जीडीए वीएन सिंह, मुख्य अभियंता एनसीआरटीसी वीरेंद्र कुुमार, एनएचएआई के सुधीर कुमार, सीपीएम गाजियाबाद आरके हस्टन आदि मौजूद रहे।