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माता-पिता और गुरु की सेवा से मिलती है उन्नति : भाव भूषण
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प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। तीर्थ नगरी में स्थित श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के स्वर्णमयी त्रिमूर्ति जिनालय में विराजमान भगवान शांतिनाथ की अतिशयकारी प्राचीन प्रतिमा के समक्ष आयोजित 40 दिवसीय श्री शांतिनाथ विधान कार्यक्रम की शुरुआत रविवार को भगवान जिनेंद्र के अभिषेक से हुई।
शांतिधारा सरला जैन, प्रमोद जैन, सुबोध जैन, प्रवेश जैन, चित्रांश जैन, नमन जैन, रोनित जैन, अर्हम जैन, आदि जैन, शौर्य जैन और मनोज जैन ने की। विधान संयोजक विजय कुमार जैन ने श्रद्धालुओं का मंगल तिलक कर स्वागत किया। मंडल पर अर्घ्य चढ़ाने का सौभाग्य सुनील जैन, संभव जैन, मनोज जैन, दिनेश जैन और सचिन जैन सहित अन्य श्रद्धालुओं को मिला।
मुनि भाव भूषण महाराज ने मंगल प्रवचन में जिनेंद्र भगवान की भक्ति की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता और गुरु की सेवा जीवन में सफलता और उन्नति का आधार है। जो व्यक्ति अपने माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान और सेवा करता है, उसे समाज में प्रतिष्ठा और जीवन में प्रगति अवश्य प्राप्त मिलती है। उन्होंने कहा कि इनकी सेवा का प्रतिफल व्यक्ति को श्रेष्ठता की ओर अग्रसर करता है।
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विधान के 11वें दिन 110 परिवारों ने सामूहिक रूप से विधान में भाग लिया। संगीतमय महाआरती में श्रद्धालुओं ने भजनों पर भक्ति भाव से नृत्य करते हुए जिनेंद्र भगवान के समक्ष चंवर ढुराए। हिमांशी जैन के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित पुरस्कार वितरण का लाभ सुमत प्रकाश जैन परिवार को प्राप्त हुआ।
इस मौके पर क्षेत्रीय अध्यक्ष जीवेंद्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश कुमार जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन, राजीव जैन, अभय कुमार जैन, वीरेंद्र कुमार जैन, कपिल जैन, मुकेश कुमार जैन, उमेश जैन और अतुल जैन सहित अनेक श्रद्धालुओं का सहयोग रहा।
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हस्तिनापुर। तीर्थ नगरी में स्थित श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के स्वर्णमयी त्रिमूर्ति जिनालय में विराजमान भगवान शांतिनाथ की अतिशयकारी प्राचीन प्रतिमा के समक्ष आयोजित 40 दिवसीय श्री शांतिनाथ विधान कार्यक्रम की शुरुआत रविवार को भगवान जिनेंद्र के अभिषेक से हुई।
शांतिधारा सरला जैन, प्रमोद जैन, सुबोध जैन, प्रवेश जैन, चित्रांश जैन, नमन जैन, रोनित जैन, अर्हम जैन, आदि जैन, शौर्य जैन और मनोज जैन ने की। विधान संयोजक विजय कुमार जैन ने श्रद्धालुओं का मंगल तिलक कर स्वागत किया। मंडल पर अर्घ्य चढ़ाने का सौभाग्य सुनील जैन, संभव जैन, मनोज जैन, दिनेश जैन और सचिन जैन सहित अन्य श्रद्धालुओं को मिला।
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मुनि भाव भूषण महाराज ने मंगल प्रवचन में जिनेंद्र भगवान की भक्ति की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता और गुरु की सेवा जीवन में सफलता और उन्नति का आधार है। जो व्यक्ति अपने माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान और सेवा करता है, उसे समाज में प्रतिष्ठा और जीवन में प्रगति अवश्य प्राप्त मिलती है। उन्होंने कहा कि इनकी सेवा का प्रतिफल व्यक्ति को श्रेष्ठता की ओर अग्रसर करता है।
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विधान के 11वें दिन 110 परिवारों ने सामूहिक रूप से विधान में भाग लिया। संगीतमय महाआरती में श्रद्धालुओं ने भजनों पर भक्ति भाव से नृत्य करते हुए जिनेंद्र भगवान के समक्ष चंवर ढुराए। हिमांशी जैन के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित पुरस्कार वितरण का लाभ सुमत प्रकाश जैन परिवार को प्राप्त हुआ।
इस मौके पर क्षेत्रीय अध्यक्ष जीवेंद्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश कुमार जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन, राजीव जैन, अभय कुमार जैन, वीरेंद्र कुमार जैन, कपिल जैन, मुकेश कुमार जैन, उमेश जैन और अतुल जैन सहित अनेक श्रद्धालुओं का सहयोग रहा।

प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद