संतों ने किया ऐलान, ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ न बोलने वालों पर हो कार्रवाई
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वंदेमातरम को लेकर उपजा विवाद खत्म नहीं हो रहा है। इस मुद्दे पर अब हिंदू संगठन और संत भाजपा के पक्ष में आ गए हैं। उन्होंने ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ न बोलने वालों पर कार्रवाई की मांग उठा दी है। बता दें कि मंगलवार को नगर निगम की बोर्ड बैठक में महापौर ने वंदेमातरम न गाने वालों को सदन में न बैठने देने का प्रस्ताव पास करा दिया था। इसे लेकर विपक्षी पार्षदों ने विरोध कर दिया था और कहा था कि वे वंदे मातरम नहीं बोलेंगे। इसी को लेकर शहर ही नहीं, देश की सियासत भी गर्मा गई थी।
उनके दिल में खोट है
मां नीलिमानंद महाराज और महामंडलेश्वर पीठाधीश्वर का कहना है कि अगर उन्हें वंदेमातरम कहने में हिचक है, तो साफ है कि उनके दिल में खोट है। वह भारत को अपना देश नहीं मानते। हमारी धर्म-संस्कृति अलग हो सकती है, लेकिन वंदेमातरम तो राष्ट्रीय गीत है। वहीं भारत माता को माता कहने से गुरेज क्यों है। महापौर के निर्णय से हम सहमत हैं।
वंदेमातरम तो गाना ही होगा
महंत महेंद्र दास महाराज और महामंडलेश्वर पीठाधीश्वर बालाजी शनिधाम पीठ ने कहा कि भारत में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को संविधान का आदर करना चाहिए। ऐसे लोग स्पष्ट करें कि वे संविधान को मानते हैं या नहीं। अगर मानते हैं तो वंदेमातरम गाना होगा। महापौर और भाजपा पार्षदों ने भारतीय संविधान के सम्मान के लिए जो प्रस्ताव पास किया है, वह सराहनीय है। संत समाज उनके साथ है।
भारत को घोषित करें हिंदू राष्ट्र
अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पं. अशोक शर्मा का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उप्र के मुख्यमंत्री योगी भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करें। अगर ऐसा होता है तो भारत में रहने वाले सभी लोग भारतीय संविधान को मानेंगे। वंदेमातरम, गंगा, गाय, भारत माता सभी की रक्षा होगी। जो लोग वंदेमातरम का विरोध कर रहे हैं, उन्हें देश से प्रेम नहीं है। ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।