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सीडीआर से खुला लापता युवक की मौत का राज, परिजनों ने हत्या का आरोप एंबुलेंस चालक समेत तीन लोगों के खिलाफ दी तहरीर

Sun, 21 Feb 2021 01:13 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 21 Feb 2021 01:13 AM IST
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Secret of death of young man missing from CDR, family members charge Tahrir, including ambulance driver, for murder
सीडीआर से खुला लापता युवक की मौत का राज, परिजनों ने हत्या का आरोप एंबुलेंस चालक समेत तीन लोगों के खिलाफ दी तहरीर
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सरधना। गांव मोम्मन फरदीपुर से सवा माह पहले लापता लोकेश की एक हफ्ते बाद ही सड़क हादसे में मौत हो गई थी। शनाख्त नहीं होने पर पुलिस ने उसका लावारिस में अंतिम संस्कार भी करा दिया था। जांच के दौरान पुलिस को लोकेश का मोबाइल एंबुलेंस चालक के पास मिला। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो घटना का खुलासा हुआ। मामले में लोकेश परिजनों ने एंबुलेंस चालक समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या का आरोप लगा तहरीर दी है।
मोम्मन फरीदपुर निवासी गजेंद्र पुत्र करण सिंह ने शनिवार को बडे़ भाई लोकेश (35) की हत्या किए जाने की तहरीर दी। गजेंद्र ने बताया कि लोकेश 13 जनवरी को आठ लाख रुपये लेकर करनावल से ट्रैक्टर लेने गया था। उसके बाद घर नहीं लौटा। दो फरवरी को सरधना थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। तभी से उसका मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा था। पुलिस के अनुसार, लोकेश का मोबाइल सर्विलांस पर लगा था। तीन दिन पूर्व मोबाइल स्विच ऑन हुआ तो उसके नंबर पर कॉल रिसीव करने वाले से संतोष जनक जवाब नहीं दिया। जांच में पता चला कि मोबाइल 108 एंबुलेंस का चालक भूपेंद्र चला रहा है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामला खुला।
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पुलिस के अनुसार, लोकेश 17 जनवरी को करनावल से बाइक लेकर सरधना आया। यहां से लौटते समय भूमि चौराहे पर हादसे में घायल हो गया। गंभीर हालात में उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया। वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस दौरान उसकी पहचान नहीं हो पाई। लोकेश का मोबाइल एंबुलेस चालक ने चुरा लिया था। 22 जनवरी को उपचार के दौरान लोकेश की मौत हो गई। पांच दिन बाद 27 जनवरी को पुलिस ने शव का लावारिस में अंतिम संस्कार करा दिया।
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लोकेश के परिजनों ने करनावल निवासी युवक पर हत्या का संदेह जताया। परिजनों ने बताया कि लोकेश का वहां पहले से आना जाना था। लोकेश ने वहां के बैंक से लोन लिया था। सीओ आरपी शाही का कहना है कि तहरीर के आधार पर एंबुलेंस संचालक भूपेंद्र, बाबूराम शर्मा पुत्र मनीराम और परविंदर पुत्र ओमपाल निवासी करनावल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच के कार्रवाई होगी।

...तो बच जाती लोकेश की जान
गजेंद्र ने बताया कि परिवार में लोकेश की पत्नी सुनीता के साथ चार बेटी और एक बेटा है। उनकी मौत की खबर के बाद से परिवार में कोहराम मचा है। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि यदि एंबुलेंस चालक मोबाइल चोरी न करता तो शायद लोकेश की जान बच जाती। ग्राम प्रधान शिवकुमार, पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुलदीप, रार्धना प्रधान अमित कुमार राणा ने भी लोकेश की मौत पर शोक जताया।
ऐसे चला घटनाक्रम
13 जनवरी से था लापता मोम्मन फरदीपुर निवासी युवक
17 जनवरी को सड़क हादसे में गंभीर रूप से हुआ था घायल
22 जनवरी को उपचार के दौरान जिला अस्पताल में हुई मौत
27 जनवरी को पुलिस ने लावारिस में किया अंतिम संस्कार
02 फरवरी को परिजनों ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी
20 फरवरी को हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने को दी तहरीर
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