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मेरठ पहुंचा कोरोना का दूसरा स्ट्रेन, 122 लोगों की हुई जांच, घबराने की जरूरत नहीं

Wed, 30 Dec 2020 01:44 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Wed, 30 Dec 2020 01:44 AM IST
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Second strain reached the city, 122 people investigated
मेरठ जिले में कोरोना मरीजों की लगातार कम होती जा रही संख्या के बीच ब्रिटेन से कोरोना वायरस के दूसरे स्ट्रेन की आमद ने खलबली मचा दी है। ब्रिटेन से आई ढाई साल की बच्ची में कोरोना का दूसरा स्ट्रेन निकलने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और टीम लल्लापुरा व संत विहार मोहल्ले में जांच के लिए पहुंच गई।
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दरअसल बीते 15 दिनों के कोरोना की धीमी पड़ी रफ्तार का कारण चिकित्सक अभी तक समझ नहीं पाए हैं। इन दिनों में शहर में 815 मरीज मिले, जबकि 11 लोगों की मौत हुई। 1577 लोग स्वस्थ हुए। चिंताजनक यह है कि कोरोना के अभी भी जिले में 1101 मरीज सक्रिय हैं। अब कोरोना का दूसरे स्ट्रेन मिलने पर हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संत विहार और लल्लापुरा में 122 लोगों की एंटीजन जांच की। सीएमओ ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है।
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इन सभी की रिपोर्ट नेगेटिव है। इनकी आरटीपीसीआर जांच के लिए भी सैंपल लिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट बुधवार को आएगी। कोरोना पॉजिटिव दंपती और बच्ची के संपर्क वाले उनके परिजनों समेत नजदीक के छह लोग हैं, जिनकी जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए सैंपल दिल्ली भेजे जाएंगे।
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यह दंपती ब्रिटेन में दो बच्चों के साथ रहता है। यहां अपने परिवार से मिलने 14 दिसंबर की रात आया था। पिछले दिनों में ब्रिटेन से मेरठ लौटे 88 लोग स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं। इनमें से चार लोग कोरोना पॉजिटिव आए थे।


खतरनाक नहीं लग रहा दूसरा स्ट्रेन
जिला सर्विलांस अधिकारी प्रशांत कुमार के अनुसार कोरोना का दूसरा स्ट्रेन ज्यादा खतरनाक नहीं लग रहा है। बच्ची और दंपती ठीक हैं। उनमें कोई भी लक्षण नहीं था। इनके ब्रिटेन से आने के चलते जांच कराई गई थी। इनके एक बच्चे की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। सुभारती अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। विदेश से आए कोरोना मरीजों के लिए मेडिकल के कोविड अस्पताल में भी 20 बेड का अलग से वार्ड तैयार है।

40 स्थानों पर होगा टीकाकरण
कोरोना से बचाव के टीकाकरण का पहला चरण 40 स्थानों पर 60 सेशन में होगा। एक सेशन में करीब 100 लोगों को टीका लगेगा। टीकाकरण सोमवार, शुक्रवार और सोमवार को होगा। इसके लिए जिला स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम का नंबर 0121-2662244 है।

नोडल अधिकारी पी. गुरु प्रसाद और जिलाधिकारी के. बालाजी ने मंगलवार को जिला अस्पताल में वैक्सीन की मुख्य कोल्डचेन के निरीक्षण के दौरान बताया कि पहले चरण में सरकारी और निजी स्वास्थ्यकर्मियों, दूसरे में फोर्स, निगम कर्मचारी व तीसरे चरण में 50 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों का टीकाकरण होगा। इसके लिए 17756 लाभार्थी चिह्नित हुए हैं। इनमें 8425 सरकारी व 9331 निजी स्वास्थ्यकर्मी हैं। पहले टीके के 28 दिन बाद दूसरा टीका लाभार्थी को लगाया जाएगा।

कोरोना के 42 नए मरीज मिले
कोरोना के मंगलवार को 42 नए मरीज मिले हैं, जबकि 13 दिसंबर को कोरोना से हुई वृद्धा की मौत को अब मृतकों की सूची में शामिल किया गया। नए मरीजों में हेल्थ केयर वर्कर, घरेलू महिलाएं, कारोबारी, छात्र, और नौकरीपेशा आदि हैं। ये मरीज वसंत कुंज, दिल्ली रोड, पांडव नगर, प्रभात नगर, संजय नगर, जागृति विहार, नेहरू नगर, पल्लवपुरम और जय भीम नगर आदि के हैं।

अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी
कोरोना के दूसरे स्ट्रेन के बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। इस पर शोध चल रहे हैं। हर वायरस अपना स्ट्रेन बदलता है, उसी तरह से कोरोना भी स्ट्रेन बदल रहा है। यह कितना खतरनाक है, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। डॉ. अमित गर्ग, प्रभारी, माइक्रोबायोलॉजी लैब मेडिकल

 

क्या है नया स्ट्रेन
इस स्ट्रेन से ब्रिटेन में नए मामले बढ़ रहे हैं। बीते दिनों में ब्रिटेन में दो स्ट्रेन पाए गए।

क्या है जीनोम सीक्वेंसिंग
आसान शब्दों में जीनोम सीक्वेंसिंग एक तरह से किसी वायरस का बायोडाटा होता है। कोई वायरस कैसा है, किस तरह दिखता है, इसकी जानकारी जीनोम से मिलती है। इसी वायरस के विशाल समूह को जीनोम कहा जाता है। वायरस के बारे में जानने की विधि को जीनोम सीक्वेंसिंग कहते हैं। इससे ही कोरोना के नए स्ट्रेन के बारे में पता चला है। कोरोना वायरस (कोविड-19) का आतंक जारी है। अब कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन ने भी दस्तक दे दी है।

कुछ कह नहीं सकते
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि कोरोना की रफ्तार मंद पड़ने के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकते हैं। यह ठंड में लोगों का घर से कम निकलना, गर्म पानी और खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करना भी हो सकता है।

खास बात
- नवंबर के अंत और दिसंबर की शुरुआत में ही कोरोना की रफ्तार सुस्त पड़ने के बावजूद 29 नवंबर से 13 दिसंबर तक जिले में 1875 मरीज मिलेे, 13 लोगों की मृत्यु हुई जबकि 2365 लोगों की छुट्टी की गई थी।

- नवंबर में जिले में 5038 संक्रमित मिले थे, 72 लोगों की मौत हुई थी। नवंबर में मरीजों का आंकड़ा हर रोज 167 के पार जा रहा था। रोज दो से ज्यादा लोगों की मौत हो रही थी। वहीं 1 दिसंबर से 28 दिसंबर तक 2709 मरीज मिले हैं और 22 लोगों की मौत हुई है।

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