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Meerut News: महादेव मंदिर प्रबंधन के विवाद में एसडीएम ने तीसरे पक्ष को सौंपी जिम्मेदारी
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सरधना। नगर स्थित पांडवकालीन प्राचीन महादेव मंदिर के प्रबंधन को लेकर चल रहे विवाद में वार्ता करत
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर में स्थित पांडवकालीन प्राचीन महादेव मंदिर के प्रबंधन और रखरखाव को लेकर चल रहा विवाद बृहस्पतिवार को प्रशासन तक पहुंच गया। मंदिर की व्यवस्था को लेकर एक पक्ष ने मौजूदा कमेटी पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए उसे हटाने की मांग की। एसडीएम ने विवाद के निस्तारण तक मंदिर की जिम्मेदारी तीसरे व्यक्ति को सौंपने का निर्णय लिया। साथ ही मंदिर के पुजारी को परिसर खाली करने के निर्देश दिए हैं।
नगर के प्राचीन महादेव मंदिर का परिसर काफी विस्तृत है। मंदिर के संचालन और देखरेख के लिए एक कमेटी गठित है, लेकिन हाल के दिनों में इसकी कार्यप्रणाली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विरोध करने वाले पक्ष का आरोप है कि मंदिर और परिसर का समुचित रखरखाव नहीं किया जा रहा है। देखरेख के अभाव में मंदिर परिसर में जलभराव की समस्या बनी रहती है और कुछ मूर्तियां भी क्षतिग्रस्त होने लगी हैं। मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर भी कई आपत्तियां उठाई गई। शिकायत मिलने पर एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने राजस्व टीम को मौके पर भेजकर स्थिति का निरीक्षण कराया। जिस हॉल को लेकर विवाद चल रहा है, उसे भी फिलहाल बंद कराने के निर्देश दिए गए। प्रशासनिक टीम और पुलिस के मौके पर पहुंचने पर कुछ लोगों ने विरोध जताया। इसके बाद दोनों पक्षों को तहसील बुलाकर वार्ता की गई। एसडीएम ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद उन्हें अपने-अपने अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। तब तक दोनों पक्षों को मंदिर परिसर से दूर रहने के लिए कहा गया है।
एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बताया कि दोनों पक्षों से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। उनकी जांच के बाद नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। तब तक निष्पक्ष व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीसरे व्यक्ति को मंदिर की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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सरधना। नगर में स्थित पांडवकालीन प्राचीन महादेव मंदिर के प्रबंधन और रखरखाव को लेकर चल रहा विवाद बृहस्पतिवार को प्रशासन तक पहुंच गया। मंदिर की व्यवस्था को लेकर एक पक्ष ने मौजूदा कमेटी पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए उसे हटाने की मांग की। एसडीएम ने विवाद के निस्तारण तक मंदिर की जिम्मेदारी तीसरे व्यक्ति को सौंपने का निर्णय लिया। साथ ही मंदिर के पुजारी को परिसर खाली करने के निर्देश दिए हैं।
नगर के प्राचीन महादेव मंदिर का परिसर काफी विस्तृत है। मंदिर के संचालन और देखरेख के लिए एक कमेटी गठित है, लेकिन हाल के दिनों में इसकी कार्यप्रणाली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विरोध करने वाले पक्ष का आरोप है कि मंदिर और परिसर का समुचित रखरखाव नहीं किया जा रहा है। देखरेख के अभाव में मंदिर परिसर में जलभराव की समस्या बनी रहती है और कुछ मूर्तियां भी क्षतिग्रस्त होने लगी हैं। मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर भी कई आपत्तियां उठाई गई। शिकायत मिलने पर एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने राजस्व टीम को मौके पर भेजकर स्थिति का निरीक्षण कराया। जिस हॉल को लेकर विवाद चल रहा है, उसे भी फिलहाल बंद कराने के निर्देश दिए गए। प्रशासनिक टीम और पुलिस के मौके पर पहुंचने पर कुछ लोगों ने विरोध जताया। इसके बाद दोनों पक्षों को तहसील बुलाकर वार्ता की गई। एसडीएम ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद उन्हें अपने-अपने अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। तब तक दोनों पक्षों को मंदिर परिसर से दूर रहने के लिए कहा गया है।
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एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बताया कि दोनों पक्षों से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। उनकी जांच के बाद नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। तब तक निष्पक्ष व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीसरे व्यक्ति को मंदिर की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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