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यूपी बोर्ड: जिन विद्यालयों में हुई रार, उन्हें माना जाएगा डिबार, नहीं बन सकेंगे परीक्षा केंद्र
Wed, 16 Dec 2020 01:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Dec 2020 01:05 AM IST
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यूपी बोर्ड।
- फोटो : amar ujala
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 में ऐसे स्कूलों को केंद्र नहीं बनाया जाएगा, जिनमें सामूहिक नकल, पुन: परीक्षा और पेपर लीक जैसे गंभीर प्रकरण हुए हैं।
केंद्र निर्धारण नीति के अनुसार उन स्कूलों को केंद्र नहीं बनाया जाना है, जहां वर्ष 2020 की परीक्षा में निरीक्षण के समय गंभीर अनियमितता, हिंसात्मक या आगजनी की घटना आदि हुई हो या परीक्षा केंद्र के बाहर उत्तर पुस्तिकाएं लिखते हुए पकड़ने आदि का तथ्य संज्ञान में आया हो।
इस संबंध में सचिव यूपी बोर्ड दिव्यकांत शुक्ल ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र लिखकर परीक्षा के दौरान हुई अनियमितताओं की जानकारी मांगी है। जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश चौधरी ने बताया कि 20 दिसंबर तक परीक्षा केंद्रों के सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है।
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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति तय करेगी कि कौन से परीक्षा केंद्र बनने हैं और कौन से नहीं। 376 विद्यालय ने अपना डाटा फीड किया है। इस बार कोरोना काल के कारण परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ सकती है। पिछली बार 101 थे, इस बार यह संख्या 150 के आसपास हो सकती है।
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केंद्र निर्धारण नीति के अनुसार उन स्कूलों को केंद्र नहीं बनाया जाना है, जहां वर्ष 2020 की परीक्षा में निरीक्षण के समय गंभीर अनियमितता, हिंसात्मक या आगजनी की घटना आदि हुई हो या परीक्षा केंद्र के बाहर उत्तर पुस्तिकाएं लिखते हुए पकड़ने आदि का तथ्य संज्ञान में आया हो।
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इस संबंध में सचिव यूपी बोर्ड दिव्यकांत शुक्ल ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र लिखकर परीक्षा के दौरान हुई अनियमितताओं की जानकारी मांगी है। जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश चौधरी ने बताया कि 20 दिसंबर तक परीक्षा केंद्रों के सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है।
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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति तय करेगी कि कौन से परीक्षा केंद्र बनने हैं और कौन से नहीं। 376 विद्यालय ने अपना डाटा फीड किया है। इस बार कोरोना काल के कारण परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ सकती है। पिछली बार 101 थे, इस बार यह संख्या 150 के आसपास हो सकती है।