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छात्रवृत्ति घोटाला : पार्षद समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश
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मेरठ। 34 लाख के छात्रवृत्ति घोटाले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन यानि ईओडब्लू की टीम ने जाकिर कालोनी निवासी हाजी शरीफ और विकासपुरी लिसाड़ी गेट निवासी अजरा को जेल भेज दिया है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने अजरा के पति दिलशाद और पार्षद इकरामुद्दीन की गिरफ्तारी के लिए लिसाड़ी गेट में ईओडब्लू की टीम ने दबिश दी। ईओडब्लू टीम ने जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया है। इस मामले में अधिकारी भी जेल जा चुके है।
ईओडब्लू के प्रभारी धर्मेश कुमार ने बताया कि सिविल लाइन थाने में 2015 में गबन और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था। जांच के बाद 2018 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज हुआ। हाजी शरीफ सैफी जाकिर कालोनी स्थित मदरसा सैफुल इस्लाम के संचालक थे। उन पर साथियों के साथ मिलकर 2012 में छात्रवृत्ति के 3,69,975 रुपये गबन करने का आरोप लगा था। मदरसा न्यू डीएम पब्लिक स्कूल नियर हाईस्कूल की कोषाध्यक्ष अजरा पर दस लाख 95 हजार गबन का आरोप लगा था।
इसके बाद से यह दोनों फरार चल रहे थे। 12 साल बाद ईओडब्लू की टीम ने इनको गिरफ्तार किया है। वर्ष 2009 से 2012 में सरकार ने चार मदरसों सिवाल हाईस्कूल, न्यू सिवाल इंटर कालेज, सिवाल मकतब, सिवाल फकोनिया के प्रबंधक मुश्ताक अहमद के खाते में में 34 लाख रुपये भेजे गए थे। करीब 250 लोगों को आरोपी बनाया गया था। ईओडब्लू प्रभारी ने बताया कि पार्षद इकरामुद्दीन, अजरा के पति दिलशाद की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी लेकिन अभी पकड़ में नहीं आ सके हैं।
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ईओडब्लू के प्रभारी धर्मेश कुमार ने बताया कि सिविल लाइन थाने में 2015 में गबन और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था। जांच के बाद 2018 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज हुआ। हाजी शरीफ सैफी जाकिर कालोनी स्थित मदरसा सैफुल इस्लाम के संचालक थे। उन पर साथियों के साथ मिलकर 2012 में छात्रवृत्ति के 3,69,975 रुपये गबन करने का आरोप लगा था। मदरसा न्यू डीएम पब्लिक स्कूल नियर हाईस्कूल की कोषाध्यक्ष अजरा पर दस लाख 95 हजार गबन का आरोप लगा था।
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इसके बाद से यह दोनों फरार चल रहे थे। 12 साल बाद ईओडब्लू की टीम ने इनको गिरफ्तार किया है। वर्ष 2009 से 2012 में सरकार ने चार मदरसों सिवाल हाईस्कूल, न्यू सिवाल इंटर कालेज, सिवाल मकतब, सिवाल फकोनिया के प्रबंधक मुश्ताक अहमद के खाते में में 34 लाख रुपये भेजे गए थे। करीब 250 लोगों को आरोपी बनाया गया था। ईओडब्लू प्रभारी ने बताया कि पार्षद इकरामुद्दीन, अजरा के पति दिलशाद की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी लेकिन अभी पकड़ में नहीं आ सके हैं।
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