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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Sawan Shivratri: Shiva devotees reached Aughadnath temple, know when will start Jalabhishek of Chaturdashi

Sawan Shivratri: औघड़नाथ मंदिर पर उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब, 30 घंटे में 1.50 लाख कांवड़ियों ने किया जलभिषेक

Sat, 15 Jul 2023 03:15 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Sat, 15 Jul 2023 03:15 PM IST
सार

Sawan Shivratri 2023 : ऐतिहासिक औघड़नाथ मंदिर पर जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों का सैलाब उमड़ा है। जानिए किस समय से चतुर्दशी का जलाभिषेक आरंभ होगा।

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Sawan Shivratri: Shiva devotees reached Aughadnath temple, know when will start Jalabhishek of Chaturdashi
औघड़नाथ मंदिर में लगी शिवभक्तों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिवरात्रि की पूर्व संध्या में सैकड़ों कांवड़ियों ने बाबा औघड़नाथ मंदिर में शुक्रवार सुबह चार बजे से ही हाजरी का जल चढ़ाना आरंभ कर दिया। मंदिर में बीते 30 घंटे में 1.50 लाख कावड़ियां जलभिषेक कर चुके हैं। बताया गया कि शिवरात्रि पर चतुर्दशी का जलाभिषेक शनिवार रात्रि 8:09 बजे से आरंभ हो जाएगा।

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बाबा औघड़नाथ मंदिर में सुबह चार बजे पंडित श्रीधर त्रिपाठी ने पूजन के बाद विधि-विधान से कांवड़ियों का जलाभिषेक आरंभ कराया। सुबह से ही भक्तों के साथ कांवड़ियों ने जलाभिषेक शुरू कर दिया। नंदी द्वार से भक्तों का मंदिर में आगमन हुआ। जलाभिषेक के बाद भक्तों का निकास गरुड़ द्वार से हुआ। वहीं, मंदिर के बाहर सुबह से ही मेले जैसे माहौल रहा। 
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उधर, कावड़ सेवा शिविरों में शिवभक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। जिला प्रशासन के द्वारा कंट्रोल रूम से मंदिर में आने जाने वालों पर निगरानी रखी गई। नैंसी चौराहा और दर्शन एकेडमी से किसी भी वाहन को मंदिर में जाने की अनुमति नहीं दी गई। मंदिर समिति से जुड़े 86 सेवादारों ने व्यवस्था बनाने में सहयोग किया। सिविल डिफेंस से जुड़े सेवकों ने पुलिस का सहयोग किया।
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बाबा औघड़नाथ मंदिर में बृहस्पतिवार शाम से ही कांवड़ियों का पहुंचना आरंभ हो गया था। इस बार कांवड़ियों में 10वीं और 11वीं के छात्रों की संख्या सर्वाधिक रही। छह साल से दस वर्ष की आयु वर्ग के बच्चे भी माता-पिता के साथ कांवड़ लाए। बाबा औघड़नाथ मंदिर पर नैंसी चौराहा और दर्शन एकेडमी के पास बैरिकेडिंग की गई है। 

Sawan Shivratri: Shiva devotees reached Aughadnath temple, know when will start Jalabhishek of Chaturdashi
औघड़नाथ मंदिर पर शिवभक्तों का सैलाब। - फोटो : अमर उजाला

प्रशासनिक पंडाल, जूता चप्पल स्टैंड के साथ विभिन्न सामाजिक धार्मिक संगठनों के द्वारा सेवा शिविर लगाए गए हैं। मोदीपुरम पर मेरठ की कई झांकी कांवड़ शुक्रवार सुबह ही पहुंच गई। मोदीपुरम, रुड़की रोड, बेगमपुल, सदर और छावनी में विभिन्न पंड़ालों में कांवड़िया रुके हुए हैं।

Sawan Shivratri: Shiva devotees reached Aughadnath temple, know when will start Jalabhishek of Chaturdashi
शिवभक्त। - फोटो : अमर उजाला

एनकाउंटर में खाए थे 12 चाकू, भोलेनाथ ने बचाई थी जान
रोहटा रोड निवासी सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर विष्णु ने बताया कि वह आठ बार कांवड़ ला चुके हैं। उन्होंने बताया कि जब वह हरिद्वार में पोस्टेड थे तो उन्होंने दो चेन स्नैचरों को दबोच लिया। चेन स्नैचरों ने विष्णु पर चाकू से हमला कर दिया। पेट और कमर पर 12 वार किए गए। विष्णु ने बताया कि वह बेहोशी की हालत में भी शिव का नाम जपते रहे। स्वस्थ होने के बाद संकल्प लिया कि अब भोले के नाम की कांवड़ लाएंगे। विष्णु के साथ उनका बेटा हिमांशु भी कांवड़ लेकर आया। शिव सेवा समिति ग्रास मंडी के दसवें भंडारे में उनके मिलने उनकी बेटी पूजा और पुत्रवधु भी पहुंची। उन्होंने बताया कि नौ जुलाई को जल उठाया था और 13 को मेरठ पहुंच गए।

पिता के साथ जल लाया 11वीं का छात्र
कंकरखेड़ा निवासी अश्वनी ने बताया कि वह एसडी स्कूल में 11 वीं छात्र हैं। पिता कुलदीप शर्मा पुरोहित हैं। यह सालों से कांवड़ ला रहे हैं। इस बार वह भी उनके साथ कांवड़ लेकर आया। अश्वनी ने बताया कि यात्रा के दौरान उन्होंने कांवड़ के सभी नियमों का पूरी श्रद्धा के साथ पालन किया। मेडिकल क्षेत्र निवासी हिमांशु और प्रियांशु ने बताया कि वह भी 11 वीं कक्षा के छात्र हैं और पहली बार कांवड़ लाए हैं।

बहनों के साथ भाई ने उठाई भोले की कांवड़
सुभाषपुरी निवासी विशाल ने बताया कि वह किसान इंटर कॉलेज में 11 वीं कक्षा में पढ़ता है। कई बार कांवड़ ला चुका है। इस बार उसके साथ उसकी बहन राधिका और भारती भी कांवड़ लाई हैं। रात दिन चलकर तीन दिन में हरिद्वार से मेरठ पहुंच गए है।

10 साल की सोनाक्षी लाई दादी के साथ कांवड़
तेजगढ़ी निवासी रामवती ने बताया कि वह 10 बार कांवड़ ला चुकी हैं। भोले का नाम लेकर ही सभी दुख दूर हो जाते हैं। इस बार दस साल की पोती सोनाक्षी भी कांवड़ लाने की जिद करने लगी तो उसको भी साथ ले लिया। पूरे रास्ते भोले का नाम लेते चली और कहीं भी थकान महसूस नहीं हुई है।

पिता के साथ बेटी लाई कांवड़
कालियागढ़ी निवासी विजय ने बताया कि उनके साथ उनकी नौ साल की बेटी नैना भी कांवड़ लाई। वह कई बार कांवड़ ला चुके हैं। इस बार पहली बार बेटी भी कांवड़ लेकर आई।

रेनू 30 साल से ला रही कांवड़
नंदपुरी निवासी रेनू शाक्य ने बताया कि वह 30 साल से कांवड़ ला रही हैं। उनके साथ बेटी प्रीति और बेटा गोपाल भी कांवड़ लाया। रेनू ने बताया कि बच्चों को भी कांवड़ लाने बचपन से लेकर जा रहे हैं। जब ये छोटे थे तो इन्हें वॉकर में ले जाते थे। अब बड़े हो गए हैं तो वह पैदल कांवड़ लाते हैं।

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मन्नत पूरी बच्चों के साथ लाए कांवड़
गोविंदपुरी निवासी राहुल ने बताया कि वह अपनी पत्नी रानी, सात साल की बेटी रूही और छह साल के बेटे शौर्य के साथ कांवड़ लाए हैं। उन्होंने बताया कि शौर्य के पांच वर्ष का होने पर उसके साथ कांवड़ लाने का संकल्प लिया था जो इस बार पूरा कर दिया। पूरा परिवार शिव का अन्नय भक्त हैं।

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