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संप्रेक्षण गृह पर किशोरों का कब्जा, ब्रेक करने की कोशिश

Fri, 27 May 2016 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 27 May 2016 01:57 AM IST
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samprekshan grah me kabja
बच्चा जेल में मोबाइल देने आये युवक से बातचीत करते एसपी सिंटी - फोटो : अमर उजाला
 सूरजकुंड स्थित संप्रेक्षण गृह बुधवार रात 10:30 बजे से बृहस्पतिवार देर रात तक उपद्रव के बीच बवाली किशोरों के कब्जे में रहा। बृहस्पतिवार तड़के किशोरों ने दीवार तोड़ते हुए छतों से पुलिसकर्मियों पर ईंटें बरसा दीं। पुलिसकर्मियों में भगदड़ मची तो पथराव करते हुए कुछ किशोर मेन गेट तक पहुंच गए और फरार होने की कोशिश की।
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पुलिस ने रबड़ बुलेट चलाकर इन किशोरों को अंदर खदेड़ा। दिन भर किशोर रुक-रुककर पुलिसकर्मियों पर पथराव करते रहे और पुलिस इससे जूझते रहे। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी और एक मीडियाकर्मी भी चोटिल हो गया।
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संप्रेक्षण गृह सूरजकुंड से जिला जेल परिसर में शिफ्ट करने के प्रयासों के विरोध में किशोरों का बवाल बुधवार पूरी रात जारी रहा। बवाली किशोर रात 12:40 बजे छत पर सिलेंडर तक लेकर पहुंच गए थे। बृहस्पतिवार तड़के कि शोरों ने संप्रेक्षण गृह की पिछली दीवार तोड़ दी और उसकी ईंटें छतों पर ले गए।
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जहां से उन्होंने परिसर में खड़े पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के अलावा पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते हुए जबरदस्त पथराव कर दिया। पुलिस संप्रेक्षण गृह के पीछे की ओर दौड़ी तो कई किशोर हाथ में ईंटें लेकर नीचे संप्रेक्षण गृह के मेन गेट तक पहुंच गए और पुलिस पर पथराव करते हुए फरार होने की कोशिश की। बताया गया कि उन्हें रोकने के लिए पुलिसकर्मियों ने हवा में रबड़ बुलेट चलाकर उन्हें बमुश्किल वापस भेजने में कामयाब हुई।

‘हर बात का जवाब पत्थर से’
एडीएम सिटी एसके दूबे, एएसपी कैंट सिद्धार्थ, सिटी मजिस्ट्रेट केशव कुमार, डीपीओ पुष्पेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार तड़के से लेकर रात तक कई बार माइक से किशोरों से वार्ता कर समझाने के प्रयास किए लेकिन वह किसी की मानने को तैयार नहीं थे, बल्कि अधिकारियों के ज्यादा कहने पर वह छत से पथराव करने लगते थे। पथराव में कुछ पुलिस कर्मी तो एक मीडिया कर्मी भी आंख के पास पत्थर लगने से घायल हो गया। उसे चिकित्सक के यहां ले जाया गया। इंस्पेक्टर नौचंदी हरशरण शर्मा ने बताया कि रात को किशोरों ने सभी सीमाएं लांघ दी थीं। वह मेन गेट तक आकर पुलिस पर पत्थर बरसा रहे थे। बड़ी मुश्किल से उन्हें काबू कर वापस भेजा गया। रबड बुलेट पुलिस ने नहीं चलाई। कोई पुलिसकर्मी चोटिल नहीं हुआ।


स्टाफ को बाहर निकाला, जमकर तोड़फोड़
बवाली किशोरों ने संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक और कर्मचारियों को जबरन बाहर निकालकर जबर्दस्त तोड़फोड़ की। कर्मचारी रामचंद्र की साइकिल तोड़ दी गई। दीवार तोड़ने के अलावा खिड़की उखाड़ दी। बृहस्पतिवार को कुछ लोगों ने अंदर जाने की कोशिश की तो उन पर पत्थर बरसा दिए गए। जिसके बाद किसी की हिम्मत नहीं हुई।
 
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