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चार करोड़ की सेल्स टैक्स चोरी

Tue, 27 Sep 2016 02:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
अमर उजाला ब्यूरों Updated Tue, 27 Sep 2016 02:46 AM IST
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sales tax chori  4 crore
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
 टैक्स चोरी के लिए एक ‘नटवरलाल’ ने ऐसा जाल बुना कि हकीकत सामने आने पर वाणिज्य कर विभाग का हर अधिकारी हैरत में है। आरोपी ने चार साल के भीतर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तीन कंपनी बनाई। हर बार कंपनी में पता और पिता का नाम बदल दिया गया।
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विभाग की लखनऊ टीम ने शक होने पर मेरठ के अधिकारियों को सूचित किया। इस पर मामला परत दर परत खुलता चला गया। अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की तो ऐसी कोई कंपनी नहीं मिली। माल की ढुलाई के लिए जो वाहन संख्या फार्म 38 में दी गई थी, वह दोपहिया वाहन निकले। 2012 से यह गोरखधंधा चल रहा था। अधिकारियोें का अनुमान है कि अब तक विभाग को लगभग चार करोड़ की चपत लग चुकी है।  
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 वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने 2012 में राहुल कुमार गुप्ता, 2015 में राहुल जैन और 2016 में राहुल कुमार अग्रवाल के नाम से फर्जी कंपनी बनाई। हर बार पता और पिता का नाम बदला गया। फर्म बनाने के लिए विभाग को दिए गए दस्तावेज वोटर आईडी, बिजली का बिल, नगर की रसीद और पैन कार्ड तक फर्जी मिले हैं। यहीं नहीं मूल निवास के भी दस्तावेज फर्जी मिले हैं।
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तीनों कंपनियां बिल्डिंग मैटेरियल जैसे सीमेंट, सेनेटरी गुड्स आदि की सप्लाई के कारोबार से जुड़ी हुई हैं। आरोपी ने दूसरे राज्य से सामान लाने के लिए भरे जाने वाले विभागीय फार्म 38 में हर बार केवल 20 से 25 हजार रुपये का सामान ट्रक से लाने की बात कही। आरोपी कितना शातिर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सामान की बिक्री डीलर के बजाय सीधे ग्राहक को दिखाई गई है। इससे टैक्स का भुगतान कम करना होता है। टैक्स भी ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन जमा किया गया ताकि ट्रेडिंग के मामले को पकड़ने की गुंजाइश कम ही रहे।

ऐसे पकड़ में आया मामला  
अगस्त 2016 में बालाजी इंटरप्राइजेज मेरठ की एक गाड़ी लखनऊ सचल दल ने पकड़ी थी। उसे करीब पांच लाख की लकड़ी थी। फार्म 38 के हिसाब से ट्रक का माल लखनऊ में ही उतराना था। सचल दल ने मौके पर जाकर पड़ताल की तो पता चला कि वहां केवल एक ही आदमी है। उसने बताया कि मेरठ के राहुल कुमार की सिफारिश पर उसे यहां नौकरी पर रखा गया है। कंपनी में केवल एक सदस्य होने पर मामले की जानकारी मेरठ के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड -1 विनोद कुमार सिंह को दी गई। उन्होंने यहां जांच कराई तो एसआईबी (स्पेशल इंवेस्टिगेशन ब्रांच) टीम को कई चौंकाने वाले मामले मिले।
 

आंकड़ों में फर्मों का ब्योरा
फार्म                                                         नाम (मालिक)             पिता               मूल पता
सिद्धबली इंटरप्राइजेज, 9 प्रवेश विहार शास्त्री नगर     राहुल कुमार गुप्ता        राजकुमार गुप्ता      एफ - 348 गंगानगर
राहुल ट्रेडिंग कंपनी, 39/205 माधवपुरम दिल्ली रोड    राहुल जैन                राजेश जैन          9  प्रवेश विहार, शास्त्री नगर

बालाजी इंटरप्राइजेज, 157 गली नंबर 4 प्रवेश विहार   राहुल कुमार अग्रवाल    राजकुमार अग्रवाल  219 न्यू गोविंदपुरी  

दोपहिया वाहनों के नंबर दिए  
 फार्म - 38 में जिन वाहनों से सामान की ढुलाई करने का जिक्र है, वह सभी नंबर स्कूटर, बाइक और मारुति कार के निकले। जबकि फार्म में ट्रक से सामान लाने की बात कही गई है। फर्मों के टिन नंबर में दर्ज पते पर भी राहुल नाम का कोई शख्श नहीं मिला। न्यू गोविंदपुरी में गुरुदेव सिंह पुत्र सरदार सिंह और गंगानगर में छोटे लाल पुत्र गंगाशरण का घर है।  
 
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