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17 करोड़ के नकली नोट: किस स्तर तक फैला है नेटवर्क? फिर करेंसी चेस्ट गए मुख्य सुरक्षा अधिकारी; दायरे में लेनदेन

Sat, 12 Sep 2026 12:40 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर Published by: Sharukh Khan Updated Sat, 12 Sep 2026 12:40 PM IST
सार

सहारनपुर के पीएनबी की करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ के जाली नोट मिलने का मामले की जांच एसआईटी ने एनआईए को सौंप दी है। 29 अगस्त को पंजाब नेशनल बैंक के नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे ने 17.29 करोड़ के जाली मिलने मामले में तीन प्रबंधकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

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Saharanpur Fake Currency Case SIT hands over counterfeit currency probe to NIA
Saharanpur Fake Currency Case - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ के जाली नोट मिलने के मामले में एनआईए ने जांच और तेज कर दी है। अब एसआईटी ने भी जाली नोट जांच में जुटाए साक्ष्यों की केस डायरी एनआईए को सौंप दी है। इस केस डायरी से एनआईए को जांच करने में जाली नोटों के स्रोतों और आरोपियों तक पहुंचने में काफी मदद मिलेगी।
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29 अगस्त को पंजाब नेशनल बैंक के नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे ने 17.29 करोड़ के जाली मिलने मामले में तीन प्रबंधकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामला सामने आने के बाद शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस ने की थी। डीआईजी अभिषेक सिंह के आदेश पर एसएसपी अभिनंदन सिंह सात सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। एसआईटी के साथ क्राइम ब्रांच भी आरोपियों तक पहुंचने और साक्ष्य जुटाने में लगी थी।
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जांच के दौरान दर्ज किए गए बयान, बरामदगी का विवरण सामने आए तथ्य व अन्य साक्ष्यों की केस डायरी में शामिल किया गया है। कागजी कार्रवाई करने के बाद अब एसआईटी ने केस डायरी एनआईए को सौंप दी है। एजेंसी इन तथ्यों को अपनी जांच के निष्कर्षों के साथ मिलाकर देखेगी।
 

इससे जांच में सामने आए नए बिंदुओं की पहचान होने की संभावना है। एनआईए का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि नकली नोटों का नेटवर्क किस स्तर तक फैला है और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था। संदिग्ध लेनदेन भी जांच के दायरे में हैं।
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करेंसी चेस्ट मामले में एसआईटी ने जांच की थी। अब कागजी कानूनी प्रक्रिया के बाद केस डायरी एनआईए को सौंप दी गई है। एनआईए ही पूरे मामले की जांच कर रही है।-व्योम बिंदल एसपी सिटी

एसएसपी व एसपी से मिले थे एनआईए एसपी
बुधवार नौ सितंबर को एनआईए के एसपी वैभव सक्सेना ने पुलिस लाइन में एसएसपी अभिनंदन सिंह व एसपी सिटी व्योम बिंदल से मुलाकात की थी। उन्होंने करेंसी चेस्ट मामले में अब तक हुई जांच और पुराने मामलों की जानकारी ली थी। इसके साथ ही पूर्व में पकड़े गए नकली नोट मामलों के बारे में भी जानकारी ली थी। एनआईए ने इन मामलों को भी जांच में शामिल है। इसके अलावा विदेशी कनेक्शन पर भी एनआईए जांच कर रही है।
 

फिर करेंसी चेस्ट पहुंचे मुख्य सुरक्षा अधिकारी
पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में नकली नोट आने के स्रोत और असली करेंसी निकलने का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। इसकी जांच एनआईए के अलावा एसआईटी और बैंक भी कर चुकी है। अभी तक केवल एक ही मुख्य आरोपी गिरफ्तार हुआ है, जबकि दो आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं। वहीं, शुक्रवार को पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य सुरक्षा अधिकारी सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट पहुंचे और मामले को लेकर जांच पड़ताल की। इसके बाद वापस लौट आए।
 

पीएनबी से मिला 500 का नकली नोट, हंगामे के बाद बदला गया
सहानपुर के नकुड़ कस्बे की तहसील रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में किसान को 500 रुपये का नकली नोट दिए जाने का मामला सामने आया है। किसान अंकित का आरोप है कि बैंक से चेक के जरिए निकाली गई रकम में यह नोट मिला।

 

नकली नोट सामने आने के बाद बैंक पहुंचे ग्राहक ने नोट बदलने की मांग की, लेकिन शाखा प्रबंधन और कैशियर ने पहले नोट बैंक से दिए जाने से इनकार कर दिया। काफी देर हंगामे के बाद बैंक कर्मचारियों ने नोट वापस लेकर दूसरा नोट दिया।

 

क्षेत्र के गांव छापुर निवासी अंकित ने बताया कि वह अपने साथी संजीव निवासी अंबेहटी के साथ पीएनबी शाखा में रुपये निकालने पहुंचे थे। दोनों ने चेक के माध्यम से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये निकाले।

अंकित के मुताबिक कैशियर ने मशीन से रकम की गिनती करने के बाद उन्हें रुपये दिए। इसके बाद दोनों एक रेस्टोरेंट पहुंचे, जहां संजीव ने रकम में से 15 हजार रुपये किसी व्यक्ति को दिए। इसी दौरान नोटों की दोबारा गिनती करते समय संजीव को 500 रुपये का एक नोट संदिग्ध लगा। जांच कराने पर नोट नकली पाया गया। इसके बाद दोनों बैंक शाखा पहुंचे और शाखा प्रबंधक को पूरी जानकारी देकर नोट बदलने की मांग की।

 

आरोप है कि शाखा प्रबंधक और कैशियर ने नोट बदलने से इनकार करते हुए कहा कि यह नोट बैंक से नहीं दिया गया। इसके बाद संजीव ने शाखा में हंगामा शुरू कर दिया। अंकित के अनुसार काफी देर बाद बैंक कर्मचारियों ने नकली नोट वापस लेकर दूसरा 500 रुपये का नोट दे दिया।

 

उधर, शाखा प्रबंधक संजीव अग्रवाल से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वह बाहर हैं। लौटने के बाद सोमवार को इस मामले में जानकारी देने की बात कही।

17.29 करोड़ के जाली नोटों के बीच मामला अहम
पीएनबी की स्थानीय शाखा में नकली नोट मिलने का मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब जिले की पीएनबी करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने का मामला पहले से ही जांच के केंद्र में है। मामले की जांच एनआईए कर रही है।

ऐसे में शाखा में ग्राहक को नकली नोट मिलने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि स्थानीय शाखा से मिले नोट का करेंसी चेस्ट में मिले जाली नोटों से कोई संबंध है या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
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