देवबंदी उलमा बोले- विवाद के कारण विश्वसनीयता खो रही तब्लीगी जमात
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तब्लीगी जमात में चल रहे विवाद को लेकर देवबंदी उलमा ने अफसोस जाहिर किया है। उलमा का कहना है कि जमात का यह विवाद समाप्त होना चाहिए। क्योंकि इससे जमात विश्वसनीयता खोती जा रही है। उलमा ने दारुल उलूम में जमात की गतिविधियों पर पाबंदी को दुरुस्त ठहराया है।
मदरसा जामिया हुसैनिया के वरिष्ठ मौलाना मुफ्ती तारिक कासमी ने कहा कि तब्लीगी जमात के जो फायदे हैं उससे कौम बहुत लाभ उठा रही है। लाइल्म (अशिक्षित) तबका जमात की वजह से शिक्षा से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि तब्लीगी जमात का विवाद उम्मत व बुजुर्गों के हक में नुकसानदेह है इसलिए इस विवाद को समाप्त करने के लिए उलमा और जमात के लोग सिर जोड़कर बैठें और एकजुट होकर जमात का काम करें।
ऑनलाइन फतवा विभाग के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि तब्लीगी जमात को लेकर चल रहा विवाद बेहद अफसोसनाक है। इसे खत्म करके मिलकर काम करने की जरूरत है ताकि पूरी उम्मत को इसका फायदा पहुंचता रहे।
ऑल इंडिया उलमा कौंसिल के महासचिव मौलवी तसव्वुर हुसैन ने कहा कि तब्लीगी जमात के लोगों को चाहिए कि वह बुजुर्गों के नक्शे कदम पर चलकर जमात का काम करें और जो लोग गुमराह करने वाले हैं उनसे दूर रहें। मौलाना साद की एक छोटी से गलती पूरी दुनिया में बहस और विवाद का कारण बनी हुई है। उन्होंने कहा कि दारुल उलूम ने जो पाबंदी लगाई है वो एकदम ठीक है।
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