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Meerut News: रूस के पर्यटकों ने किया हस्तिनापुर का भ्रमण, सुविधाओं का अभाव महसूस किया
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प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में पूजा अर्चना करते रूसी महिलाएं स्रोत संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। इंटरनेट पर महाभारतकालीन हस्तिनापुर का इतिहास और तस्वीरें देखकर रूस के पर्यटकों में इसे जानने की जिज्ञासा पैदा हुई। इसी जिज्ञासा के चलते रविवार को रूस से विदेशी पर्यटकों का एक दल हस्तिनापुर पहुंचा। उन्होंने यहां प्राचीन मंदिरों, घाटों और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया।
पर्यटकों ने स्थानीय लोगों से स्थलों के इतिहास और धार्मिक महत्व की जानकारी ली। रूस से आई दियांण ने बताया कि उनके समूह में एंजन, जैनिया, एलेना, मारिया ओल्गा, लोलिता ओल्गा, नतालिया और डायना शामिल हैं। उन्होंने गूगल पर हस्तिनापुर को खोजा था और अब इतिहास जानने आए हैं। दल ने प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर और पांडेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद पर्यटक कर्ण मंदिर, द्रौपदी घाट और पांडव टीले पर भी गए। प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष सुदेश कुमार ने उन्हें हस्तिनापुर के महत्व के बारे में बताया।
सुविधाओं की कमी और स्थानीय उत्सुकता
पर्यटकों ने बातचीत में बताया कि उन्होंने गूगल पर हस्तिनापुर की जानकारी और तस्वीरें देखी थीं। इसी कारण वह भारत यात्रा के दौरान यहां आए। रूसी पर्यटकों के आने पर स्थानीय लोगों में भी उत्सुकता दिखी। हालांकि, पर्यटकों को पेयजल, विश्राम गृह और सुलभ शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी महसूस हुई। उन्होंने कहा कि इतनी प्राचीन नगरी में अभी सुविधाओं का अभाव है।
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हस्तिनापुर। इंटरनेट पर महाभारतकालीन हस्तिनापुर का इतिहास और तस्वीरें देखकर रूस के पर्यटकों में इसे जानने की जिज्ञासा पैदा हुई। इसी जिज्ञासा के चलते रविवार को रूस से विदेशी पर्यटकों का एक दल हस्तिनापुर पहुंचा। उन्होंने यहां प्राचीन मंदिरों, घाटों और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया।
पर्यटकों ने स्थानीय लोगों से स्थलों के इतिहास और धार्मिक महत्व की जानकारी ली। रूस से आई दियांण ने बताया कि उनके समूह में एंजन, जैनिया, एलेना, मारिया ओल्गा, लोलिता ओल्गा, नतालिया और डायना शामिल हैं। उन्होंने गूगल पर हस्तिनापुर को खोजा था और अब इतिहास जानने आए हैं। दल ने प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर और पांडेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद पर्यटक कर्ण मंदिर, द्रौपदी घाट और पांडव टीले पर भी गए। प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष सुदेश कुमार ने उन्हें हस्तिनापुर के महत्व के बारे में बताया।
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सुविधाओं की कमी और स्थानीय उत्सुकता
पर्यटकों ने बातचीत में बताया कि उन्होंने गूगल पर हस्तिनापुर की जानकारी और तस्वीरें देखी थीं। इसी कारण वह भारत यात्रा के दौरान यहां आए। रूसी पर्यटकों के आने पर स्थानीय लोगों में भी उत्सुकता दिखी। हालांकि, पर्यटकों को पेयजल, विश्राम गृह और सुलभ शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी महसूस हुई। उन्होंने कहा कि इतनी प्राचीन नगरी में अभी सुविधाओं का अभाव है।

प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में पूजा अर्चना करते रूसी महिलाएं स्रोत संवाद
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