फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Russia Ukraine war: Crisis on sports, medicine and tire business due to war in Ukraine, business dropped by 20 percent

बड़ा झटका: यूक्रेन में जंग से खेल, दवा और टायर कारोबार पर संकट, 20 फीसदी तक गिरा कारोबार

Wed, 02 Mar 2022 02:14 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 02 Mar 2022 02:14 PM IST
सार

कोरोना से लगातार प्रभावित चल रहा निर्यात अब रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद मची उथल-पुथल का शिकार हो गया है। 

विज्ञापन
Russia Ukraine war: Crisis on sports, medicine and tire business due to war in Ukraine, business dropped by 20 percent
बैट

विस्तार

यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध से मेरठ एवं आसपास के कई जिलों के निर्यातक मुश्किल में हैं। यहां से दवा, खेल के सामान और टायर निर्यात के ऑर्डर नहीं मिल पा रहे हैं। कारोबारियों का भुगतान भी अटक गया है।
विज्ञापन


बैंकों का हवाला देते हुए चैंबर मेंबर्स ने भी निर्यातकों को भुगतान संबंधी जोखिम के प्रति सतर्क किया है। आईआईए और वेस्टर्न यूपी चैंबर ऑफ कॉमर्स के काउंसिल सदस्य राजेंद्र सिंह ने बताया कि पश्चिम उत्तर प्रदेश से सालाना औसतन 50 करोड़ से अधिक का कारोबार रूस और यूक्रेन के साथ होता है। अब माल होल्ड पर है। 
विज्ञापन


कुछ उद्यमियों की भुगतान भी रुक गया है। मुरादनगर वीके टायर के संचालक संजय खुराना ने बताया कि वह रूस और यूक्रेन दोनों देशों के साथ व्यापार करते हैं। युद्ध के कारण निर्यात सीधा सीधा प्रभावित हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पहले कोरोना, अब युद्ध की मार
इंडियन हर्बस एंड स्पेशलिटीज प्राइवेट लिमिटेड के एक्सपोर्ट हेड आरए मैनन ने बताया कि पहले कोविड के चलते एक्सपोर्ट काफी प्रभावित रहा है। अब रूस और यूक्रेन युद्ध भी एक्सपोर्ट को प्रभावित कर रहा है।

क्रेडिट लेटर का भी संकट
उद्यमियों की मानें यूक्रेन और रूस में लेटर ऑफ क्रेडिट या साख पत्र को लेकर भी समस्या आएगी। आईआईए के काउंसिल मेंबर राजेंद्र सिंह ने बताया अंतर्राष्ट्रीय व्यापार करने में लेटर ऑफ क्रेडिट का प्रयोग होता है। बैंक इस साख पत्र को जारी करता है। बैंकों ने रूस और बेलारूस में भुगतान संबंधी एडवाइजरी जारी की है। नाटो देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंध का भी कुछ विदेशी बैंकों पर असर पड़ सकता है।

कंटेनर की उपलब्धता भी बड़ी समस्या
अभी इंग्लैंड से लौटा हूं। यूरोपियन देशों के एक्सपोर्ट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। हमारे स्पोर्ट्स उद्योग में रूस और यूक्रेन युद्ध से 2 से 3 प्रतिशत का प्रभाव पड़ा है। कंटेनर की उपलब्धता एक बड़ी समस्या है। -राकेश कोहली, स्टैग इंटरनेशनल, मेरठ।

यूक्रेन से भुगतान रुका
निर्यातकों के सामने बड़ी समस्या है। यूक्रेन में कुछ पेमेंट भी रुकी हुई है। अमेरिका और नाटो देशों ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिया है। इसका भी  स्पोर्ट्स इंडस्ट्री पर प्रभाव पड़ेगा। -सचिन उपाध्याय, भल्ला इंटरनेशनल।
 यह भी पढ़ें:  
वतन वापसी की जदोजहद: मानसी व श्वेता ने बयां किया नवीन की मौत के दौरान खारकीव का मंजर, दहशत के बीच आज लौटेंगे कई छात्र

संकट: निर्यात पर असर से ट्रांसपोटरों को हो रहा घाटा 
कोरोना से लगातार प्रभावित चल रहा ट्रांसपोर्ट कोरोबार अब रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद मची उथल-पुथल का शिकार हो गया है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि कोरोना के चलते पिछले दो साल से कारोबार बीस फीसदी तक घट गया है। इसके चलते कर्मचारियों को वेतन देने और गाड़ियों की किस्त देने में भी दिक्कत हो रही है।

अब यूक्रेन-रूस युद्ध से भी संकट बढ़ गया है। मालभाड़े से रोजाना होने वाली करीब पांच करोड़ रुपये की आय घटकर चार करोड़ तक पहुंच गई है। मेरठ से खेल का सामान, कैंची, कपड़ा, बैंड-बाजा, ट्रांसफार्मर आदि देश के बड़े महानगरों मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, जयपुर, अहमदाबाद, जम्मू और कश्मीर, शिमला, हैदराबाद, बंगलुरु, जोधपुर, चंड़ीगढ़, लुधियाना आदि सड़क मार्ग द्वारा भेजा जाता है।

ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन मेरठ के अध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि कोरोना के समय से ही ट्रांसपोर्ट कारोबार को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। शर्मा ने बताया कि पहले मेरठ से हर रोज करीब पांच हजार गाड़ी देश भर के राज्यों में मेरठ से सामान लेकर जाती है। इससे ट्रांसपोर्ट कारोबार को करीब पांच करोड़ रुपये रोजाना की आमदनी होती थी। लेकिन कोरोना के समय से ही ट्रांसपोर्ट कारोबार की कमर टूटी पड़ी है।

अब यूक्रेन-रूस युद्ध के बाद पूरे विश्व में मची उथल-पुथल का भी असर झेलना पड़ेगा। एक करोड़ रुपये रोजाना की कमी आने ट्रांसपोर्टर को अपने स्टाफ को वेतन देने और ट्रकों की किस्त देने में भारी दिक्कत आ रही है। गौरव शर्मा ने बताया कि सरकार ने कोरोना काल में बंद रही गाड़ियों पर टैक्स की राहत भी नहीं दी। जिन ट्रांसपोर्टरों ने टैक्स जमा नहीं किया था उन पर पेनाल्टी लगाई जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed