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रोहटा में दहशत, गलियों में सन्नाटा  

Mon, 26 Sep 2016 02:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ Updated Mon, 26 Sep 2016 02:35 AM IST
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Rohta panic in the streets, silence
राेहटा गांव की गलियों में पसरा सन्नाटा। - फोटो : अमर उजाला
रंगदारी के लिए खून खराबे पर उतरे मोनू जाट के खौफ से रोहटा की गलियों में सन्नाटा है। बाजार खुले हैं लेकिन व्यापारी दहशत में है और ग्राहकों का टोटा है। लोगों में मोनू की दहशत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह उसका सीधे तौर पर नाम लेने से भी कतरा रहे हैं। टीकरी में हुए मर्डर में मोनू का नाम आने से तो यह दहशत और बढ़ गई। दिन छिपते ही बाजार बंद हो रहे हैं और लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। अमर उजाला टीम ने गांव का दौरा कर वहां का हाल जाना। 
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रविवार सुबह गांव का मेन मार्केट खुला था, लेकिन ग्राहक नदारद थे। जगह-जगह दुकानों के बाहर पुलिस बैठी थी। व्यापारियों में अजीब सी दहशत थी। एक बुजुर्ग व्यापारी से गांव के हालात पर बात करने की कोशिश की, तो सकपका गया। तसल्ली के बाद बोला कि गांव के हालात तो सबको पता हैं। बस जैसे तैसे यहां पड़े हैं। सुरेश के मर्डर के बाद तो घर वाले गांव छोड़ने की बात कर रहे हैं। समझ नहीं आ रहा क्या करें। एक व्यापारी बोला कि मोनू का टीकरी में हुए मर्डर में नाम आने की खबर सुनकर दहशत और बढ़ गई है। दिन छिपते ही दुकान बढ़ाकर घर चले जाते हैं।
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चमड़ा व्यापारी सुरेश के मोहल्ले की गली में सन्नाटा पसरा था। गली से जैसे ही कोई वाहन गुजरता लोग चौकन्ने हो जाते। गांव में तालाब के निकट से गुजर रहे दो युवकों से बात करने की कोशिश की गई तो बोले भाई इस गांव में तो चुप रहने में ही भलाई है, पता नहीं कब किसक ा नंबर आ जाए। गांव की हर खबर उसके पास है। इन युवकों ने खौफ में अपना नाम तक नहीं बताया। 
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इतनी जर्जर हालत, फिर कैसी रंगदारी 
दो
दिन पहले मौत के घाट उतारे गए चमड़ा व्यापारी सुरेश के घर मातम छाया था। गांव के एक जोहड़ के पास गंदी सी गली में जर्जर मकान में उसका परिवार रहता है। देखने में नहीं लगता कि उसके परिवार की माली हालत कोई अच्छी हो, लेकिन उसकी हत्या करने से परिजन खुद हैरान है। घर में मौजूद उसके भतीजे मोनू ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। चमड़ा खरीदकर बेचने का काम वो करता था वह खुद हैरान है कि मोनू ने ऐसा क्यों किया। 

दो लोगों को मिली पुलिस सुरक्षा 
मोनू
की धमकी के चलते गांव के दो परिवारों को पुलिस सुरक्षा दी गई है। जिनमें किसान दंपति की हत्या के बाद परिवार के चचेरे भाई ओमपाल को धमकी की वजह से गनर दिए गए हैं। इसी तरह पेंट व्यापारी ब्रजवासी से भी रंगदारी मांगी गई थी। दहशत में उसने अपना कारोबार बंद कर दिया। उसे भी पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। 

अंकल! हमारे पापा को क्यों मार दिया 
सुरेश
के घर के बाहर उसका बेटा वासू और बेटी अशं एक चारपाई पर उदास बैठे थे। ये दोनों वहां से आने जाने वालों से पूछ रहे थे कि अंकल! हमारे पापा को क्यों मार दिया। उनके इस सवाल का किसी के पास जवाब नहीं था।


थाना दूर गया तो क्या होगा
ग्रामीणों
ने बताया कि अभी तक रोहटा थाना गांव के बीच में है लेकिन इसे गांव से दूर शिफ्ट करने की तैयारी हो रही है। गांव से दो किमी दूर पूठ गांव में थाने का नया भवन बन रहा है। इसके तैयार होते ही थाना वहां शिफ्ट हो जाएगा। ग्रामीणों का कहना था कि थाना गांव में होने के बावजूद इतनी वारदात हो रही हैं और यदि थाना गांव से दूर चला गया तो यहां का तो हाल बेहाल ही हो जाएगा। ग्रामीण चाहते हैं कि थाना यहां से शिफ्ट न हो। यदि यह शिफ्ट होता है तो फिर गांव में चौकी बनाकर इतनी ही फोर्स यहां लगाई जाए।
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