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लुटेरों को पहचाना तो काट दी छात्र की उंगली
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सिविल लाइन क्षेत्र में घायल युवक।
- फोटो : CITY
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मेरठ। सिविल लाइन थाने के पास बुधवार को बदमाशों ने दुस्साहसिक वारदात कर दी। दो दिन पहले एक छात्र से बदमाशों ने मोबाइल लूटा था। पीड़ित छात्र ने दोनों बदमाशों को बाइक पर जाते देखकर शोर मचा दिया। बदमाशों ने छात्र पर जानलेवा हमला कर चाकू से उसकी उंगली काट दी। लहूलुहान हालत में भी छात्र ने एक आरोपी को दबोचकर पुलिस को सौंप दिया। इस मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है।
पीडब्ल्यूडी कॉलोनी निवासी बीए के छात्र नितिन कुमार से दो दिन पहले मानसरोवर कॉलोनी गेट नंबर एक पर बाइक सवार दो बदमाशों ने मोबाइल छीना था। जिसकी शिकायत छात्र नितिन ने सिविल लाइन थाने में की थी। लेकिन पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज नहीं किया। बुधवार को उक्त दोनों बदमाश अपने एक साथी के बाइक पर जा रहे थे। सिविल लाइन थाने के सामने छात्र ने दोनों बदमाशों को पहचानकर शोर मचा दिया। छात्र ने बाइक पर पीछे बैठे बदमाश को खींच लिया।
जिस पर बदमाशों ने छात्र की उंगली चाकू से काट दी। उंगली जमीन पर गिर गई, इसके बावजूद भी छात्र ने बदमाश को नहीं छोड़ा। चीख पुकार मचते ही लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने हंगामा किया, तब जाकर थाने से पुलिस बाहर आई। पुलिस आरोपी को पकड़कर थाने ले आई। वहीं पीड़ित नितिन की पुलिस ने एक नहीं सुनी। जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई, तब जाकर पुलिस ने घायल नितिन को जसवंतराय हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
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थाने से भगाया आरोपी
अस्पताल में भर्ती नितिन ने बताया कि थाना पुलिस मामले को छुपाना चाहती थी। आरोपी को थाने से भगा दिया। यही नहीं, मोबाइल लूट के आरोपी को सिविल लाइन पुलिस ने 24 घंटे बाद ही क्लीन चिट भी दे दी। इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
24 घंटे बाद आरोपी को क्लीनचिट
मेरठ। एक दूसरे मामले में मोबाइल लूट के आरोपी को सिविल लाइन पुलिस ने 24 घंटे बाद क्लीनचिट दे दी। इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। मंगलवार को दिवाकर नाम के एक युवक से मोबाइल छीना गया था। जिसमें आरोपी नितिन को पुलिस ने पकड़ा था। बुधवार को दिनभर थाने में सेटिंग का खेल चला। 24 घंटे हवालात में रखने के बाद बुधवार देर रात पुलिस ने आरोपी को क्लीनचिट दे दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इस संबंध में इंस्पेक्टर सिविल लाइन का कहना है कि आरोपी के खिलाफ लिखित में शिकायत नहीं थी। दोनों के बीच समझौता हो गया।
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पीडब्ल्यूडी कॉलोनी निवासी बीए के छात्र नितिन कुमार से दो दिन पहले मानसरोवर कॉलोनी गेट नंबर एक पर बाइक सवार दो बदमाशों ने मोबाइल छीना था। जिसकी शिकायत छात्र नितिन ने सिविल लाइन थाने में की थी। लेकिन पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज नहीं किया। बुधवार को उक्त दोनों बदमाश अपने एक साथी के बाइक पर जा रहे थे। सिविल लाइन थाने के सामने छात्र ने दोनों बदमाशों को पहचानकर शोर मचा दिया। छात्र ने बाइक पर पीछे बैठे बदमाश को खींच लिया।
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जिस पर बदमाशों ने छात्र की उंगली चाकू से काट दी। उंगली जमीन पर गिर गई, इसके बावजूद भी छात्र ने बदमाश को नहीं छोड़ा। चीख पुकार मचते ही लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने हंगामा किया, तब जाकर थाने से पुलिस बाहर आई। पुलिस आरोपी को पकड़कर थाने ले आई। वहीं पीड़ित नितिन की पुलिस ने एक नहीं सुनी। जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई, तब जाकर पुलिस ने घायल नितिन को जसवंतराय हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
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थाने से भगाया आरोपी
अस्पताल में भर्ती नितिन ने बताया कि थाना पुलिस मामले को छुपाना चाहती थी। आरोपी को थाने से भगा दिया। यही नहीं, मोबाइल लूट के आरोपी को सिविल लाइन पुलिस ने 24 घंटे बाद ही क्लीन चिट भी दे दी। इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
24 घंटे बाद आरोपी को क्लीनचिट
मेरठ। एक दूसरे मामले में मोबाइल लूट के आरोपी को सिविल लाइन पुलिस ने 24 घंटे बाद क्लीनचिट दे दी। इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। मंगलवार को दिवाकर नाम के एक युवक से मोबाइल छीना गया था। जिसमें आरोपी नितिन को पुलिस ने पकड़ा था। बुधवार को दिनभर थाने में सेटिंग का खेल चला। 24 घंटे हवालात में रखने के बाद बुधवार देर रात पुलिस ने आरोपी को क्लीनचिट दे दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इस संबंध में इंस्पेक्टर सिविल लाइन का कहना है कि आरोपी के खिलाफ लिखित में शिकायत नहीं थी। दोनों के बीच समझौता हो गया।