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यूपी: यात्रियों से बढ़ा हुआ किराया वसूल रहा रोडवेज, दूरी कम करने को बस चालक अपना रहे खतरनाक तरीका

Sat, 22 Dec 2018 04:07 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 22 Dec 2018 04:07 PM IST
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Roadways drivers applying dangerous way to reduce distance in meerut taking increased rent
up roadways

परतापुर स्थित इंटरचेज और आरओबी निर्माण के चलते हुए डायवर्जन के कारण रोडवेज यात्रियों की जेब पर मार पड़ी है। हैरत की बात यह है कि रोडवेज चालक रॉन्ग साइड से बस लाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा हर समय बना रहता है। उधर, रॉन्ग साइड आने से दूरी तो बढ़ती नहीं, फिर भी रोडवेज यात्रियों से बढ़ा हुआ किराया वसूल रहा है।

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दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे के निर्माण में परतापुर तिराहा इस समय प्रभावित है। यहां कट बंद कर दिया गया है और दिल्ली की ओर से आ रहे वाहनों को अब आगे घूमकर ही वापस मेरठ में प्रवेश करना पड़ रहा है। इसमें सबसे ज्यादा रोडवेज बस यात्रियों की आफत आई है।
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रोडवेज अधिकारियों का दावा है कि बसों को यहां से करीब दो किलोमीटर आगे बने कट से घूमकर वापस तिराहे पर आना पड़ रहा है। ऐसे में चार किलोमीटर का रन ज्यादा होने और डीजल औसत गड़बड़ाने से हो रहे घाटे के नाम पर चार से पांच रुपया किराया बढ़ा दिया है। लेकिन रोडवेज चालक तमाम नियम कानून ताक पर रखकर बसों का संचालन रॉन्ग साइड करने में लगे हैं। 

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डिवाइडर पर दौड़ा रहे बसें
बसों को भूड़बराल में ही डिवाइडर के ऊपर से दूसरी साइड उतार दिया जाता है और परतापुर से सीधा फ्लाईओवर पर चढ़ा दिया जाता है। अमर उजाला ने शुक्रवार को इन बसों की पड़ताल की तो मेरठ डिपो, भैसाली डिपो से लेकर नोएडा डिपो तक की कई बसें रांग साइड आते हुए कैमरे में कैद हो गईं।

इससे न केवल जाम लग रहा है बल्कि दुर्घटना होने की भी आशंका बनी है। पुलिस भी इन बसों को रोक नहीं पा रही है। आरएम नीरज सक्सेना ने बताया कि रॉन्ग साइड बस चलाने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो दोषी चालकों पर कार्रवाई की जाएगी। 

मार्च तक पूरा होगा इंटरचेंज 
एक्सप्रेस पर चल रहे इंटरचेंज का काम मार्च तक पूरा होगा। ऐसे में यहां जाम और डायवर्जन की यही स्थिति रहने वाली है। हालांकि एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि वह निरीक्षण करेंगे और यदि आवश्यकता हुई तो एनएच 58 पर थोड़ा पहले ही यू टर्न बना दिया जाएगा ताकि वाहनों को ज्यादा न घूमना पड़े।

इंटरचेंज के  लिए यहां बड़ी बड़ी मशीनों को लगाया गया है।  आठ कनेक्टिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। यहां काम कर रही जीआर इंफ्रा  के मैकेनिकल  इंजीनियरों के मुताबिक आरओबी के लिए 50 - 50  फिट लंबे गार्डरों को रखने का काम चल रहा है।  

आरओबी व एफओबी की लंबाई 100 मीटर होगी। भूडबराल रजवाहे से परतापुर तिराहे के बीच बनने वाले आरओबी से आठ कनेक्टिंग प्वाइंट दिए जाएगे।   ग्रेनटी क्रेन, बूम प्रेशर जैसी मशीनें यहां लगी हैं, जो पिलर लगाने का काम कर रही हैं। इसके अलावा पिलर को उठाकर रखने के लिए भी ये मशीनें काम में आएंगी।

टीम करेगी यू टर्न पर काम
एनएच 58 पर एनएचएआई की टीम देखेगी कि क्या इससे पहले कट बनाया जा सकता है। टीम देखेगी कि यदि व्यवस्था ज्यादा खराब है तो यू टर्न पहले बना दिया जाएगा ताकि वाहनों को इतना ज्यादा घूमकर न आना पड़े।

इंटरचेंज का काम मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य है। एक्सप्रेस वे का काम भी जल्दी ही पूरा होना है। थोड़ी सी परेशानी है। एनएच 58 पर देखेंगे कि कट यदि ज्यादा दूर है तो वहां पहले ही यू टर्न बनाने पर काम हो सकता है। - किशोर कान्याल, परियोजना निदेशक

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