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रोडवेज बस के फर्स्ट एड बॉक्स में म्यूजिक सिस्टम, ये है नियम

Tue, 19 Sep 2017 10:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Tue, 19 Sep 2017 10:05 AM IST
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roadways bus fist aid box become music system
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
रोडवेज बसों में फर्स्ट एड बॉक्स (प्राथमिक उपचार पेटिका) तो हैं, लेकिन उनमें प्राथमिक उपचार की दवाइयां ही नहीं हैं। अमर उजाला ने रोडवेज बसों में फर्स्ट एड बॉक्स की स्थिति जानी तो तस्वीर चौंकाने वाली मिली। किसी बॉक्स में कपड़े रखे मिले तो कोई बिल्कुल खाली मिला। कई बसों में तो इन बॉक्स में म्यूजिक सिस्टम तक लगा दिए गए हैं। 
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ये है नियम
रोडवेज बसों में फर्स्ट एड बॉक्स का मकसद यह है कि स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी होने या चोट आदि लगने पर यात्री को तुरंत प्राथमिक उपचार मिल जाए। मामला अगर गंभीर हो तो प्राथमिक उपचार के बाद उसे सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाया जाए। रोडवेज बसों में फर्स्ट एड बॉक्स की सुविधा अमूमन चालक  के पीछे लगे स्टैंड या फिर ऊपर सामान रखने की जगह छोटा बॉक्स बनाकर देने का नियम है। इन बॉक्स में पेट दर्द, सिर दर्द आदि की दवा और मरहम पट्टी की व्यवस्था होती है। खासकर लंबी दूरी की बसों में तो यह व्यवस्था आवश्यक रूप से रखने के आदेश उच्चाधिकारियों ने दे रखे हैं। लेकिन इन आदेशों की रोडवेज बसों में खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। 
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तो नहीं मिलेगा उपचार
सवाल यह है कि रोडवेज बस में सफर करने के दौरान यदि किसी यात्री को प्राथमिक उपचार देने की जरूरत पड़ जाए तो क्या होगा। क्योंकि इन फर्स्ट एड बॉक्स में न तो कोई दर्द निवारक गोली है और न ही कोई मरहम पट्टी की व्यवस्था। ऐसे में यात्रियों को प्राथमिक उपचार मौके पर कैसे मिलेगा। 
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चालक-परिचालक पर होगी कार्रवाई
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक एसके बनर्जी का कहना है कि फर्स्ट एड बॉक्स में दवाइयां आदि रखनी अनिवार्य हैं। अगर दवाइयां नहीं हैं तो यह बताना चालक-परिचालक की जिम्मेदारी है। ऐसे चालक-परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने इसकी सूचना नहीं दी है। आरएम रोडवेज के अनुसार वे खुद बसों का निरीक्षण करेंगे। जिन बसों के फर्स्ट एड बॉक्स में दवाइयां नहीं मिलेंगी, उसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करेंगे।


फर्स्ट एड बॉक्स तो घरों से भी गायब
पहले घरों में भी फर्स्ट एड बॉक्स बनाए जाते थे, लेकिन अब जागरूकता के अभाव में वहां भी गायब होते जा रहे हैं। इस संबंध में आईएमए अध्यक्ष डॉ. वीरोत्तम तोमर का कहना है कि सभी घरों में फर्स्ट एड बॉक्स रखना चाहिए। यह काफी मदद करता है। इसमें सामान्य पेट दर्द, सिरदर्द, बुखार की दवाएं, मरहम, पट्टी और थर्मामीटर आदि रखें। प्राथमिक उपचार के बाद जरूरत पड़े तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
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