मवाना(मेरठ)। आर्य समाज मवाना में चल रहे चार दिवसीय ऋषिबोधोत्सव का शुक्रवार को समापन हो गया। जिसमें पवन रस्तोगी, संगीता रस्तोगी, सुदेशपाल आर्य, केला देवी, हरिश्चंद्र रस्तोगी, उमा रस्तोगी, राजेश कुमार मूलशंकर आदि सपत्नीक यज्ञमान रहे। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य वेदपाल शास्त्री ने यजुर्वेद के 40 वें अध्याय के मंत्रों से विशेष आहुतियां दिलवाई।
यज्ञ के बाद भजनोपदेशिका आचार्य सुलभा शास्त्री ने भजनों एवं प्रवचन के माध्यम से बताया कि आज ही के दिन बालक मूलशंकर को यह बोध हुआ था कि पत्थर का शिवलिंग सच्चा शिव नहीं है। वे घर छोड़कर सच्चे शिव की तलाश में वर्षों भटकते रहे। अंत में मथुरा में गुरु विरजानंद से वेदों की शिक्षा प्राप्त की और गुरु के आदेश पर अपना संपूर्ण जीवन वेदों के प्रचार प्रसार में लगा दिया। उन्होंने समाज में फैली बुराइयों अंधविश्वास आदि का घोर विरोध किया। संचालन मंत्री अनिल गोला ने तथा प्रधान पवन रस्तोगी ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम में सुनील गुप्ता, होशियार सिंह, दिनेश आर्य, राम सिंह सैनी, प्रदीप दुबलिश, बलजीत सिंह, श्यामलाल, आलोक राजवंशी, कृष्णमोहन पालीवाल, सुधा रस्तोगी, कुसुम सराफ, सीमा गोला, अनिका गोला, सावित्री, नीरु आर्य, डॉ. शक्ति साहनी आदि मौजूद रहे।