{"_id":"6a32caebe9b4cacb890eaa5d","slug":"revenue-department-and-police-accused-of-collecting-convenience-fees-in-exchange-for-dol-bandi-bundingembankment-work-meerut-news-c-40-1-smrt1041-112639-2026-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: डोल बंदी की एवज में राजस्व विभाग व पुलिस पर सुविधा शुल्क वसूलने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: डोल बंदी की एवज में राजस्व विभाग व पुलिस पर सुविधा शुल्क वसूलने का आरोप
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फलावदा। एसडीएम के आदेश पर खेत की डोल बंदी कराने की एवज में राजस्व विभाग व पुलिस द्वारा सुविधा शुल्क वसूलने का आरोप लगाते हुए फरियादी ने जिला अधिकारी से शिकायत की है। पीड़ित ने सुविधा शुल्क की रकम वापस दिलाने की मांग की है।
क्षेत्र के अमरौली उर्फ बड़ा गांव निवासी सुनील ने डीएम को दी शिकायत में बताया कि उसकी भूमि कम होने पर उसने डोल बंदी के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर एसडीएम मवाना ने कानूनगो को भूमि की पैमाइश करके डोल लगवाने के निर्देश दिए थे। पीड़ित सुनील का आरोप है कि उससे खर्चे के नाम पर एक दरोगा व कानूनगो ने 10-10 हजार रुपये वसूलकर उसकी डोल लगवा दी थी। हालांकि टीम द्वारा एक पक्ष को बुलाए बिना ही डोल बंदी कराई थी।
आरोप है कि दूसरे पक्ष से साठगांठ करके 33 दिन बाद उसकी डोल ध्वस्त करा दी गई। सुनील के मुताबिक शिकायत होने पर कानूनगो ने सुविधा शुल्क की रकम 10 हजार रुपये उसे लौटा दिए लेकिन दरोगा उसे रुपये नहीं लौटा रहा है। उसने थाने में समाधान दिवस में यह मामला रखा लेकिन थाने में उसकी एक न चली। खेत में नियमानुसार लगवाई गई डोल एक माह बाद ध्वस्त किए जाने से पीड़ित आहत है। उसने डीएम से न्याय की गुहार लगाई है।
विज्ञापन
सीओ मवाना पंकज लवानिया ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। पीड़ित की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
फलावदा। एसडीएम के आदेश पर खेत की डोल बंदी कराने की एवज में राजस्व विभाग व पुलिस द्वारा सुविधा शुल्क वसूलने का आरोप लगाते हुए फरियादी ने जिला अधिकारी से शिकायत की है। पीड़ित ने सुविधा शुल्क की रकम वापस दिलाने की मांग की है।
क्षेत्र के अमरौली उर्फ बड़ा गांव निवासी सुनील ने डीएम को दी शिकायत में बताया कि उसकी भूमि कम होने पर उसने डोल बंदी के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर एसडीएम मवाना ने कानूनगो को भूमि की पैमाइश करके डोल लगवाने के निर्देश दिए थे। पीड़ित सुनील का आरोप है कि उससे खर्चे के नाम पर एक दरोगा व कानूनगो ने 10-10 हजार रुपये वसूलकर उसकी डोल लगवा दी थी। हालांकि टीम द्वारा एक पक्ष को बुलाए बिना ही डोल बंदी कराई थी।
विज्ञापन
आरोप है कि दूसरे पक्ष से साठगांठ करके 33 दिन बाद उसकी डोल ध्वस्त करा दी गई। सुनील के मुताबिक शिकायत होने पर कानूनगो ने सुविधा शुल्क की रकम 10 हजार रुपये उसे लौटा दिए लेकिन दरोगा उसे रुपये नहीं लौटा रहा है। उसने थाने में समाधान दिवस में यह मामला रखा लेकिन थाने में उसकी एक न चली। खेत में नियमानुसार लगवाई गई डोल एक माह बाद ध्वस्त किए जाने से पीड़ित आहत है। उसने डीएम से न्याय की गुहार लगाई है।
विज्ञापन
सीओ मवाना पंकज लवानिया ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। पीड़ित की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।