यूपी : कोरोना में 14 हजार ट्रकों के पहिये थमे, मेरठ के 587 ट्रांसपोर्टरों को 40 करोड़ से ज्यादा का नुकसान, अब किया ये एलान
सभी ट्रांसपोर्ट की पार्सल बुकिंग बंद हैं। पार्सल बुकिंग में हर ट्रेड से जुड़ा एक से दो टन माल इकट्ठा किया जाता है। मौजूदा हालात से परेशान अधिकतर व्यापारी एक जून से हर हाल में ट्रांसपोर्ट खोलने की तैयारी कर चुके हैं
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कोराना के कारण पिछले साल से अब तक 15 ट्रांसपोर्ट कंपनी बंद हो चुकी है। 150 से अधिक ट्रक बेच दिए गए हैं। 22 ट्रांसपोर्टरों ने खर्च बढ़ने के कारण दिल्ली और मेरठ से अपने कार्यालयों को हटा दिया है।
डीजल की बढ़ती कीमत से व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों की चिंता और बढ़ गई है। ट्रांसपोर्टरों के अनुसार कोई ट्रक बंगलुरु का एक फेरा करता है तो एक लाख रुपये का डीजल खर्च होता है। इसके बाद टोल आदि में 10 हजार तक खर्च हो जाता है। ऐसे में किराया 1.30 लाख रुपये लिया जाता है। इसके बाद मैनटिंनेंस आदि में पूरा मुनाफा खत्म हो जाता है। आवश्यक वस्तुओं में 15 हजार ट्रक में सिर्फ हजार के आसपास ट्रक चल रहे हैं।
पार्सल बुकिंग बंद बढ़ रहा किराया
सभी ट्रांसपोर्ट की पार्सल बुकिंग बंद हैं। पार्सल बुकिंग में हर ट्रेड से जुड़ा एक से दो टन माल इकट्ठा किया जाता है। किताबें, ट्रैक्टर पार्ट्स, कच्चा माल सहित प्लास्टिक, स्पोर्ट्स गुड्ड को मिलाकर किसी भी शहर के लिए ट्रक तैयार किया जाता है। इस समय आवश्यक वस्तुओं को पार्सल बुकिंग में नहीं की जा रही है। ऐसे में पार्सल बुकिंग केंद्र का किराया। लोडिंग, बिलिंग, गोदाम इंचार्ज की सैलरी भी जा रही हैं।
एक जून से ट्रांसपोर्ट खोलने की तैयारी
मौजूदा हालात से परेशान अधिकतर व्यापारी एक जून से हर हाल में ट्रांसपोर्ट खोलने की तैयारी कर चुके हैं। - गौरव शमा्र, अध्यक्ष, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन।
कम हुई ट्रांसपोर्ट कंपनियां, बढ़ा घाटा
शहर में 15 ट्रांसपोर्ट कंपनी बंद हो चुकी हैं। 150 से अधिक ट्रक बेच दिए गए हैं। घाटा बढ़ गया है। - दीपक रेहलाम, डायरेक्टर, डायमंड ट्रांसपोर्ट।
बैंक की किश्त नहीं चुका पा रहे व्यापारी
ट्रांसपोर्ट व्यापारी बैंक की किश्तों को चुकाने में असमर्थ हैं। ज्यादातर कारोबारियों ने पांच से 10 ट्रक फाइसेंस पर लिए हैं। - पंकज अनेजा, एमडी, मेरठ इंदौर ट्रांसपोर्ट।
बाजार बंद तो पार्सल बुकिंग भी अटकी
शहर के ज्यादातर बाजार बंद होने के कारण पार्सल बुकिंग नहीं हो रही हैं। बुकिंग सेंटर, गोदाम का किराया और अन्य खर्च के कारण काफी नुकसान हो रहा है। इसके साथ खड़े ट्रकों का खर्च भी लगातार बढ़ रहा है। - दीपक गांधी, महामंत्री, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन मेरठ।