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अपने कर्मों से ही सम्मान या अपमान मिलता है : शिवराज
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- सूर्या पैलेस में आयोजित भागवत कथा में राधा रानी का प्रसंग भी सुनाया
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सूर्या पैलेस में आयोजित भागवत कथा में श्याम सुंदर शिवराज महाराज ने कहा कि वर्तमान युग में भगवान के दर्शन करने के इच्छुक व्यक्ति को भागवत में ही प्रभु मिलेंगे। भागवत कथा श्रवण करने और पाठ करने से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही मन और हृदय को शांति मिलती है।
उन्होंने कहा कि जीव अपने कर्मों के फल भोगता है। भस्मासुर की कथा का उदाहरण देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अपने कर्मों से ही व्यक्ति को सम्मान या अपमान मिलता है। उन्होंने दत्तात्रेय जी के 24 गुरुओं का प्रसंग सुनाया। इसके माध्यम से समझाया कि संसार से आशा दुख का कारण है जबकि ईश्वर से आशा करनी चाहिए। ईश्वर ही सभी इच्छाओं की पूर्ति करते हैं।
कथावाचक ने बताया कि भगवान कृष्ण की आराध्य शक्ति श्री राधा रानी हैं। उन्हीं की कृपा से संसार के समस्त कार्य संचालित होते हैं। ब्रह्मा, विष्णु और महेश भी उन्हीं के निर्देश पर कार्य करते हैं। इसलिए राधा रानी की उपासना अत्यंत महत्वपूर्ण है। जो उनकी उपासना करते हैं, उनके घर में लक्ष्मी का वास होता है। धन संपत्ति में वृद्धि होती है। कथा के दौरान हवन और भंडारा भी हुआ।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सूर्या पैलेस में आयोजित भागवत कथा में श्याम सुंदर शिवराज महाराज ने कहा कि वर्तमान युग में भगवान के दर्शन करने के इच्छुक व्यक्ति को भागवत में ही प्रभु मिलेंगे। भागवत कथा श्रवण करने और पाठ करने से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही मन और हृदय को शांति मिलती है।
उन्होंने कहा कि जीव अपने कर्मों के फल भोगता है। भस्मासुर की कथा का उदाहरण देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अपने कर्मों से ही व्यक्ति को सम्मान या अपमान मिलता है। उन्होंने दत्तात्रेय जी के 24 गुरुओं का प्रसंग सुनाया। इसके माध्यम से समझाया कि संसार से आशा दुख का कारण है जबकि ईश्वर से आशा करनी चाहिए। ईश्वर ही सभी इच्छाओं की पूर्ति करते हैं।
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कथावाचक ने बताया कि भगवान कृष्ण की आराध्य शक्ति श्री राधा रानी हैं। उन्हीं की कृपा से संसार के समस्त कार्य संचालित होते हैं। ब्रह्मा, विष्णु और महेश भी उन्हीं के निर्देश पर कार्य करते हैं। इसलिए राधा रानी की उपासना अत्यंत महत्वपूर्ण है। जो उनकी उपासना करते हैं, उनके घर में लक्ष्मी का वास होता है। धन संपत्ति में वृद्धि होती है। कथा के दौरान हवन और भंडारा भी हुआ।
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