UP: बी कुमार पर गिरी गाज, युद्घवीर सिंह बने मेरठ कॉलेज के प्रिंसिपल
मेरठ कॉलेज में परीक्षा के दौरान गलत पेपर बांटने और नकल के मामलों में कार्रवाई नहीं करने की गाज आखिरकार प्राचार्य बी कुमार पर गिर गई। मैनेजमेंट की बैठक में शुक्रवार को उनको प्राचार्य पद से हटाकर वापस विभाग में भेज दिया गया है। आरोपों की जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है। मैनेजमेंट ने उनकी जगह डॉ. युद्घवीर सिंह को कार्यवाहक प्राचार्य बनाया है।
मेरठ कॉलेज में 14 मार्च को एमकॉम कोड आई-101 मैनेजमेंट कॉन्सेप्ट एंड आग्र्रेनाइजेशन बिहेवियर और एलएलबी में कोड के-201 कांट्रेक्ट सेकेंड का पेपर था। कई क्लासों में इन पेपरों की बजाय 16 मार्च को होने वाले एमकॉम कोड आई-102 बिजनेस एनवायरमेंट और एलएलबी में कोड 202 फैमिली लॉ के पेपर बांट दिए गए थे। हंगामे के बाद विश्वविद्यालय ने पेपर आउट मानते हुए दोनों कोड की परीक्षाएं स्थगित कर दीं थी। प्राचार्य बी कुमार ने इस मामले में शिक्षकों पर कार्रवाई करने की बजाय कर्मचारियों पर कार्रवाई कर दी थी। इसको लेकर कर्मचारियों ने मैनेजमेंट से प्राचार्या की शिकायत की थी। दूसरे मामले में परीक्षा के दौरान एक छात्र को नकल करते हुए पकड़ा गया था, लेकिन इसके बाद भी कॉलेज की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। इन सारे मामलों की शिकायत पर कॉलेज के अवैतनिक मंत्री अरविंद नाथ सेठ ने शुक्रवार को पदाधिकारियों की आपात बैठक बुलाई थी। बैठक में कार्यवाहक प्राचार्या बी कुमार की परीक्षा के संबंध में लापरवाही, उदासीनता एवं गैर जिम्मेदाराना व्यवहार पर पांच सदस्यों की जांच समिति का गठन करते हुए उनको तत्काल पद से हटाते हुए एक पांच सदस्य समिति का गठन कर दिया।
ये हैं समिति के सदस्य
समिति का अध्यक्ष योगेश कुमार बंसल को बनाया गया है। सदस्य अशोक कुमार भारती, डॉ. ओपी शर्मा, सुशील कुमार और अरुण कुमार गुप्ता हैं। ये आरोपों की जांच कर जल्द इसकी रिपोर्ट मैनेजमेंट को देंगे। मैनेजमेंट की बैठक के बाद अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. युद्घवीर सिंह ने कार्यवाहक प्राचार्य का चार्ज संभाल लिया है। मैनेजमेंट ने स्पष्ट कर दिया है कि शुक्रवार से कॉलेज के खाते को संचालित करने का अधिकार डॉ. बी कुमार को नहीं होगा।
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