रोहटा(मेरठ)। अब गन्ना सर्वेक्षण के दौरान ही किसान समिति का नया सदस्य बन सकता है। इसको लेकर सहकारी गन्ना विकास समिति मलियाना के पर्यवेक्षक गांव गांव जाकर कार्य कर रहे हैं।
किसान को सहकारी गन्ना समिति का सदस्य होना जरूरी है। मिलों को सप्लाई होने वाले गन्ने के बांड का निर्धारण समिति का सदस्य बनने के बाद होता है। पहले समिति का सदस्य बनने के लिए किसान को कई चक्कर काटने पड़े थे। अब शासन ने प्रक्रिया को आसान बना दिया है। अब नए सदस्य के लिए समिति कर्मचारी किसान के खेत पर जाएगा। वह नया सदस्य फार्म देगा। किसान फार्म भरकर आवश्यक मांगे गए दस्तावेजों के साथ कर्मचारी को सौंपे। सहकारी गन्ना विकास समिति मलियाना के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अफसार हुसैन के अनुसार किसानों को कृषि भूमि का राजस्व रिकार्ड अर्थात जमीन की फरद, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रतिलिपि, तीन फोटो भरे हुए फार्म के साथ कर्मचारी को सौंपने होंगे। कर्मचारी किसान को 221 रुपये की रसीद काटकर देगा। इसके बाद किसान समिति का सदस्य बन जाएगा। उन्होंने बताया कि नई नीति के तहत किसान से जमीन के संबंध में घोषणा पत्र लिया जाएगा। पहचान के लिए आधार कार्ड की प्रतिलिपि ली जाएगी। घोषणा पत्र नहीं देने पर किसान का सट्टा संचालित नहीं होगा और गन्ना आपूर्ति की सुविधा भी अनुमन्य नहीं होगी। इस वर्ष शत प्रतिशत सर्वेक्षण जीपीएस से कराया गया है। किसान को अपनी भूमि की स्वत: प्रमाणित खतौनी की प्रतिलिपि के साथ घोषणा पत्र देना होगा। जिन किसानों की मृत्यु हो चुकी है ऐसे बांड को गन्ना पर्यवेक्षक गांव-गांव जाकर बंद करने का काम रहे हैं।