फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Relationships strengthening in lockdown

लॉकडाउन में मजबूत हो रहे रिश्ते

Fri, 22 May 2020 01:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 22 May 2020 01:15 AM IST
विज्ञापन
Relationships strengthening in lockdown
लॉकडाउन में मजबूत हो रहे रिश्ते
विज्ञापन

मेरठ। लॉकडाउन ने भले लोगों को दुनियादारी से दूर कर दिया हो। दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलने का अवसर न मिल रहा हो, लेकिन ये दौर बच्चों के लिए बहुत काम का साबित हो रहा है। करीब दो माह से माता पिता बच्चों के साथ भरपूर वक्त बिता रहे हैं। बच्चों की भी मम्पी पापा और घर के बड़े बुजुर्गों के साथ बॉन्डिंग मजबूत हो रही है। बच्चे परिवार के साथ इस समय को पूरा एन्जॉय कर रह हैं। खासकर नौकरीपेशा लोगों के लिए यह समय बहुत अच्छा रहा है, कामकाज से दूर उन्हाेंने परिवार को भरपूर समय दिया।
पापा के साथ खेल रही नन्ही अर्निका
सिविल लाइन निवासी नमन गर्ग का पूरा समय इन दिनों छोटी बेटी अर्निका के साथ बीत रहा है। नमन और मयूरी की 3 साल की बेटी अर्निका, ब्रेन रेनबो स्कूल में नर्सरी की छात्रा है। नमन कहते हैं रोजाना कारोबार की वजह से इतना मौका नहीं मिलता कि बच्ची को पूरे दिन समय दे पाऊं। लेकिन लॉकडाउन में बेटी के साथ खूब मस्ती कर रहा हूं। उसके बचपन को जीने का मौका मिल गया है। उसे नए नए गेम खेलना सिखा रहा हूं। उसकी हर एक्टिविटी को कैमरे में कैद कर रहा हूं। मम्मी मयूरी भी उनके प्यार को देखकर बहुत खुश हैं। अर्निका दिनभर पापा की गोद में रहती है और उनसे बहुत सारे सवाल पूछती है।
विज्ञापन

पापा कराते हैं दर्श का होमवर्क
पापा की गोद में खेलने वाला दर्श इन दिनों पापा का स्टूडेंट भी बन गया है। विद्या ग्लोबल स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ने वाले दर्श कंसल के पापा प्रतीक कंसल इन दिनों बेटे को पूरा टाइम दे रहे हैं। प्रतीक कहते हैं, आम दिनों में तो सुबह या रात में बेटे के साथ खेलता था। अब उसकी पढ़ाई देखने का भी पूरा मौका मिल रहा है। ऑनलाइन क्लास में मिला होमवर्क भी मैं ही कराता हूं। उसे अनुशासन और संस्कार भी सिखाता हूं। दर्श भी पापा के साथ बहुत खुश है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दादी दे रही पूरा दुलार
शंभूनगर निवासी गीता गुप्ता लॉकडाउन में पोते आव्यान के साथ खूब समय बिता रही हैं। आर्यन सेंट मैरी एकेडमी में सेकंड क्लास में पढ़ता है। गीता कहती हैं, स्कूल में एडमिशन के बाद से बच्चे को वक्त ही नहीं मिलता कि वो हमारे पास बैठ सके। अभी न एक्टिविटी क्लास हैं और न स्कूल जाना है। बच्चे के पास समय ही समय है। आजकल उसके साथ बगीचे में खेलती हूं। दौड़ती हूं और ढेर सारा प्यार करती हूं। लॉकडाउन में परिवार को साथ रहने और बच्चों को अच्छी बातें सिखाने का मौका मिला। आर्यन की मां अंकिता भी बेटे की तरफ से इन दिनों फ्री हैं। उसे संभालने का जिम्मा दादी ने उठा लिया है।

रामायण देखी और सीख रहे संस्कार
शास्त्रीनगर निवासी कमलेश गर्ग इन दिनों नाती पोतों के साथ खूब खुश हैं। कमलेश के पोते राघव और समारा दादी के साथ खेलकर काफी खुश हैं। कमलेश ने पहले बच्चों को रामायण दिखाई और अब श्रीकृष्णा दिखा रही हैं। कमलेश कहती है कि आम दिनों में बच्चे कभी धार्मिक सीरियल नहीं देखते क्योंकि पढ़ाई का बोझ होता है। लॉक डाउन में धार्मिक सीरियल आना शुरू हुए तो हमारे पूरे परिवार ने साथ बैठकर रामायण देखी। राघव और समारा दादी से अनुशासन और संस्कार सीख रहे हैं। सुबह उठकर उनके पैर छूते हैं, नमस्ते करते हैं। सब साथ बैठकर गेम खेल भी खेलते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed